अमित शाह ने ग्वालियर में सीएम मोहन यादव की सराहना की, 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश से मध्य प्रदेश को मिले नई दिशा
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए ग्वालियर में आयोजित ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जमकर तारीफ की। यह समिट भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। Amit Shah ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी अधिक ऊर्जावान और सक्रिय है। शाह ने जोर देकर कहा कि प्रदेश अब तेजी से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Amit Shah ने ग्वालियर को 2 लाख करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश की सौगात दी। उन्होंने प्रदेश की 1655 औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस निवेश से न केवल प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मंच पर उपस्थित रहे। अमित शाह ने इस दौरान सिंधिया को मजाकिया अंदाज में ‘राजा साहब’ कहकर संबोधित किया, जिस पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
औद्योगिक निवेश और प्रदेश के विकास को मिलेगी गति
अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निवेश के नए अवसर सृजित करना और रोजगार के द्वार खोलना था। इस समिट के दौरान गोदरेज इंडस्ट्रीज, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, डाबर इंडिया, वर्धमान ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक घरानों ने भाग लिया। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
Amit Shah ने कहा कि मध्य प्रदेश अब सिर्फ कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से भी राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह निवेश प्रदेश की आर्थिक स्थिरता और विकास की नई गाथा लिखेगा।
शिवराज और मोहन यादव के बीच तुलना
समिट में अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तुलना भी की। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश के इतिहास में दिग्विजय सिंह के शासनकाल में राज्य ‘बीमारू’ की श्रेणी में आता था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने अथक मेहनत कर प्रदेश को बीमारू का टैग हटाया। लेकिन अब डॉ. मोहन यादव उनसे भी अधिक ऊर्जा के साथ प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। यह विकास की नई कहानी लिखने का समय है।”
शाह की इस तुलना से स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की तेजी से विकास की दिशा में हुई प्रगति को महत्व देती है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री का सक्रिय और ऊर्जावान नेतृत्व निवेशकों को आकर्षित करने और प्रदेश में औद्योगिक क्रांति लाने में मदद कर रहा है।

अटल बिहारी वाजपेयी और ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व
Amit Shah ने मंच से अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि ग्वालियर की धरती सिर्फ औद्योगिक समृद्धि का केंद्र नहीं है, बल्कि यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यही वह भूमि है जहां संगीत सम्राट तानसेन का जन्म हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता ने अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। शाह ने बताया कि अटल जी की सरकार ने देश में पहली बार आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग विभाग बनाया और उनके अधिकारों को संवैधानिक मजबूती दी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भाजपा सरकार आज भी आदिवासी समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन
समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। पुलिस प्रशासन ने संभावित विरोध को रोकने के लिए काले रंग के कपड़ों पर रोक लगा दी। जो लोग काली जैकेट या स्वेटर पहनकर आए थे, उन्हें कार्यक्रम स्थल के बाहर ही कपड़े उतारने को कहा गया। इसके बावजूद कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजय शाह के कथित बयान के विरोध में अमित शाह को काले झंडे दिखाए।
कांग्रेस नेत्री ज्योति गौतम के नेतृत्व में किए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर तंज कसते हुए लाड़ली बहन योजना को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को मिलने वाले 3,000 रुपए का वादा केंद्र ने नहीं निभाया, इसलिए महिलाएं विरोध में काले झंडे दिखा रही थीं।
Read Also :मध्य प्रदेश में 10 National Highway का काम रुका, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने जताई नाराजगी
रोजगार, विकास और औद्योगिक भविष्य
अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट ने साबित कर दिया कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए गंभीर है। अमित शाह ने इस अवसर पर निवेश पुस्तिका का विमोचन किया और कहा कि निवेश से प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समिट प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने, निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संपूर्ण कार्यक्रम ने न केवल निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित किया, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक छवि को भी देश और विदेश में मजबूत किया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के आने से समिट में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों का संतुलन बना रहा।
निष्कर्ष
ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट ने मध्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की नई कहानी को पेश किया। अमित शाह की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा और 2 लाख करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश ने प्रदेश के भविष्य को नई दिशा दी।
साथ ही, समिट में विरोध प्रदर्शन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ने यह भी दिखाया कि राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों के बीच भी औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। प्रदेश के विकास के लिए यह समिट एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे रोजगार, निवेश और औद्योगिक वृद्धि को नई गति मिलेगी।
