अलीराजपुर में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम, छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा और बाल अधिकारों की दी जानकारी
पीएम श्री स्कूल बोरखड़ में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम; छात्रों को थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण कराकर पुलिस की कार्यप्रणाली से कराया गया परिचित
संवाददाता: खलील मंसूरी
अलीराजपुर, 11 अगस्त 2026। विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने, उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने तथा पुलिस और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से अलीराजपुर में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित इस कार्यक्रम के तहत पीएम श्री स्कूल बोरखड़ में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभाव सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों को थाना कोतवाली अलीराजपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें पुलिस थाने की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों के लिए उपलब्ध सेवाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया।
विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाना कार्यक्रम का उद्देश्य
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद कार्यक्रम’ का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जानकारी, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और न्याय तक पहुंच की समझ विकसित करना है।
इसके साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बताया गया कि कानून की जानकारी केवल अपराध होने के बाद ही उपयोगी नहीं होती, बल्कि अपने अधिकारों को समझने और गलत परिस्थितियों से बचने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मास्टर ट्रेनर ने संविधान और मौलिक अधिकारों की जानकारी दी
कार्यक्रम के प्रशिक्षण सत्र में शिक्षा विभाग के मास्टर ट्रेनर कन्हैया ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के बारे में बताया। इसके साथ ही विभिन्न विधिक प्रावधानों और नागरिकों की जिम्मेदारियों को भी सरल तरीके से समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों से जुड़े प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय की स्थिति में अपने अधिकारों को समझ सकें और उचित माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकें।
JJ Act और POCSO कानून पर हुई चर्चा
जागरूकता सत्र में किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।
छात्रों को बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति, अभिभावक, शिक्षक या पुलिस की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी प्रभावों से अवगत कराते हुए जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके
कार्यक्रम में वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौती साइबर सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी और निजी जानकारी साझा करने से जुड़े जोखिमों के बारे में बताया गया।
छात्रों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ पासवर्ड, OTP, बैंकिंग जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित एजेंसी या पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला और बाल सुरक्षा पर डीएसपी ने किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा टी.सी. पंवार ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात नियम और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार के अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर पुलिस को सूचना देने से किसी संभावित अपराध को रोकने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि पुलिस आमजन की मित्र है और जरूरत पड़ने पर बिना डर के पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। युवाओं को अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में सड़क सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा सड़क पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की जानकारी दी गई।
छात्रों से कहा गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
थाना कोतवाली का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण
जागरूकता कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों को पुलिस थाना अलीराजपुर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान छात्रों को पुलिस थाने की वास्तविक कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।
उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा टी.सी. पंवार ने भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को बताया कि पुलिस थाने में शिकायत मिलने के बाद उसकी प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है और पुलिस किस तरह अपराधों की जांच एवं नियंत्रण का कार्य करती है।
शिकायत पंजीयन और डायल-112 की दी जानकारी

थाना भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को शिकायत पंजीयन प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी घटना या अपराध की जानकारी होने पर पुलिस से किस प्रकार संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को डायल-112 सहित आपातकालीन पुलिस सेवाओं के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने समझाया कि आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सेवाओं का सही तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था से कराया परिचित
भ्रमण के दौरान छात्रों को अपराध नियंत्रण व्यवस्था और आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में पुलिसिंग केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक और आधुनिक संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस रोजाना कई स्तरों पर काम करती है।
पुलिस और विद्यार्थियों के बीच बढ़ा संवाद
‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और पुलिस के बीच सीधे संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम में छात्रों ने सुरक्षा, कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों को समझा।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अपराध, साइबर धोखाधड़ी, महिला या बाल अपराध तथा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित पुलिस अधिकारी को सूचना दें।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और सुरक्षित नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना भी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया गया।
