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आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते

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Published On: 5 August 2026

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आलीराजपुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा; तहसीलों में जमा किए बस्ते

संवाददाता: खलील मंसूरी
स्थान: आलीराजपुर 

मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला आलीराजपुर के सभी पटवारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों के समाधान की मांग को लेकर जिले के सभी तहसीलों में पदस्थ पटवारियों ने एकजुट होकर अपने-अपने बस्ते तहसील कार्यालयों में जमा किए और आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की।

पटवारी संघ का कहना है कि चरणबद्ध आंदोलन, ज्ञापन और कई स्तरों पर शासन-प्रशासन से संवाद के बावजूद उनकी न्यायोचित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का रूप दिया गया है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को आगामी चरणों में और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

प्रांतीय आह्वान पर जिले के सभी पटवारी आंदोलन में शामिल

मध्यप्रदेश पटवारी संघ लंबे समय से अपनी विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। संघ द्वारा पहले चरणबद्ध आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया था। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने पर अब प्रांतीय नेतृत्व ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया है।

आलीराजपुर जिले में भी इस निर्णय का व्यापक असर देखने को मिला। जिले की सभी तहसीलों के पटवारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तहसील कार्यालय पहुंचे और अपने-अपने बस्ते जमा कर आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद सभी पटवारी एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।

तहसील कार्यालयों में जमा किए बस्ते

हड़ताल के पहले दिन जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर पटवारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सरकारी रिकॉर्ड और कार्य संबंधी बस्ते तहसील कार्यालय में जमा कर दिए।

यह प्रतीकात्मक कदम इस बात का संकेत है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक वे नियमित राजस्व कार्यों का संचालन नहीं करेंगे।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी पटवारी प्रांतीय संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी अनुशासन और एकजुटता के साथ आंदोलन में भाग ले रहे हैं।

क्यों शुरू हुई कलमबंद हड़ताल?


पटवारी संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवा संबंधी अनेक महत्वपूर्ण मांगें शासन के समक्ष लंबित हैं।

कई बार ज्ञापन सौंपे गए, विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई और चरणबद्ध आंदोलन भी किए गए, लेकिन अब तक किसी भी प्रमुख मांग पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। इससे प्रदेशभर के पटवारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा था।

इसी असंतोष के चलते अब प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

पटवारी संघ की प्रमुख मांगें

मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने अपनी मांगों को एक बार फिर स्पष्ट करते हुए शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

1. कैडर रिव्यू किया जाए

संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि पटवारियों का कैडर रिव्यू किया जाए ताकि उन्हें समयबद्ध पदोन्नति के अवसर मिल सकें।

संघ का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति की व्यवस्था प्रभावित होने से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।

2. जज प्रोटेक्शन और कार्यस्थल पर सुरक्षा

पटवारियों ने मांग की है कि कार्य के दौरान उन्हें न्यायिक संरक्षण (Judge Protection) उपलब्ध कराया जाए।

राजस्व संबंधी विवादों और संवेदनशील मामलों में कार्य करते समय कई बार कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों और दबावों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

3. नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा नियमित हो

संघ का कहना है कि नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा नियमित और समयबद्ध रूप से आयोजित की जाए ताकि योग्य पटवारियों को पदोन्नति का अवसर समय पर मिल सके।

वर्षों तक परीक्षा आयोजित नहीं होने से कर्मचारियों के कैरियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

4. समयमान वेतनमान और देय लाभ

पटवारियों ने समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवा संबंधी अन्य सभी देय लाभों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

संघ का कहना है कि कई मामलों में कर्मचारियों को समय पर वित्तीय लाभ नहीं मिल पाते, जिससे आर्थिक परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

5. सेवा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान

संघ ने शासन से मांग की है कि पटवारियों की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए ताकि राजस्व विभाग को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

जिलाध्यक्ष नितेश अलावा ने क्या कहा?

मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला आलीराजपुर के जिलाध्यक्ष नितेश अलावा ने कहा कि पटवारी शासन और आम नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

उन्होंने कहा कि—

“पटवारी को राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। हम सदैव किसानों और आम नागरिकों के हित में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते आए हैं, लेकिन लंबे समय से हमारी न्यायोचित मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।”

उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सभी पटवारियों ने पूर्ण एकजुटता के साथ अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है।

“हम विशेष सुविधा नहीं, अधिकार मांग रहे हैं”


जिलाध्यक्ष नितेश अलावा ने कहा कि उनकी मांगें किसी अतिरिक्त सुविधा के लिए नहीं बल्कि वैधानिक और न्यायसंगत अधिकारों के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि—

  • कैडर रिव्यू
  • जज प्रोटेक्शन
  • नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा
  • समयमान वेतनमान
  • सेवा संबंधी देय लाभ

ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इन्हें शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।

किसानों और आम नागरिकों को असुविधा नहीं पहुंचाना चाहते

संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आम जनता या किसानों को परेशानी पहुंचाना नहीं है।

पटवारी संघ का कहना है कि आंदोलन का मकसद केवल शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है ताकि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।

राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है असर

पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का असर जिले के विभिन्न राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है।

पटवारी राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। उनके माध्यम से भूमि अभिलेखों का संधारण, नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र से जुड़े सत्यापन, भू-अभिलेख संबंधी कार्य तथा अन्य कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं संचालित होती हैं।

ऐसे में हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में इन सेवाओं की गति प्रभावित होने की संभावना है।

शासन से जल्द समाधान की अपील

 

पटवारी संघ ने एक बार फिर मध्यप्रदेश शासन से आग्रह किया है कि वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।

संघ का कहना है कि यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन को अगले चरण में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

संघ का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।

जिलेभर में दिखी एकजुटता

आलीराजपुर जिले की सभी तहसीलों में पटवारियों ने एक स्वर में आंदोलन का समर्थन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल में शामिल हुए और संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक शासन उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल ने राजस्व विभाग की लंबित समस्याओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पटवारियों का कहना है कि उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं और उन्हें केवल वैधानिक अधिकारों तथा सेवा संबंधी सुविधाओं की आवश्यकता है। अब सबकी नजर मध्यप्रदेश शासन पर है कि वह इन मांगों पर कब और क्या निर्णय लेता है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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