2 करोड़ की लागत से बदलेगी मुक्तिधाम की सूरत, बनेगा पार्क और इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह
संवाददाता : राहुल जैन ,अशोकनगर।
Ashoknagar : किसी भी शहर की विकास गाथा केवल उसकी सड़कों, चौराहों और गगनचुंबी इमारतों से ही नहीं, बल्कि वहाँ के नागरिक जीवन से जुड़ी हर एक बुनियादी और संवेदनशील व्यवस्था से तय होती है। इसी सोच के साथ अशोकनगर नगर पालिका परिषद ने शहर के मुख्य मुक्तिधाम के कायाकल्प की एक बेहद महत्वाकांक्षी और संवेदनशील योजना पर काम शुरू किया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुक्तिधाम को एक पारंपरिक, डरावने या उदास स्थल के बजाय एक शांत, स्वच्छ, आधुनिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध परिसर में तब्दील करना है।नगर पालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया ने इस वृहद सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण योजना का विस्तृत खाका सामने रखा है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका का लक्ष्य मुक्तिधाम को इतना सुंदर और व्यवस्थित बनाना है कि वहाँ आने वाले नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े, बल्कि उन्हें एक गरिमामय और शांत वातावरण की अनुभूति हो।
वर्तमान में पूर्ण और प्रगतिरत कार्य एक साथ 8 अंतिम संस्कार की सुविधा-
मुक्तिधाम के पहले चरण के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम तेजी से किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि मुक्तिधाम परिसर में एक विशाल और आधुनिक टीन शेड का निर्माण किया गया है।इस शेड के नीचे कुल आठ भट्टियों का निर्माण किया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आपातकालीन परिस्थितियों में या एक से अधिक मृत्यु होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक साथ आठ अंतिम संस्कार पूरी गरिमा के साथ यहाँ किए जा सकेंगे। ओर शेड के दोनों तरफ सुंदर पोर्च बनाए गए हैं। इसके साथ ही, अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले आम नागरिकों के बैठने के लिए सामने की ओर दो बड़े पवेलियन स्थापित किए गए हैं एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए, छोटे बच्चों को दफनाने के लिए परिसर के पिछले हिस्से में एक अलग और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
अगला बड़ा कदम 2 करोड़ का नया टेंडर और इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह-
अशोकनगर को आधुनिक शहरों की कतार में खड़ा करने के लिए नगर पालिका परिषद ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नीरज मनोरिया ने जानकारी दी कि पिछले दिनों नपा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत लगभग दो करोड़ रुपए का एक नया टेंडर स्वीकृत किया गया है। हम अशोकनगर के मुक्तिधाम को महानगरों की तर्ज पर विकसित कर रहे हैं। 2 करोड़ की इस नई योजना के तहत शहर में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह का निर्माण किया जाएगा। अशोकनगर नगर पालिका द्वारा उठाया गया यह कदम स्थानीय राजनीति और विकास कार्यों में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर विकास का पैमाना केवल मुख्य बाजारों और सड़कों तक सीमित रह जाता है, लेकिन मुक्तिधाम जैसी जगहों पर ध्यान देकर परिषद ने अपनी दूरगामी और संवेदनशील सोच का परिचय दिया है।
