भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी स्मार्टफोन कंपनियों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें कहा गया है कि भारत में बिक्री के लिए तैयार होने वाले सभी स्मार्टफोन्स में साइबर सेफ्टी ऐप ‘संचार साथी’ को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा।
सरकार ने कंपनियों को इसे फॉलो करने के लिए 90 दिन का समय दिया है, और 120 दिनों के बाद सभी कंपनियों को अपनी रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। जिन फोन को पहले ही तैयार किया जा चुका है, उन्हें OTA (Over-the-Air) सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यह ऐप इंस्टॉल किया जाएगा।
Apple सरकार के आदेश का पालन नहीं करेगी :
सूत्रों के मुताबिक, Apple इस गाइडलाइन का पालन करने के पक्ष में नहीं है और वह सरकार के साथ इस विषय पर बातचीत करने की योजना बना रही है। कंपनी का कहना है कि दुनिया में कहीं भी ऐसे किसी भी ऑर्डर का पालन नहीं किया जाता और इसका असर उनके इकोसिस्टम पर पड़ेगा।

संचार साथी ऐप की विशेषताएं :
- चोरी हुए फोन को ट्रैक करना
- खोए या चोरी हुए डिवाइस को ब्लॉक करना
- फोन के दुरुपयोग को रोकना
हालांकि, यूजर्स को यह विकल्प मिलेगा कि वे ऐप को अपने मोबाइल में रखना या हटाना चाहते हैं।
प्राइवेसी पर सवाल :
सरकार के इस फैसले के बाद कई लोगों ने प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हालांकि DoT ने स्पष्ट किया है कि ऐप को इंस्टॉल करना अनिवार्य है, लेकिन इसे रखना या डिलीट करना मोबाइल यूजर की पसंद पर निर्भर करेगा।
