भोपाल में अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले—आज काम का हिसाब देने आया हूं
भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का विरोध करती है, जबकि वे आज अपने काम का हिसाब देने आए हैं। संबोधन में शाह ने देश के दूध उत्पादन और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में हुई बढ़ोतरी के आंकड़े रखे। सम्मेलन में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, सहकारी संस्थाओं और डेयरी क्षेत्र की सुविधाओं से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
दस वर्षों में बढ़ा देश का दूध उत्पादन
शाह ने कहा कि भारत का दूध उत्पादन 2014–15 में लगभग 14.6 करोड़ टन था, जो 2024–25 में बढ़कर करीब 24.8 करोड़ टन हो गया। उन्होंने इन आंकड़ों के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख किया।
आधिकारिक सरकारी विवरण के अनुसार, देश में 2014–15 के दौरान 146.31 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ था। वर्ष 2024–25 में यह बढ़कर 247.87 मिलियन टन पहुंच गया। इस अवधि में लगभग 69.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। करोड़ टन में यह उत्पादन करीब 14.63 करोड़ से बढ़कर 24.79 करोड़ टन होता है।
प्रति व्यक्ति उपलब्धता पहुंची 485 ग्राम
दूध उत्पादन के साथ शाह ने प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ने का भी जिक्र किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024–25 में भारत में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन रही।
वर्ष 2020–21 में यह उपलब्धता 427 ग्राम प्रतिदिन थी। इसके बाद 2021–22 में 446 ग्राम, 2022–23 में 459 ग्राम और 2023–24 में 471 ग्राम प्रतिदिन दर्ज की गई। यह राष्ट्रीय औसत उपलब्धता है, प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक दैनिक खपत नहीं। इन आंकड़ों से उत्पादन बढ़ने के साथ उपलब्धता में आए बदलाव को समझा जा सकता है।
गोपालकों और सहकारी सदस्यों पर केंद्रित आयोजन
गोपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से पशुपालकों और डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों की सहभागिता निर्धारित की गई थी। आकाशवाणी की कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार, भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर और विदिशा सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के आने की अपेक्षा थी।
आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहभागिता भी निर्धारित थी। सम्मेलन के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों, महिला पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े कार्यक्रमों को एक मंच पर रखा गया।
उज्जैन के डेयरी प्लांट की परियोजना शामिल
कार्यक्रम से पहले जारी सहकारिता मंत्रालय के विवरण में उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमिपूजन निर्धारित था। इसकी क्षमता तीन लाख लीटर प्रतिदिन बताई गई है।
इसके अतिरिक्त भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दुग्ध उत्पाद संयंत्र का उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल था। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मध्यप्रदेश में दूध प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र की अधोसंरचना मजबूत करना बताया गया।
गुणवत्ता जांच और शिवपुरी संयंत्र पर भी ध्यान
भोपाल में 12.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन भी कार्यक्रम के एजेंडे में था। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट में 6.5 करोड़ रुपये से किए गए सुदृढ़ीकरण कार्यों के डिजिटल उद्घाटन का उल्लेख किया गया।
दूध उत्पादन के साथ प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की सुविधाएं डेयरी व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। सरकारी विवरण में इन परियोजनाओं को राज्य की डेयरी सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा गया।
बोनस वितरण और महिला गोपालकों का सम्मान
सम्मेलन में भोपाल तथा इंदौर दुग्ध संघों के उत्पादकों को बोनस वितरण और गौशालाओं को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था शामिल थी। पशुपालन में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला गोपालकों के सम्मान का कार्यक्रम भी रखा गया।
इसके साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र देने का प्रावधान था। शाह के संबोधन में कांग्रेस पर राजनीतिक टिप्पणी के साथ दूध उत्पादन के आंकड़े प्रमुख रहे, जबकि सम्मेलन का व्यापक एजेंडा दुग्ध व्यवसाय और सहकारी क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहा। newsonair.gov.in
