Anuppur पुलिस का महाअभियान: नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर स्कूलों तक पहुंची ट्रैफिक पाठशाला
संवाददाता :अभिषेक द्विवेदी
तीन प्रमुख स्कूलों में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
Anuppur । जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अनूपपुर पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस द्वारा संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अभियान का विस्तार करते हुए जिले के तीन प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों—केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर—में ‘ट्रैफिक पाठशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
250 से अधिक विद्यार्थियों को दी गई सड़क सुरक्षा की जानकारी
ट्रैफिक पाठशाला के माध्यम से तीनों विद्यालयों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
यातायात पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक सिग्नल के सही उपयोग, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीके, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही कई बार गंभीर दुर्घटना का कारण बन जाती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों को अपनी आदत का हिस्सा बनाना चाहिए।
नशे के दुष्परिणामों से विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान केवल सड़क सुरक्षा ही नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को शराब, नशीले पदार्थों और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार दोनों को प्रभावित करता है। कई बार नशे की आदत अपराध, सड़क दुर्घटनाओं और सामाजिक समस्याओं का कारण भी बनती है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्ति और यातायात नियम पालन का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक नशे से दूर रहने और हमेशा यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली।
विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज में भी सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएंगे।
शपथ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह यह दर्शा रहा था कि युवा पीढ़ी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार है।
जागरूक विद्यार्थी बनेंगे समाज के संदेशवाहक
यातायात पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनता है। यदि विद्यार्थी अभी से यातायात नियमों और नशामुक्त जीवन के महत्व को समझेंगे, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।
पुलिस ने कहा कि छात्र अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नियमों के पालन के लिए प्रेरित कर सकते हैं। युवा वर्ग सड़क सुरक्षा और नशामुक्त समाज के निर्माण में सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

अभिभावकों और शिक्षकों में भी बढ़ा विश्वास
अनूपपुर पुलिस की इस पहल से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों में भी सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।
शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यवहार और सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं। सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होना आवश्यक है।
सुरक्षित और स्वस्थ समाज की दिशा में पहल
अनूपपुर पुलिस का यह अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले में सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करने की दिशा में एक निरंतर प्रयास है।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश पहुंचे। इसके लिए स्कूलों और युवाओं को केंद्र में रखकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
अनूपपुर पुलिस की यह पहल समाज में जिम्मेदारी, अनुशासन और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
