अशोकनगर में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़: पुलिस कार्रवाई में 10 लोग पकड़े गए, ब्लैकमेलिंग और संपत्ति हड़पने के आरोपों की भी जांच शुरू
यादव कॉलोनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकदी और मोबाइल जब्त; कई गंभीर आरोपों के बाद जांच तेज
अशोकनगर।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित देह व्यापार से जुड़े एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने शहर की यादव कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर कुल 10 लोगों को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 2 लाख 10 हजार रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में की गई। मामले में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में पूछताछ के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।
इसके साथ ही इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में ब्लैकमेलिंग, अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी, झूठे मुकदमे में फंसाने और संपत्ति हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर यादव कॉलोनी में दी गई दबिश
पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई को शहर में संचालित की जा रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने यादव कॉलोनी स्थित एक मकान पर निगरानी रखी और इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से छापामार कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मकान में मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, मौके पर कुछ लोग ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए, जिनके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी मुंगावली सनव बी. खान, एसडीओपी अशोकनगर विवेक शर्मा और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।
10 लोगों पर पुलिस की कार्रवाई, मुख्य आरोपी से पूछताछ जारी
पुलिस जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 10 लोगों को पकड़ा गया। इनमें मकान संचालित करने वाली महिला सीमा अहिरवार और उसका दामाद शामिल हैं, जिन पर कथित रूप से एजेंट की भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा दो अन्य महिलाओं और छह पुरुषों को भी मौके से पकड़ा गया। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गतिविधि कितने समय से संचालित थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 437/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं 3, 4, 5 और 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापे में बरामद हुई नकदी और मोबाइल फोन

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 2 लाख 10 हजार रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जांच एजेंसी मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन उपकरणों का उपयोग किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या संपर्क के लिए किया गया था या नहीं।
बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
ब्लैकमेलिंग और संपत्ति हड़पने का भी सामने आया मामला
इस पूरे मामले में एक अन्य शिकायत ने पुलिस जांच को और गंभीर बना दिया है। शिकायतकर्ता विक्रांत जैन ने आरोप लगाया है कि सीमा अहिरवार, उसकी बेटी अंजली अहिरवार और दामाद भारत अहिरवार द्वारा उन्हें कथित रूप से ब्लैकमेल किया गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी तथा झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने का भय दिखाया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दबाव के चलते उनसे कई प्लॉट अपने नाम कराए गए और एक आर्टिगा कार भी खरीदी गई। इसके बाद भी लगातार पैसों की मांग की जा रही थी।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
ब्लैकमेलिंग मामले में अलग एफआईआर दर्ज
शिकायत के आधार पर अशोकनगर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 438/26 दर्ज किया है।
पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 308(2) और 308(6) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सीमा अहिरवार और भारत अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अंजली अहिरवार की तलाश जारी है।
जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आएंगे पूरे नेटवर्क के तथ्य

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित गतिविधियों का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पहले से इस प्रकार की कोई शिकायत या आपराधिक रिकॉर्ड आरोपियों के खिलाफ मौजूद है या नहीं।
एसपी के निर्देशन में हुई संयुक्त कार्रवाई
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में की गई। इसमें एसडीओपी मुंगावली, एसडीओपी अशोकनगर, थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान सहित कोतवाली पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों, अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा
अशोकनगर पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे अंतिम तथ्य
पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में आरोपों की जांच जारी है। किसी भी आरोपी का दोष न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर तय होगा।
फिलहाल पुलिस दोनों मामलों में जांच आगे बढ़ा रही है और आने वाले समय में पूछताछ एवं जांच के आधार पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अशोकनगर में हुई यह कार्रवाई पुलिस की ओर से अवैध गतिविधियों और कथित संगठित अपराध के खिलाफ उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
