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आमला में महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने की मांग, कांग्रेस नेत्री ने सीएमओ से की मुलाकात

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Published On: 10 August 2026
आमला

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आमला में महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने की मांग, कांग्रेस नेत्री ने सीएमओ से की मुलाकात

जयंत गोहे
ब्यूरो चीफ
स्वराज वाणी

नगर पालिका की योजनाओं में महिला समूहों को प्राथमिकता देने का सुझाव, रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर

आमला। नगर की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने पहल की है। सोमवार को उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर आमला क्षेत्र में सक्रिय महिला स्व-सहायता समूहों को नगर पालिका की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों से जोड़ने की मांग रखी।

मुलाकात के दौरान सीमा अतुलकर ने कहा कि आमला क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अलग-अलग गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन नियमित रोजगार, बाजार और संस्थागत सहयोग की कमी के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों को नियमित कार्य उपलब्ध कराया जाए तो इससे महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी।

नगर पालिका के कार्यों में समूहों को प्राथमिकता देने की मांग

सीमा अतुलकर ने सीएमओ के समक्ष सुझाव रखा कि नगर पालिका द्वारा कराए जाने वाले ऐसे कार्यों में पात्र महिला स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिनमें स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने सफाई व्यवस्था, पौधारोपण, सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों में खान-पान की व्यवस्था, सिलाई, हस्तशिल्प, सामग्री निर्माण तथा अन्य छोटे-छोटे कार्यों में महिला समूहों को अवसर देने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि नगर पालिका की जरूरतों को पूरा करने के साथ यदि स्थानीय महिला समूहों को काम से जोड़ा जाता है तो इसका दोहरा लाभ होगा। एक ओर नगर पालिका को स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाली प्रशिक्षित और संगठित टीम उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा।

महिलाओं को रोजगार मिलने से परिवार भी होगा मजबूत

कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। महिलाओं को ऐसा काम और अवसर मिलना चाहिए, जिससे वे अपने कौशल का उपयोग कर स्थायी रूप से आय अर्जित कर सकें।

उन्होंने कहा कि किसी महिला को नियमित रोजगार मिलने का सीधा प्रभाव उसके पूरे परिवार पर पड़ता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं पहले से ही संगठित होकर काम कर रही हैं। जरूरत केवल उन्हें उचित मंच, बाजार और नियमित कार्य उपलब्ध कराने की है। यदि स्थानीय निकाय ऐसे समूहों को अपने कार्यों से जोड़ते हैं तो महिलाओं की क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

रोजगार के लिए ठोस नीति बनाने की मांग

सीमा अतुलकर ने सीएमओ से आग्रह किया कि नगर पालिका स्तर पर महिला रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस नीति तैयार की जाए। इसके तहत नगर क्षेत्र में संचालित महिला स्व-सहायता समूहों की जानकारी एकत्र कर उनका पंजीयन किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि समूहों की क्षमता और उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार उन्हें अलग-अलग नगर पालिका गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे समूहों को नियमित काम मिलने की संभावना बढ़ेगी और महिलाओं को अपने उत्पादों एवं सेवाओं के लिए स्थानीय बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि महिला समूहों को सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्वरोजगार से संबंधित अवसरों की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि महिलाएं उपलब्ध योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकें।

सीएमओ ने सकारात्मक पहल का दिया आश्वासन

मुलाकात के दौरान सीएमओ ने महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने के सुझाव पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने महिला समूहों की भूमिका और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर चर्चा की।

सीमा अतुलकर ने कहा कि महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। महिलाओं को यदि सही अवसर और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

स्थानीय स्तर पर रोजगार से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

महिला स्व-सहायता समूहों को स्थानीय निकाय की गतिविधियों से जोड़ने की पहल से महिलाओं को अपने घर और आसपास के क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। इससे उन्हें रोजगार के लिए दूर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

सीमा अतुलकर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और महिलाओं के कौशल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। कई महिलाएं सिलाई, खाद्य सामग्री निर्माण, हस्तशिल्प, पौधारोपण, सफाई एवं अन्य कार्यों में दक्ष हैं। यदि इन क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से रोजगार से जोड़ा जाए तो बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि महिला समूहों को केवल सहायता प्राप्त करने वाला वर्ग मानने के बजाय उन्हें रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिए।

महिला समूहों को बाजार से जोड़ना भी जरूरी

उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के साथ महिला समूहों को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर लगने वाले मेलों, नगर पालिका के कार्यक्रमों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में महिला समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने एवं बेचने का अवसर दिया जा सकता है।

इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के साथ नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। समूहों को प्रशिक्षण, पैकेजिंग, गुणवत्ता और विपणन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए तो उनके काम को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

महिलाओं की भागीदारी से विकास को मिलेगी गति

सीमा अतुलकर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना समाज में स्थायी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि आमला में यदि नगर पालिका, महिला स्व-सहायता समूह और स्थानीय संस्थाएं मिलकर काम करें तो रोजगार के कई नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक निर्णयों में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर पालिका इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी और महिला स्व-सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाएगी।

सीमा अतुलकर ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद महिलाओं और समूहों तक पहुंचाना भी जरूरी है। नगर पालिका की सक्रिय पहल से आमला की अनेक महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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