तीन साल से सड़क का इंतजार कर रहा चंदेरी विधानसभा क्षेत्र, ग्रामीण सड़कों को लेकर विधानसभा में बड़ा खुलासा
संवाददाता : राहुल जैन
2023 से अब तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क और मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना में एक भी सड़क स्वीकृत नहीं
Ashoknagar /भोपाल। चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल 2023 से अब तक चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत एक भी सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति नहीं दी गई है।
विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी द्वारा विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 3185 के लिखित उत्तर में सरकार ने यह जानकारी दी। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में ग्रामीण सड़क विकास की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठती रही है, लेकिन अब तक किसी भी नई सड़क परियोजना को मंजूरी नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बनी बड़ी समस्या
चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में कई गांव और बसाहटें ऐसी हैं जहां आज भी बेहतर सड़क सुविधा का अभाव है। विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की पहली आवश्यकता है। सड़क निर्माण होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है, वहीं विद्यार्थियों और मरीजों को भी राहत मिलती है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 12 बसाहटें चिन्हित
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विधानसभा में दिए जवाब में बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत चंदेरी विधानसभा क्षेत्र की 12 बसाहटों को चिन्हित किया गया है। हालांकि इन बसाहटों में सड़क निर्माण की स्वीकृति अभी जारी नहीं हुई है।
सरकार ने बताया कि इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया पात्रता और प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। यानी चिन्हित किए जाने के बावजूद ग्रामीणों को सड़क निर्माण के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना में 71 बसाहटें सूचीबद्ध
वहीं मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत भी क्षेत्र में बड़ी संख्या में संपर्कविहीन बसाहटों की पहचान की गई है। विभाग के अनुसार कुल 132 बसाहटों का सर्वे किया गया, जिसमें 100 से अधिक आबादी वाली 71 ऐसी बसाहटें चिन्हित की गई हैं जहां सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है।
इन बसाहटों में सड़क निर्माण के लिए भी अभी स्वीकृति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। सरकार ने कहा है कि पात्रता और प्राथमिकता के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
न टेंडर जारी हुए, न शुरू हुआ निर्माण कार्य
विधानसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जब किसी सड़क परियोजना को स्वीकृति ही नहीं मिली, तो उसके लिए टेंडर जारी होने या निर्माण कार्य शुरू होने का सवाल ही नहीं उठता।
सरकार ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की स्थिति में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने अथवा किसी कार्रवाई का प्रश्न भी लागू नहीं होता।
विधायक ने उठाए कई सवाल
विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने विधानसभा में सरकार से चंदेरी क्षेत्र की सड़क योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे थे।
उन्होंने जानकारी मांगी थी कि:
- अप्रैल 2023 से अब तक कितनी सड़कों को स्वीकृति दी गई।
- कितनी सड़कों के टेंडर जारी हुए।
- कितने सड़क निर्माण कार्य पूरे किए गए।
- कितनी सड़कें बिना टेंडर के लंबित हैं।
- आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
- इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई।
इन सभी सवालों के जवाब में सरकार ने बताया कि कोई भी सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है, इसलिए टेंडर, निर्माण और कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद और चिंता
विधानसभा में सामने आई इस जानकारी के बाद जहां ग्रामीणों में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है, वहीं लंबे समय से सड़क सुविधा का इंतजार कर रहे लोगों में चिंता भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजनाओं में सड़क निर्माण के लिए गांवों का चयन तो किया जाता है, लेकिन वास्तविक निर्माण शुरू होने में काफी समय लग जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चिन्हित बसाहटों में जल्द से जल्द सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मुख्य तथ्य
- अप्रैल 2023 से अब तक चंदेरी विधानसभा में एक भी ग्रामीण सड़क स्वीकृत नहीं।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में 12 बसाहटें चिन्हित।
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना में 71 संपर्कविहीन बसाहटें सूचीबद्ध।
- अभी तक न टेंडर जारी हुए, न निर्माण शुरू हुआ।
- सरकार ने अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार किया।
ग्रामीण सड़क सुविधा को लेकर सामने आया यह मामला आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
