इंदौर-देवास हाईवे पर अर्जुन बड़ौदा के पास निर्माणाधीन पुल के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शिप्रा से अर्जुन बड़ौदा तक लगभग 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब दो घंटे से अधिक समय लग रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यह दूरी महज 15-20 मिनट में तय हो जाती थी। यह स्थिति यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है।
पुल निर्माण कार्य और उसकी चुनौतियाँ
अर्जुन बड़ौदा के पास 85 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बन रहा है, जो पिछले एक साल से अधूरा पड़ा है। निर्माण एजेंसी ने ट्रैफिक को सर्विस रोड पर डायवर्ट किया है, लेकिन इस सर्विस रोड की हालत अत्यंत खराब है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर वाहन चलाना जोखिम से भरा है, जिससे जाम की स्थिति और भी विकट हो गई है। बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ गई है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरने से वाहन फंसने की घटनाएँ बढ़ी हैं।
जाम की गंभीरता और यात्री अनुभव
जून 2025 में अर्जुन बड़ौदा पर 36 घंटे से अधिक समय तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान, 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को 2 घंटे से अधिक समय लग रहा था। इस जाम में फंसे एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। इसके अलावा, एंबुलेंस को भी जाम में रास्ता नहीं मिल पाया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
प्रशासन की निष्क्रियता और जनता की नाराजगी
निर्माण कार्य के बावजूद प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। सर्विस रोड की मरम्मत के लिए डामरीकरण किया गया, लेकिन ट्रैफिक के दबाव के कारण वह भी उखड़ गया। स्थानीय लोग और यात्री प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज हैं और समाधान की मांग कर रहे हैं।
वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था
अर्जुन बड़ौदा के पास जाम की स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने दो वैकल्पिक मार्गों पर विचार किया है। इन मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए पुलिस विभाग से 50 जवानों की मांग की गई है। इसके अलावा, टोल वसूली के बावजूद यात्री सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे जनता में और भी असंतोष बढ़ा है।
भविष्य की योजना और समाधान
स्थानीय विधायक और सांसद ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों से बैठक कर समाधान की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि वे सर्विस रोड की मरम्मत शीघ्र करें और ट्रैफिक डायवर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाएं। इसके अलावा, यातायात की सुगमता के लिए वैकल्पिक मार्गों पर भी काम किया जा रहा है।
अर्जुन बड़ौदा के पास निर्माणाधीन पुल के कारण उत्पन्न जाम की स्थिति ने इंदौर-देवास हाईवे पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित किया है। स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसी को चाहिए कि वे इस समस्या का शीघ्र समाधान करें, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो।


