🌟 सर्व प्रयास सामाजिक संस्था ने दीपावली पर जरूरतमंद बालिकाओं के चेहरों पर बिखेरी करुणा की रोशनी
“हर घर में दीप जले, हर चेहरे पर मुस्कान खिले” के संकल्प के साथ मनाई गई प्रेरणादायक दीपावली
नागदा (मध्य प्रदेश): समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय सर्व प्रयास सामाजिक संस्था ने इस दीपावली पर फिर एक बार इंसानियत और करुणा का उजाला फैलाया। संस्था ने जरूरतमंद और बेसहारा बालिकाओं के लिए एक विशेष “स्नेह उपहार वितरण कार्यक्रम” आयोजित किया, जिसमें उन नन्हीं बालिकाओं को दीपावली उपहार प्रदान किए गए जिनके पास न तो माता-पिता हैं और न ही आर्थिक रूप से सशक्त परिवार।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य था — “हर घर में दीप जले, हर चेहरे पर मुस्कान खिले।”
संस्था ने दीपावली के अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर, उसे संवेदना और सामाजिक सरोकार का माध्यम बना दिया।
🌼 समाजसेवा की मिसाल — 40 बालिकाओं को मिला दीपावली स्नेह उपहार
कार्यक्रम के तहत संस्था की ओर से 40 जरूरतमंद बालिकाओं को दीपावली उपहार वितरित किए गए। इन उपहारों में नए वस्त्र, मिठाइयाँ, किराना सामग्री, रंगोली रंग, मिट्टी के दीये और पटाखे शामिल थे।
जब ये उपहार बालिकाओं के हाथों में पहुंचे, तो उनके चेहरों की मुस्कान ने पूरे वातावरण को आनंद और प्रेम से भर दिया।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने जब उन मासूम चेहरों पर खुशी की चमक देखी, तो कई की आँखें भी नम हो गईं।
संस्था ने इस आयोजन से यह संदेश दिया कि दीपावली केवल घरों को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि दिलों को रोशन करने का भी अवसर है।
🪔 अध्यक्ष ज्योति शर्मा बृजवासी का संदेश: “संवेदना ही सच्ची रोशनी है”
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती ज्योति शर्मा बृजवासी, अध्यक्ष – सर्व प्रयास सामाजिक संस्था, ने की।
उन्होंने कहा,
“हमारी संस्था वर्षों से समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता के लिए समर्पित है। हर दीपावली हम कोशिश करते हैं कि उन घरों में भी दीये जलें जहाँ अंधेरा और अभाव पसरा रहता है। इस वर्ष भी हमारा प्रयास रहा कि इन बेटियों के चेहरों पर मुस्कान लायी जा सके।”
उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल उपहार देना नहीं बल्कि “करुणा और प्रेम की भावना को समाज में जीवित रखना” है।
💫 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि: समाजसेवी और शिक्षाविदों ने बांटी खुशियाँ
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी मोती सिंह शेखावत, शासकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रतिभा बोरल, एवं डॉ. शुभम पाटीदार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अश्विनी यादव ने किया, जिन्होंने बालिकाओं के साथ दीप प्रज्वलन किया और “दीपावली मंगलमय हो” के उद्घोष से पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने भी बालिकाओं के साथ मिलकर दीप जलाए और संदेश दिया कि “दीया केवल मिट्टी का नहीं, बल्कि मानवता का प्रतीक है।”
❤️ महासचिव कुमुद (पायल) ओझा ने दी संवेदना की मिसाल
संस्था की महासचिव कुमुद (पायल) ओझा ने अपने भावपूर्ण शब्दों में कहा,
“सर्व प्रयास का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है। हमारा मकसद समाज में संवेदना, प्रेम और आत्मीयता का दीप प्रज्वलित करना है। जब कोई बालिका मुस्कुराती है, वही हमारे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।”
उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक अर्थ तब ही पूर्ण होता है जब समाज के हर वर्ग तक उजाला पहुँचे।
👩🦰 समाजसेवी महिलाओं की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में संस्था की सक्रिय महिला सदस्याओं ने भी पूरे हृदय से योगदान दिया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख सदस्य थीं —
सविता दुबे, अनीता पंड्या, सीमा ओझा, किरण शर्मा, अनुराधा गुर्जर, विद्या तिवारी, मधुपाल, जागृति राठौर, सरोज पोरवाल, मंजू पांचाल, आरती ओझा, सुमन पोरवाल, पदमा सेठिया, नीलम अरोड़ा, उर्वशी राठौर, संध्या जटिया, राधा वर्मा, वंदना परमार, कंचन चंदेल, कमलेश कच्छावा, विजयलक्ष्मी झा, अर्चना सोनी एवं अन्य सहयोगीगण।
सभी ने बालिकाओं के साथ समय बिताया, उनके साथ खेल खेले और मिठाइयाँ साझा कीं।
उनके इस प्रेमपूर्ण व्यवहार ने बालिकाओं के लिए इस दीपावली को अविस्मरणीय बना दिया।
🌟 प्रेम और सेवा की दीपावली — “हर चेहरे पर मुस्कान”
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एक साथ दीप जलाए और संकल्प लिया कि आगे भी ऐसे सामाजिक उपक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर व्यक्ति तक प्रेम और उजाला पहुँच सके।
संस्था की ओर से सभी दानदाताओं, समाजसेवियों और सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने इस कार्य में सहयोग देकर दीपावली की खुशियों को और बढ़ाया।
संवाददाता जीवन लाल जैन (नागदा) ने बताया कि यह आयोजन न केवल शहर में बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
लोगों ने सोशल मीडिया पर इस पहल की जमकर सराहना की और संस्था के सदस्यों को धन्यवाद दिया।
🌼 दीपावली का सच्चा अर्थ — “जहाँ करुणा है, वहीं प्रकाश है”
यह कार्यक्रम यह सिखाता है कि दीपावली की असली रोशनी लाइट्स और पटाखों में नहीं, बल्कि उन मुस्कुराते चेहरों में है जिनके जीवन में किसी ने उम्मीद की किरण जलाई हो।
सर्व प्रयास सामाजिक संस्था ने इस दीपावली यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज संवेदना से भरा हो, तो कोई भी जीवन अंधकार में नहीं रह सकता।
