Asian Games 2026: प्रणवी उर्स ने गोल्फ में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण, भारत को दिलाया 18वां गोल्ड
जापान। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय गोल्फर प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मैसूर की 23 वर्षीय प्रणवी एशियाई खेलों में महिला गोल्फ का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने चार दिनों की प्रतियोगिता में 15 अंडर पार 265 का कुल स्कोर बनाया। जापान के आइची प्रांत स्थित कासुगाई कंट्री क्लब के ईस्ट कोर्स पर उन्होंने अंतिम दौर की चुनौती पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
एक स्ट्रोक के अंतर से हासिल की जीत
प्रणवी की जीत का अंतर केवल एक स्ट्रोक रहा। अंतिम दौर में मुकाबला बेहद करीबी हो गया था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी बढ़त बचाकर स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया। उनकी सफलता के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या उस समय 18 पहुंच गई। यह जीत व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ भारतीय महिला गोल्फ के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनी।
गोल्फ में कम स्ट्रोक में कोर्स पूरा करने वाला खिलाड़ी बेहतर स्थान हासिल करता है। ऐसे में एक स्ट्रोक का अंतर बताता है कि मुकाबले में छोटी गलती भी परिणाम बदल सकती थी। प्रणवी ने अंतिम चरण में यही बढ़त सुरक्षित रखी।
तीसरे होल की चुनौती के बाद शानदार वापसी
प्रणवी अंतिम दौर में तीन स्ट्रोक की बढ़त लेकर उतरी थीं। हालांकि, तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी होने से उनकी बढ़त समाप्त हो गई और खिताब की दौड़ कठिन बन गई। इस झटके के बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की। अंतिम दौर में उनका स्कोर इवन पार 70 रहा।
ट्रिपल बोगी का अर्थ किसी होल पर निर्धारित पार से तीन अतिरिक्त स्ट्रोक लेना है, जबकि बर्डी में खिलाड़ी पार से एक स्ट्रोक कम लेता है। प्रणवी ने शुरुआती नुकसान के बाद अपने खेल को संभाला और मुकाबले में बनी रहीं। उनकी वापसी इस स्वर्णिम प्रदर्शन का सबसे उल्लेखनीय हिस्सा रही।
अंतिम होल पर सुरक्षित किया स्वर्ण पदक
प्रणवी ने तीसरे दिन चार अंडर 66 का स्कोर बनाकर अंतिम दौर के लिए मजबूत स्थिति तैयार की थी। निर्णायक दिन उन्होंने प्रतियोगिता के 72वें और अंतिम होल पर पार हासिल किया तथा 15 अंडर पार के कुल स्कोर के साथ पहला स्थान सुनिश्चित किया।
चार दिन की प्रतियोगिता में शुरुआती दौर की बढ़त और अंतिम दिन का संयम, दोनों महत्वपूर्ण रहे। प्रणवी की सफलता केवल एक अच्छे राउंड का परिणाम नहीं थी। उन्होंने पूरे अभियान में ऐसा स्कोर बनाया, जिसने अंतिम दौर के दबाव के बावजूद उन्हें स्वर्ण तक पहुंचाया।
महिला टीम ने भी जीता रजत पदक
व्यक्तिगत स्वर्ण के साथ प्रणवी भारतीय महिला टीम की रजत पदक जीत में भी शामिल रहीं। टीम में उनके साथ अदिति अशोक और दीक्षा डागर थीं। भारतीय तिकड़ी ने 14 अंडर 546 के संयुक्त स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर से स्वर्ण जीता।
टीम प्रतियोगिता में तीन खिलाड़ियों में से दो सर्वश्रेष्ठ स्कोर टीम के कुल परिणाम में गिने जाते हैं। इस सफलता ने प्रणवी के अभियान को दो पदकों वाला बनाया—व्यक्तिगत स्वर्ण और टीम रजत। साथ ही यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला गोल्फ टीम का पहला पदक रहा।
अदिति की उपलब्धि से आगे बढ़ी महिला गोल्फ
इससे पहले अदिति अशोक ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में महिला व्यक्तिगत गोल्फ का रजत पदक जीता था। प्रणवी ने अब महिला वर्ग में भारत को पहली बार स्वर्ण दिलाया है। इस तरह भारतीय महिला गोल्फ की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जुड़ा।
यह महिला गोल्फ का पहला स्वर्ण है; भारत के पुरुष खिलाड़ी पहले एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्फ स्वर्ण जीत चुके हैं। शिव कपूर ने 2002 में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद प्रणवी ने भारत के लिए व्यक्तिगत गोल्फ में स्वर्ण का इंतजार समाप्त किया।
भारत के लिए सफल रही शनिवार की शुरुआत
प्रणवी की जीत से पहले कुमकुम मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण जीता था। इसके बाद गोल्फ में व्यक्तिगत स्वर्ण और महिला टीम रजत मिलने से भारत के पदकों में बढ़ोतरी हुई। शनिवार सुबह भारतीय महिला खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों ने देश के अभियान को मजबूत किया और प्रणवी की ऐतिहासिक जीत प्रमुख सफलताओं में शामिल रही।
