पीपलरावाँ में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान: थाना प्रभारी सुबोध गौतम ने विद्यार्थियों को दिलाई नशे से दूर रहने की शपथ
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत स्कूल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
पीपलरावाँ। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत थाना पीपलरावाँ क्षेत्र के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम चौबारा धीरा में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।
यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मध्यप्रदेश के निर्देशन में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एच.एन. बाथम तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी सुबोध गौतम सहित थाना पीपलरावाँ के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी सुबोध गौतम ने विद्यार्थियों को शराब, चरस, गांजा, अफीम तथा अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। नशे की वजह से अपराध, सड़क दुर्घटनाएं, पारिवारिक कलह और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता का मार्ग अनुशासन, शिक्षा और सकारात्मक सोच से होकर गुजरता है, न कि नशे के माध्यम से।
रिल्स और शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित जागरूकता रिल्स और लघु फिल्में भी दिखाई गईं। इन फिल्मों के माध्यम से यह बताया गया कि नशा किस प्रकार व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
दृश्य माध्यमों के जरिए दी गई जानकारी ने विद्यार्थियों को नशे के प्रति सजग रहने और इसके दुष्परिणामों को बेहतर ढंग से समझने में मदद की।
विद्यार्थियों ने ली नशामुक्त रहने की शपथ
कार्यक्रम के अंत में थाना प्रभारी सुबोध गौतम ने सभी छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण सहित लगभग 150 से 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे सही मार्गदर्शन देने का प्रयास करें तथा समाज में नशा मुक्त वातावरण बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।

युवाओं की भागीदारी से सफल होगा अभियान
मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के माध्यम से नहीं, बल्कि जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता से भी जीती जा सकती है। विद्यालयों में आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सही दिशा देने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और समाज के सहयोग से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा करेगा तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
