सहकारी समिति कर्मचारियों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, राशन विसंगतियों और वेतन अनियमितता पर जताया विरोध
संवाददाता: राहुल जैन, अशोकनगर
उचित मूल्य दुकानों के संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर कर्मचारियों ने उठाई आवाज
Ashoknagar । मध्य प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ, अशोकनगर ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन में आ रही व्यावहारिक, आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने कार्यों का संचालन कर सकें।
कमीशन और वेतन भुगतान में अनियमितता से आर्थिक संकट
कर्मचारी संघ ने ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा उचित मूल्य दुकान कर्मचारियों के कमीशन और वेतन भुगतान की अनियमितता को बताया है।
संघ के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाली राशि नियमित रूप से जारी नहीं की जाती है। कई बार भुगतान में कई महीनों का अंतर आ जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें तीन महीने में केवल एक बार और वह भी निश्चित समय पर नहीं मिलने वाला भुगतान मिलता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
कर्मचारियों ने बताया कि उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने के लिए उन्हें कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। दुकान का संचालन, रिकॉर्ड संधारण, राशन वितरण और अन्य जिम्मेदारियां पूरी करने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार नियमित मानदेय दिया जाए, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर तरीके से कर सकें।
राशन आपूर्ति व्यवस्था में कमी का आरोप
ज्ञापन में कर्मचारियों ने राशन आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा बिना किसी पूर्व परीक्षण या सत्यापन के धर्म कांटे से सीधे राशन सामग्री उचित मूल्य दुकानों पर भेज दी जाती है।
संघ का कहना है कि जब राशन सामग्री दुकानों तक पहुंचती है तो उसमें कई बार कमी पाई जाती है। कर्मचारियों के अनुसार, यह कमी लगभग 1.5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत तक होती है।
इस कमी का सीधा असर उचित मूल्य दुकान संचालकों पर पड़ता है, क्योंकि उन्हें कम प्राप्त हुए राशन का हिसाब देना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना उनकी गलती के उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने मांग की है कि राशन सामग्री की आपूर्ति से पहले सही तरीके से तौल और सत्यापन की व्यवस्था की जाए, ताकि दुकानदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कर्मचारियों ने प्रशासन को कराया समस्याओं से अवगत
मध्य प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य दुकान कर्मचारी शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर लागू करने का कार्य करते हैं।
गरीब परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने में इन कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द आवश्यक निर्णय लिया जाए।
नियमित मानदेय और बेहतर व्यवस्था की मांग
कर्मचारी संघ ने मांग की है कि उचित मूल्य दुकान कर्मचारियों को नियमित मानदेय दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित भुगतान मिलने से कर्मचारी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और अपने कार्यों को अधिक जिम्मेदारी के साथ पूरा कर पाएंगे।
इसके साथ ही राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि राशन की तौल और गुणवत्ता की जांच की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे किसी भी पक्ष को नुकसान न हो।
संघ ने यह भी मांग रखी कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से अब आंदोलन की स्थिति बन रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं, लेकिन आर्थिक समस्याओं के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है।
उचित मूल्य दुकानों की भूमिका महत्वपूर्ण
उचित मूल्य दुकानें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके माध्यम से सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
इन दुकानों के संचालन में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे राशन वितरण से लेकर रिकॉर्ड तैयार करने तक कई जिम्मेदारियां निभाते हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर वेतन और उचित सुविधाएं मिलेंगी तो वे सरकार की योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू कर सकेंगे।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल कर्मचारी संघ द्वारा ज्ञापन सौंप दिया गया है। अब कर्मचारियों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।
कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाला जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया जा सकता है।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
निष्कर्ष:
सहकारी समिति कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों में वेतन भुगतान की अनियमितता, राशन आपूर्ति में कमी और कार्य संबंधी परेशानियां प्रमुख हैं। कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
