गुरु पूर्णिमा पर Anjana Group of Institutions में वृक्षारोपण एवं ‘वार्ता – विद्यार्थियों से संवाद’ का भव्य आयोजन
शिक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कौशिक पण्डित कुशाग्र समाचार सेवा मनावर जिला धार मध्य प्रदेश
धार।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर Anjana Group of Institutions (AGI) में ज्ञान, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान द्वारा वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ “वार्ता – विद्यार्थियों से संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन के बीच शिक्षा, नवाचार, तकनीक और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, संकाय सदस्य एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री जितेन्द्र सिंह आंजना, चेयरमैन, आंजना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स रहे, जबकि श्री राहुल पटेल, वाइस चेयरमैन, AGI विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान के रजिस्ट्रार श्री अविनाश पाटिल ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
संस्थान की विजन और मिशन पर विशेष संवाद
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण “वार्ता – विद्यार्थियों से संवाद” सत्र में डॉ. सुयश झवर, ग्रुप डायरेक्टर, AGI ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को संबोधित किया।
उन्होंने संस्थान की Vision, Mission और Future Action Plan को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का समय केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि कौशल, नेतृत्व क्षमता और नवाचार विकसित करने का है। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।
डॉ. झवर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग, समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना है। उन्होंने संस्थान द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी भी साझा की।
Activity-Based Teaching और AI पर दिया विशेष जोर
अपने संबोधन में डॉ. सुयश झवर ने Activity-Based Teaching (ABT) को प्रभावी शिक्षण प्रणाली बताते हुए कहा कि व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और परिणामकारी बनती है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में Artificial Intelligence (AI) शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और व्यवसाय सहित प्रत्येक क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इसलिए विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही AI आधारित तकनीकों से परिचित कराना आवश्यक है।
उन्होंने विशेष रूप से MBA, BBA, B.Com., B.Pharm., D.Pharm. तथा Nursing पाठ्यक्रमों में AI के समावेश की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य में वही विद्यार्थी अधिक सफल होंगे जो नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे।
प्रेरक उदाहरणों से बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
संवाद सत्र के दौरान डॉ. झवर ने अनेक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए तथा वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अकादमिक नेतृत्व (Academic Leadership) की अवधारणा समझाई।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि अनुशासन, निरंतर सीखने की इच्छा और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता से प्राप्त होती है। उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक अनुभव, शोध, नवाचार और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, हुआ वृक्षारोपण अभियान
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संस्थान परिसर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत मुख्य अतिथियों, प्रबंधन, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों द्वारा आम, बेलपत्र (बिल्व), नीम और जामुन सहित अनेक छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ जीवन का आधार भी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
संस्थान ने हरित परिसर (Green Campus) एवं सतत विकास (Sustainable Development) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर चलाने की बात कही।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। गुरु पूर्णिमा की महिमा, भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
देशभक्ति, संस्कृति और प्रेरणा से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कुशल संचालन ने कार्यक्रम को बनाया यादगार
सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन प्रो. शशांक जैन द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं गरिमामयी शैली में किया गया। उनके सुव्यवस्थित संचालन के कारण कार्यक्रम समयबद्ध, अनुशासित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ज्ञान, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
शिक्षा और पर्यावरण का प्रेरणादायी संगम
आंजना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल गुरु पूर्णिमा का उत्सव नहीं था, बल्कि शिक्षा, तकनीक, नेतृत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश भी था।
“वार्ता – विद्यार्थियों से संवाद” ने विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति नई सोच प्रदान की, वहीं वृक्षारोपण अभियान ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत किया। आधुनिक शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाला यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं स्मरणीय बन गया।
