अमृता देवी बलिदान दिवस पर पर्यावरण दिवस कार्यक्रम आयोजित, 363 शहीदों के बलिदान को किया याद
भारतीय मजदूर संघ ने लिया पौधारोपण और पेड़ संरक्षण का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान
सवांददाता जीवनलाल जैन।
नागदा जंक्शन।भारतीय मजदूर संघ द्वारा अमृता देवी बलिदान दिवस के अवसर पर रविवार को होटल रंगोली गार्डन, नागदा में पर्यावरण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण और वनों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उपस्थितजनों ने पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल एवं संरक्षण करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने खेजड़ली बलिदान की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1730 में जोधपुर के महाराजा के महल निर्माण के लिए लकड़ियों की आवश्यकता के चलते सैनिकों को खेजड़ली गांव में हरे खेजड़ी के पेड़ों को काटने का आदेश दिया गया था।
उन्होंने बताया कि जब सैनिक पेड़ काटने पहुंचे तो मां अमृता देवी बिश्नोई ने पेड़ों की रक्षा के लिए उनके सामने खड़े होकर अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपना सिर कटवाना स्वीकार किया। उनके साथ उनकी तीन बेटियों सहित कुल 363 लोगों ने पेड़ों से लिपटकर उनकी रक्षा की और अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि अमृता देवी बिश्नोई और 363 शहीदों का यह बलिदान आज भी पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को प्रेरणा देता है। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में भारतीय मजदूर संघ द्वारा 30 अगस्त को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बलिदान ने प्रकृति और मानव के संबंध की महत्ता को दुनिया के सामने रखा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार द्वारा अमृता देवी बिश्नोई के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाता है। खेजड़ली की घटना को आधुनिक काल के चिपको आंदोलन का अग्रदूत भी माना जाता है।
पौधा लगाना ही नहीं, उसे वृक्ष बनाना भी जरूरी
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि वर्तमान पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों और पेड़ों का संरक्षण करेगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
शेखावत ने उपस्थितजनों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को पेड़ लगाने और उनकी रक्षा करने की शपथ भी दिलाई।
अतिथियों ने किया दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा, भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी एवं खेजड़ी के वृक्ष के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया।
कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त मंत्री रामेश्वर शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री बालमुकुंद पाटीदार तथा देवास-शाजापुर विभाग प्रमुख अजय उपाध्याय मंचासीन रहे।
अतिथियों का स्वागत ग्रेसिम श्रमिक संघ के महामंत्री जौध सिंह राठौर, महेश नायर, गिरधारीलाल सोनी, अशोक गुर्जर, मोहब्बत सिंह राठौड़, रामलाल पंड्या, राजेंद्र पेंडसे और प्रवेश तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने किया।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। बाल हनुमान मंदिर परिसर में 1000 पौधे लगाने वाले महंत श्यामदास जी महाराज, ट्री इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक राशीद खान और शिवसिंह रघुवंशी का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और अन्य लोगों को भी इस तरह के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
‘पेड़ बचाओ’ पर लघु नाटिका ने दिया संदेश
पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों को बचाने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में ‘पेड़ बचाओ’ विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। राजकुमार सिसोदिया, पप्पु सिसोदिया, अमीतेंद्र सिंह, रवि परमार, प्रकाश गोमे और अंतरसिंह बगाड़ा ने नाटिका के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नाटिका के माध्यम से पेड़ों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता को समझाया गया। उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने प्रस्तुति की सराहना की।
एआई आधारित सॉफ्टवेयर से पौधों की निगरानी
कार्यक्रम में ट्री इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक राशीद खान ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक नई पहल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से पौधारोपण से लेकर पौधे के वृक्ष बनने तक की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर को तैयार करने में लगभग दो वर्ष का समय लगा है। क्यूआर कोड के माध्यम से संबंधित पौधे की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त की जा सकेगी। इससे पौधे की स्थिति, उसके विकास और संरक्षण से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का डेमो देने के लिए उन्हें 4 और 5 सितंबर को होटल ताज, मुंबई में आमंत्रित किया गया है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रमिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में नागदा सहित रतलाम, खाचरौद, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों से भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता एवं श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रवेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह सिकरवार, विद्याधर शर्मा, मनसुख पटेल, विजयवर्धन लाटा, लाखन सिंह, एरावत सिंह, करण सिंह, उदयपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, रामचंद्र सिसोदिया, भोला ठाकुर, राहुल सिंह नरुका, अनिल दुबे, बालकिशन धौलपुरे, शिवसिंह रघुवंशी, कीर्ति बना और हिमांशु राणावत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रतलाम-नागदा विभाग प्रमुख कृष्णा सिंह तंवर ने किया तथा आभार ग्रेसिम श्रमिक संघ के महामंत्री जौध सिंह राठौर ने माना।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण और पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प दोहराया गया। अमृता देवी बिश्नोई और खेजड़ली के 363 शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उपस्थितजनों ने प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
— भारतीय मजदूर संघ, नागदा।
