“मैं समाज हित, एकता और समाज के विकास के लिए कार्य करूंगा” – Anand Godha
इंदौर: दिगंबर जैन समाज की सामाजिक संसद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष Anand Godha का हाल ही में भव्य सम्मान समारोह में स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें फेडरेशन और समाज की लगभग 65 संस्थाओं ने भाग लिया। समारोह में आनंद गोधा को शाल, श्रीफल, मोतियों की माला, दुपट्टा और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
Anand Godha का आभार और दृष्टिकोण
उदासीन आश्रम स्थित कुंदकुंद ज्ञानपीठ परिसर के सभागृह में आयोजित समारोह में आनंद गोधा ने अपने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अध्यक्ष बनना केवल व्यक्तिगत मान और सम्मान के लिए नहीं है। उन्होंने कहा:
“मैं मान, सम्मान और अभिमान के लिए अध्यक्ष नहीं बना हूं। मेरी जीत आप सब की जीत है। आप सब ने मुझे सामाजिक संसद का अध्यक्ष बनाकर पूरे समाज को एकजुट करने का दायित्व सौंपा है, जिसे मैं आप सबके सहयोग से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि वे समाज में एकता, समन्वय और सौहार्द बढ़ाने तथा समाज के विकास को गति देने को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बनाएंगे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अध्यक्ष का चुनाव
समारोह में सुशील पांड्या ने स्वागत भाषण दिया और बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न चुनाव में कुल 635 प्रतिनिधियों ने आनंद गोधा को सामाजिक संसद का अध्यक्ष चुना। पांड्या ने कहा:
“इसलिए आनंद गोधा सामाजिक संसद के एकमात्र और सर्वमान्य अध्यक्ष हैं। उनका स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
फेडरेशन और समाज का सहयोग
सोशल ग्रुप फेडरेशन के अध्यक्ष मनोहर झांझरी ने कहा कि फेडरेशन और शहर में संचालित सभी सोशल ग्रुप समाज हित के सभी कार्यों में आनंद गोधा के साथ हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आनंद गोधा समाज के सभी वर्गों और गुटों को साथ लेकर समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
फेडरेशन की शीरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल और महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आनंद गोधा की नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दृष्टि की सराहना की और कहा कि उनके मार्गदर्शन में समाज नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
समाजसेवी और गणमान्य व्यक्तियों के विचार
समारोह में दिलीप पाटनी ने कहा कि आनंद गोधा के नेतृत्व में समाज को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। वहीं समाजसेवी मनीष नायक ने आनंद गोधा के समाज के प्रति दृष्टिकोण और योगदान की सराहना की।
प्रदीप चौधरी ने आनंद गोधा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनका परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गोधा जी का समाज के लिए समर्पण और उनकी दूरदर्शिता समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
धर्म और समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने समारोह के दौरान उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के नामों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर हंसमुख गांधी, टी के वेद, आदित्य कासलीवाल, डॉ. जैनेंद्र जैन, राकेश विनायक, राजेश जैन दद्दू, देवेंद्र सेठी, संजय अहिंसा, नवीन गोधा, राजेंद्र सोनी, शेखर छावड़ा, भूपेंद्र जैन, कीर्ति पांड्या, डी के जैन डीएसपी आदि प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।
समाज में एकता और समन्वय का संदेश
समारोह केवल आनंद गोधा के सम्मान के लिए नहीं था, बल्कि यह समाज में एकता और समन्वय को बढ़ावा देने का भी माध्यम था। उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और संस्थाओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि समाज का विकास केवल नेतृत्व पर निर्भर नहीं करता, बल्कि हर सदस्य के सहयोग और प्रयास से ही संभव है।
आनंद गोधा ने अपने संबोधन में समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में न केवल एकता और सौहार्द बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी, बल्कि समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यों को भी नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
लोकतांत्रिक नेतृत्व और समाज का भविष्य
समारोह में फेडरेशन के नेताओं और समाज के गणमान्य व्यक्तियों के बीच एकजुटता और सहयोग का वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सभी उपस्थित लोगों ने आनंद गोधा के नेतृत्व में समाज के विकास और समन्वय के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शी चुनाव प्रणाली के माध्यम से चयनित नेतृत्व ही समाज में स्थायित्व और विश्वास पैदा कर सकता है। आनंद गोधा का चुनाव और उनके प्रति समाज की प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि समाज उनके नेतृत्व में एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
अध्यक्ष के रूप में आनंद गोधा की प्राथमिकताएँ
आनंद गोधा ने अपने संबोधन के अंत में कहा:
“मैं समाज के प्रत्येक सदस्य के सहयोग से समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाऊंगा। समाज की एकता, विकास और सौहार्द ही मेरे कार्यों की मूल प्राथमिकता होगी।”
समाज के लिए यह एक नया अध्याय है, जिसमें एकजुटता, सहयोग और विकास को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। दिगंबर जैन समाज की सामाजिक संसद के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समाज का हर सदस्य समाजिक गतिविधियों और निर्णयों में सक्रिय रूप से शामिल हो।
निष्कर्ष
Anand Godha का नवनिर्वाचन और उनका भव्य सम्मान समारोह न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज की एकता, सहयोग और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उनके नेतृत्व में दिगंबर जैन समाज नई ऊँचाइयों को छूने की दिशा में अग्रसर होगा।

