अशोकनगर अवैध कब्जा कार्रवाई: एसडीएम न्यायालय ने 2 आरोपियों को भेजा सिविल जेल, कब्जा हटाने के बाद मिली रिहाई
राहुल जैन | अशोकनगर | दैनिक स्वराज वाणी
अशोकनगर में अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई
अशोकनगर अवैध कब्जा कार्रवाई के तहत प्रशासन ने सरकारी निर्देशों के अनुरूप सख्त कदम उठाते हुए भूमि विवाद के एक मामले में दो आरोपियों को सिविल जेल भेजा। बाद में विवादित भूमि से कब्जा हटाने और शपथ पत्र प्रस्तुत किए जाने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई को जिले में अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रशासन की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
आवेदक देशराज सिंह पुत्र भगवत सिंह, जाति रघुवंशी, निवासी ग्राम सोनेरा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम सोनेरा स्थित उनकी भूमि सर्वे क्रमांक 565, रकबा 0.115 हेक्टेयर पर केशरी सिंह पुत्र रन्छोर सिंह रघुवंशी एवं प्रकाश पुत्र रन्छोर रघुवंशी, निवासी सोनेरा द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था।मामले की जांच के बाद तहसीलदार अशोकनगर ने सिविल जेल की कार्रवाई के लिए प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालय, अशोकनगर को भेजा।
सिविल जेल की कार्रवाई कैसे हुई
अशोकनगर अवैध कब्जा कार्रवाई के दौरान एसडीएम न्यायालय ने दोनों अनावेदकों को नोटिस जारी किए। नोटिस मिलने के बावजूद दोनों न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।इसके बाद न्यायालय ने उनके विरुद्ध जेल वारंट जारी कर दिया।थाना प्रभारी कचनार द्वारा वारंट की तामील कराते हुए 25 जून 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सिविल जेल भेज दिया गया।
कब्जा हटाने के बाद मिली रिहाई
जेल भेजे जाने के बाद दोनों अनावेदकों ने विवादित भूमि से कब्जा हटाकर न्यायालय के समक्ष शपथ पत्र एवं प्रतिज्ञा पत्र प्रस्तुत किया।इसके पश्चात एसडीएम श्री इसरार खान ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों को जेल से रिहा करने के आदेश दिए।आवेदक देशराज सिंह ने भी न्यायालय में लिखित रूप से पुष्टि की कि उन्हें उनकी भूमि का कब्जा वापस मिल गया है।
एसडीएम इसरार खान का बयान
एसडीएम श्री इसरार खान ने बताया कि कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के निर्देशानुसार जिले में भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े गंभीर मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य राजस्व न्यायालय के आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना और भूमि पर अवैध कब्जों को समाप्त करना है। इसी क्रम में अशोकनगर अवैध कब्जा कार्रवाई के तहत सिविल जेल की कार्यवाही की गई।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि किसी सरकारी या निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया जाता है अथवा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में राजस्व न्यायालय के आदेशों का पालन न करने वालों के विरुद्ध आवश्यकता पड़ने पर सिविल जेल जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
निष्कर्ष
अशोकनगर अवैध कब्जा कार्रवाई यह संदेश देती है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। कब्जा हटाने के बाद आवेदक को उसकी भूमि वापस मिल गई, जिससे मामले का समाधान न्यायालय की निगरानी में हुआ।

