पावई में श्रद्धा-भक्ति के साथ वार्षिक मेला सम्पन्न, भगवान नमिनाथ के महामस्तकाभिषेक में उमड़े श्रद्धालु
मनोज जैन नायक
मुरैना/भिण्ड। भगवान नमिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पावई में वार्षिक मेला महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। पूर्व वर्षों की परंपरा के अनुसार कुंवार बदी तीज पर आयोजित महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भगवान नमिनाथ के पूजन, विधान, शोभायात्रा और महामस्तकाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी होकर भगवान की आराधना की।
महोत्सव में सुबह से दोपहर तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। श्रीजी के पूजन से शुरू हुआ आयोजन शोभायात्रा, महामस्तकाभिषेक, शांतिधारा और आरती के साथ आगे बढ़ा। इस अवसर पर आगामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की तैयारियों की जानकारी भी दी गई।
श्रीजी के पूजन और नमिनाथ विधान से हुआ शुभारंभ
वार्षिक मेला महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 8 बजे श्रीजी के पूजन एवं श्री 1008 नमिनाथ विधान के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान नमिनाथ की आराधना करते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। अतिशय क्षेत्र में आयोजित इस वार्षिक आयोजन में समाजजन एकत्रित हुए और परंपरानुसार पूजन सम्पन्न किया गया।
पूजन और विधान महोत्सव के शुरुआती कार्यक्रम रहे। इसके बाद दोपहर में भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। दिनभर के धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वार्षिक मेले के अवसर पर तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी रही।
बैंड-बाजों के साथ निकली भगवान नमिनाथ की शोभायात्रा
दोपहर 2 बजे भगवान नमिनाथ की भव्य शोभायात्रा बैंड-बाजों एवं भक्ति संगीत के साथ निकाली गई। शोभायात्रा ने गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया। इस दौरान महिलाएं, पुरुष और बच्चे भजनों की धुन पर झूमते तथा नृत्य करते नजर आए। भगवान की शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भक्ति संगीत के बीच बुजुर्ग श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता से शोभायात्रा में सामूहिक भक्ति का वातावरण रहा। गांव के मार्गों का भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां आगे के धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए।
महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा में रही विशेष उत्सुकता
शोभायात्रा के मंदिर परिसर पहुंचने के बाद भगवान नमिनाथ का महामस्तकाभिषेक किया गया। अभिषेक में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। भगवान की आराधना के इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
प्रथम कलश, चार कलश एवं शांतिधारा का आयोजन बोली के माध्यम से किया गया। श्रद्धालुओं ने इन धार्मिक क्रियाओं में सहभागिता की। महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा के पश्चात भगवान की आरती की गई। पूजन से लेकर आरती तक महोत्सव के सभी प्रमुख कार्यक्रम श्रद्धा-भक्ति के साथ सम्पन्न हुए।
संतोष जैन ‘चाचा’ ने की अध्यक्षता, राजीव जैन रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। महिला जैन महासभा द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष जैन ‘चाचा’ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राजीव जैन, कमिश्नर दिल्ली उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. राधेश्याम शर्मा एवं उत्तमचंद जैन सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अतिथियों और समाजजनों की उपस्थिति में धार्मिक कार्यक्रम आगे बढ़े। वार्षिक मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं के साथ समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
बड़ी संख्या में समाजजन हुए शामिल
इस अवसर पर प्रमोद जैन डब्बू, जिनेंद्र जैन पुजारी, प्रमोद जैन इटावा, रमेशचंद जैन, ओमप्रकाश अग्रवाल ‘बाबूजी’, विनय जैन, विजय जैन, मनोज जैन ‘दादा’, प्रमोद जैन ‘गप्पू’, राजीव जैन पार्षद, मनोज जैन, सुभाष जैन, पदमचंद जैन, फूलचंद जैन, राजेश जैन ‘बंटी’, संजीव जैन, नवीन जैन और पीयूष जैन उपस्थित रहे।
अनिल जैन, नरेंद्र जैन, धर्मेंद्र जैन, आनंद जैन, नंदकिशोर जैन, कमलेश जैन, मेला संयोजक संतोष जैन, धर्मेंद्र जैन, चक्रेश जैन, अनिल जैन, अशोक जैन, विजय जैन, पंकज जैन, सोनल पत्रकार एवं मोनू मुरार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजजन भी आयोजन में शामिल हुए।
31 जनवरी से 4 फरवरी 2027 तक होगा पंचकल्याणक महोत्सव
अतिशय क्षेत्र पावई स्थित पावागढ़ पावई जैन मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार के पश्चात पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तारीख 31 जनवरी से 4 फरवरी 2027 निर्धारित की गई है। मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। भगवान की प्रतिमाओं को विराजमान करने की तैयारियां भी चल रही हैं।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में पार्षद मनोज जैन ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में सम्पन्न होगा। आयोजन को लेकर कमेटी द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। जीर्णोद्धार के बाद होने वाले इस महोत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
आवागमन, आवास और भोजन की व्यवस्थाओं पर काम
आगामी महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए आयोजन कमेटी आवागमन, आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की योजना बना रही है। श्रद्धालुओं की संभावित संख्या के अनुसार तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आयोजकों ने समाजजनों और श्रद्धालुओं से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया है। वार्षिक मेले के सम्पन्न होने के साथ अब आगामी आयोजन की तैयारियां भी जारी हैं।
