अनंत चतुर्दशी पर आज इंदौर में निकलेगा 9 किलोमीटर से लंबा चल समारोह, भोपाल-उज्जैन-ग्वालियर में भी विसर्जन की तैयारी
103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से शुरू होगा इंदौर का समारोह; दोपहर बाद कई रास्तों पर बदलेगी यातायात व्यवस्था
इंदौर, 25 सितंबर 2026। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इंदौर में इस अवसर पर पारंपरिक झांकियों का चल समारोह निकलेगा। शहर की करीब 103 साल पुरानी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से झांकियां निकलना शुरू होंगी। समारोह का मार्ग नौ किलोमीटर से अधिक लंबा बताया गया है। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भी विसर्जन को लेकर तैयारियां की गई हैं।
इंदौर में झांकियों को देखने बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है। इसी कारण समारोह के मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। शहरवासियों को शाम का इंतजार किए बिना दोपहर से ही अपने आने-जाने के रास्तों की जानकारी देख लेनी चाहिए।
इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा
अनंत चतुर्दशी का चल समारोह इंदौर की पहचान बन चुका है। विभिन्न संस्थाओं की झांकियां शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होकर गुजरती हैं। इस वर्ष 22 से अधिक झांकियां तैयार होने की जानकारी सामने आई है। इनमें धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक विषय भी प्रस्तुत किए जाएंगे। झांकियों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालु और दर्शक जुटते हैं।
इस परंपरा का आकर्षण केवल झांकियों तक सीमित नहीं है। रोशनी, संगीत और चल समारोह में भाग लेने वाले दल पूरे आयोजन को उत्सव का रूप देते हैं। कई परिवार हर साल इस अवसर पर शहर के पुराने हिस्सों में पहुंचकर झांकियां देखते हैं। भीड़ को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों के साथ जाने वाले लोगों के लिए पहले से मिलने का स्थान तय कर लेना उपयोगी रहेगा।
किस मार्ग से गुजरेंगी झांकियां?
प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली झांकियां डीआरपी लाइन चौराहे पर पहुंचेंगी। इसके बाद चल समारोह चिकमंगलूर चौराहा, जेल रोड, एमजी रोड, मृगनयनी, फ्रूट मार्केट, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नृसिंह बाजार, क्लॉथ मार्केट, खजूरी बाजार और राजवाड़ा क्षेत्र से होकर आगे बढ़ेगा। समारोह के दौरान इन मार्गों और आसपास की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
झांकियां धीरे-धीरे आगे बढ़ती हैं, इसलिए किसी एक स्थान पर उनके पहुंचने का समय शाम 6 बजे का शुरुआती समय समझकर तय नहीं करना चाहिए। दर्शकों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखना होगा। किसी विशेष चौराहे या सड़क की तत्काल स्थिति के लिए यातायात पुलिस की ताजा सूचना देखना बेहतर रहेगा।
दोपहर 3 बजे से यातायात बदलाव
इंदौर यातायात पुलिस की घोषित व्यवस्था के अनुसार, 25 सितंबर को दोपहर 3 बजे से चल समारोह समाप्त होने तक कई रास्तों पर डायवर्जन लागू रहेगा। नंदलालपुरा, यशवंत रोड, नृसिंह बाजार, राजवाड़ा और आसपास के कई क्षेत्रों में पार्किंग पर भी रोक की सूचना है। ऐसे में निजी वाहन से झांकी मार्ग के करीब जाने की योजना बना रहे लोगों को निर्धारित पार्किंग और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले लेनी चाहिए।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अस्पताल जाने वाले यात्रियों के लिए समय पर निकलना खास तौर पर जरूरी है। मार्ग में भीड़ और डायवर्जन के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने से समारोह के साथ जरूरी यातायात भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा।
भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में विसर्जन
अनंत चतुर्दशी पर इंदौर के अलावा भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भी गणेश प्रतिमाओं की विदाई के लिए श्रद्धालु निकलेंगे। सार्वजनिक पंडालों और घरों में विराजित प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक ले जाने की तैयारियां की गई हैं। अलग-अलग शहरों में विसर्जन स्थल, समय और यातायात की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन के अनुसार होगी।
श्रद्धालुओं को अपने शहर में निर्धारित विसर्जन स्थल और वहां पहुंचने के मार्ग की स्थानीय सूचना का पालन करना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को साथ रखें और जलाशय के किनारे प्रशासन द्वारा तय सुरक्षित क्षेत्र से आगे न जाएं। शाम और रात के समय दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।
उत्सव के साथ सुरक्षा का भी रखें ध्यान
चल समारोह में शामिल होने या झांकियां देखने जा रहे लोग अपने साथ कम सामान रखें। मोबाइल फोन चार्ज रखें और परिवार के सदस्यों को बताएं कि वे समारोह के किस हिस्से में हैं। रास्ते में अवरोध दिखे तो भीड़ को धक्का देकर आगे बढ़ने के बजाय पुलिस या स्वयंसेवकों के निर्देशों के अनुसार चलें।
इंदौर में आज शाम से शहर की ऐतिहासिक झांकी परंपरा फिर सड़कों पर दिखाई देगी। वहीं प्रदेश के अन्य शहरों में “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ श्रद्धालु बप्पा को विदाई देंगे।
