प्रसव के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए लापरवाही के आरोप
रेफर के समय ऑक्सीजन सुविधा नहीं होने का आरोप, रास्ते में बदला गया वाहन; जिला अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत
आसपुर खोड। प्रसव के दौरान एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने खोड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार और बेहतर रेफरल व्यवस्था नहीं मिलने के कारण यह दुखद घटना हुई।
जानकारी के अनुसार, आसपुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति परिहार को प्रसव पीड़ा के बाद खोड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्रसव के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, जब उनकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी, तब उन्हें रेफर किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि जब प्रीति परिहार की स्थिति नाजुक हो गई, तब उन्हें रेफर किया गया।
एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सुविधा नहीं होने का आरोप
मृतका के पति वीरू परिहार और परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस एम्बुलेंस वाहन से उन्हें रेफर किया गया, उसमें ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। गंभीर हालत में मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता थी, लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण परेशानी बढ़ गई।
परिजनों के अनुसार, एम्बुलेंस की गति भी कम थी और रास्ते में मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। स्थिति खराब होने पर रास्ते में ही दूसरा वाहन बदलना पड़ा। इसके बावजूद प्रीति परिहार को बचाया नहीं जा सका और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
पति और परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद मृतका के पति वीरू परिहार और अन्य परिजनों ने खोड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ड्यूटी नर्स और अन्य स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और बेहतर रेफरल व्यवस्था मिल जाती तो शायद प्रीति परिहार की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों ने इस संबंध में खोड पुलिस थाने में आवेदन देकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही खोड पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत मर्ग कायम कर मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे और स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद स्टाफ, उपचार प्रक्रिया, रेफर किए जाने के समय की स्थिति तथा एम्बुलेंस व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
पुलिस द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन रेफरल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर सुविधा मिलना बेहद जरूरी है, विशेषकर प्रसव जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन सुविधाओं, एम्बुलेंस व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को और बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच के निष्कर्षों पर है।
कुनाल तिवारी
संवाददाता, दैनिक स्वराज वाणी
