नया अमोला हाईवे किनारे कथित कच्ची शराब का कारोबार, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
जितेंद्र कुमार गौर जिला शिवपुरी ब्यूरो चीफ
करैरा/शिवपुरी। करैरा के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नया अमोला में हाईवे किनारे कथित रूप से कच्ची शराब की बिक्री का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर लंबे समय से खुलेआम कच्ची शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक ऐसी कार्रवाई नजर नहीं आई, जिससे इस कथित कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लग सके।
हाईवे किनारे शराब बिक्री के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार नया अमोला में हाईवे से लगे कुछ स्थानों पर सुबह से लेकर देर शाम तक शराब खरीदने वालों की आवाजाही देखी जाती है। आरोप है कि कम कीमत में कच्ची शराब उपलब्ध होने के कारण आसपास के ग्रामीणों के अलावा हाईवे से गुजरने वाले कुछ लोग भी यहां पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति गांव के सामाजिक माहौल और कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, कभी-कभार पुलिस या संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद होती हैं, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर फिर से शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।
नशे के कारण विवाद बढ़ने की आशंका
ग्रामीणों ने दावा किया कि शराब के नशे के कारण गांव में गाली-गलौज, विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। शाम के समय शराब खरीदने वालों की आवाजाही से महिलाओं और परिवारों में असुरक्षा की भावना पैदा होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस और स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर कथित शराब निर्माण और बिक्री की जांच करने की मांग की है।
एसपी से मामले में हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया से मामले में विशेष संज्ञान लेने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी समीक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में अवैध शराब का निर्माण या बिक्री सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी गतिविधियों पर दोबारा रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जाए।
कच्ची शराब की गुणवत्ता को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने कच्ची शराब की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी मानक या जांच के तैयार की जाने वाली शराब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। शराब में कथित रूप से हानिकारक पदार्थ मिलाए जाने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि संदिग्ध शराब बरामद होती है तो उसके नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में किसी प्रकार के हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी है या नहीं।
कार्रवाई का इंतजार
नया अमोला में सामने आए इन आरोपों के बाद अब ग्रामीण पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कथित अवैध शराब का कारोबार आगे भी जारी रह सकता है और इससे किसी गंभीर घटना की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग इन शिकायतों पर कब और किस स्तर पर कार्रवाई करता है।
