अप्रतिम 2026 का भव्य शुभारंभ: IIST इंदौर में 4,000 से अधिक विद्यार्थी दिखाएंगे अपनी प्रतिभा, 12 से 14 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन
खेल, ज्ञान, रचनात्मकता और नवाचार का संगम, विजेताओं और उपविजेताओं के लिए 2 लाख रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि
इंदौर, 12 अक्टूबर। IIST ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, इंदौर द्वारा आयोजित मध्य भारत की सबसे बड़ी अंतर्विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में से एक “अप्रतिम प्रज्ञा 2026” और “अप्रतिम इंटर-स्कूल स्पोर्ट्स लीग 2026” का भव्य शुभारंभ आईआईएसटी इंदौर परिसर में हुआ। 12 से 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के 145 से अधिक विद्यालयों के 4,000 से अधिक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
दीप प्रज्वलन, मार्च पास्ट और बीएसएफ बैंड का गार्ड ऑफ ऑनर
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अनुशासित और उत्साहपूर्ण मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि एवं आईआईएसटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के ग्रुप एडवाइजर अरुण एस. भटनागर ने अप्रतिम 2026 की मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बैंड ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, जिससे समारोह गरिमामय बन गया।
सात वर्षों से हो रहा है आयोजन
आईआईएसटी ग्रुप पिछले सात वर्षों से अप्रतिम प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है। इस वर्ष कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं
- खेल: क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और पिकलबॉल
- बौद्धिक एवं रचनात्मक: वाद-विवाद, विज्ञान परियोजना मॉडल, “आइडिया टू स्टार्ट-अप: पिचाथॉन” और देशभक्ति गीतों पर आधारित समूहगान
इन प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को खेल प्रतिभा के साथ तार्किक चिंतन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रभावी अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता और उद्यमशीलता दिखाने का मौका मिलेगा। विजेताओं और उपविजेताओं के लिए कुल दो लाख रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि तय की गई है।
“सर्वांगीण विकास ही संस्थान का उद्देश्य”: अरुण भटनागर
अरुण एस. भटनागर ने सभी प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की और उन्हें खेल भावना, अनुशासन और परस्पर सम्मान के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना भी है। यह तभी संभव है, जब शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, रचनात्मकता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को भी समान महत्व मिले।
उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, सहयोग, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने की क्षमता विकसित करते हैं। वहीं वाद-विवाद, समूहगान, विज्ञान मॉडल और पिचाथॉन जैसी गतिविधियां तार्किक सोच, अभिव्यक्ति कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देती हैं। भटनागर ने कहा कि प्रतियोगिताओं में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन असली उपलब्धि निरंतर सीखने, कमियों को पहचानने और एक बेहतर इंसान बनने में है।
ये रहे उपस्थित
शुभारंभ समारोह में आईआईएसटी के प्राचार्य डॉ. केशव पाटीदार, आईआईपी की प्राचार्या डॉ. निमिता मनोचा और आईआईएमआर के प्राचार्य डॉ. विवेक उपरित सहित संस्थान के अन्य पदाधिकारी और आयोजन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
