—Advertisement—

आलीराजपुर में 60 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का समापन, बालिकाओं को ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र वितरित

Author Picture
Published On: 8 August 2026
Girls receiving tracksuits and certificates after completing a 60-day self-defense training program in Alirajpur
— Girls receiving tracksuits and certificates after completing a 60-day self-defense training program in Alirajpur

—Advertisement—

आलीराजपुर में 60 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का समापन, बालिकाओं को ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र वितरित

शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में हुआ कार्यक्रम, छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुरों का किया प्रदर्शन; बढ़ा आत्मविश्वास

रिपोर्टर: खलील मंसूरी

आलीराजपुर। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल एवं सहयोगी संस्था हरितिका द्वारा संचालित ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ के अंतर्गत आलीराजपुर जिले में विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आलीराजपुर के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में बालिकाओं के लिए आयोजित 60 दिवसीय निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।

प्रशिक्षण पूरा होने के अवसर पर विद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी छात्राओं को हरितिका संस्था की ओर से ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत पहल

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल और सहयोगी संस्था हरितिका द्वारा भारत सरकार के सहयोग से आलीराजपुर जिले में ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ का संचालन किया जा रहा है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को महिला पर्यटकों के लिए अधिक सुरक्षित और अनुकूल बनाना है, ताकि महिलाएं और बालिकाएं पर्यटन स्थलों पर बिना किसी असुरक्षा की भावना के यात्रा कर सकें। इसके साथ ही परियोजना के माध्यम से महिला पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने और पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न प्रकार के निशुल्क कौशल प्रशिक्षण के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

बालिकाओं को दिया गया 60 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण

हरितिका संस्था की ओर से आलीराजपुर के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में बालिकाओं के लिए 60 दिवसीय निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण की जिम्मेदारी हरितिका संस्था के मास्टर ट्रेनर संजय पवार ने संभाली। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा से संबंधित विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया गया।

छात्राओं को यह सिखाया गया कि विपरीत या आपात परिस्थितियों में किस प्रकार खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्रशिक्षण में शारीरिक तकनीकों के साथ-साथ आत्मविश्वास, सतर्कता और मानसिक मजबूती पर भी जोर दिया गया।

नियमित अभ्यास के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुरों को व्यवहारिक रूप से समझाया गया, जिससे वे जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा सकें।

प्रशिक्षण के बाद छात्राओं ने किया आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन

60 दिनों तक चले प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद प्रतिभागी छात्राओं ने कार्यक्रम के दौरान आत्मरक्षा से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया।

छात्राओं ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई विभिन्न तकनीकों को उपस्थित अतिथियों और विद्यालय स्टाफ के सामने प्रस्तुत किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।

प्रशिक्षण से यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमित अभ्यास के माध्यम से बालिकाओं में न केवल आत्मरक्षा कौशल विकसित हुआ, बल्कि उनमें अपनी क्षमताओं को लेकर विश्वास भी बढ़ा।

बालिकाओं में नजर आया सकारात्मक बदलाव

आत्मरक्षा प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शारीरिक तकनीक सिखाना नहीं था। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। छात्राओं में पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास और जागरूकता नजर आई।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण बालिकाओं को यह विश्वास दिलाने में मदद करता है कि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम ले सकती हैं।

आत्मरक्षा के साथ जागरूकता भी जरूरी

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक ताकत का विषय नहीं है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचानना और परिस्थिति के अनुसार सही निर्णय लेना भी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बालिकाओं को अपने आसपास के वातावरण के प्रति सजग रहने, संदिग्ध परिस्थितियों में सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षक या पुलिस की सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी प्रतिभागी छात्राओं को कार्यक्रम के दौरान ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

प्रमाण पत्र छात्राओं के लिए 60 दिवसीय प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रमाण है। वहीं ट्रैकसूट प्रदान कर छात्राओं का उत्साह बढ़ाया गया।

प्रमाण पत्र और ट्रैकसूट मिलने पर छात्राओं में खुशी और उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने छात्राओं को बधाई देते हुए आत्मरक्षा का नियमित अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

सुरक्षित पर्यटन के लिए महिला सुरक्षा महत्वपूर्ण

मध्य प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से देश के महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल हैं।

पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए महिला पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। यदि महिलाएं किसी पर्यटन स्थल को सुरक्षित मानती हैं तो वहां महिला पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना भी बढ़ती है।

इसी सोच के तहत महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जोड़ना परियोजना की महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल है।

प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता को मिला बढ़ावा

आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं में आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा मिला। प्रशिक्षण ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर स्वयं की रक्षा करना कितना महत्वपूर्ण है।

ऐसे कार्यक्रम विद्यालय स्तर पर बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास में भी सहायक हो सकते हैं। आत्मविश्वास से भरी छात्राएं शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में भी अधिक सक्रियता के साथ भाग ले सकती हैं।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

60 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण के समापन और ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में विद्यालय एवं संस्था से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य गेमन सिंह अलावा, हरितिका संस्था के समन्वयक मुकेश खरत, आत्मरक्षा प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर संजय पवार तथा खेल प्रशिक्षक पिंक्रेश वर्मा मौजूद रहे।

अतिथियों ने छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा आत्मरक्षा के गुरों का नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।

आगे भी जारी रखने की जरूरत

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि छात्राएं सीखी गई तकनीकों का अभ्यास करती रहें।

नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता से बालिकाएं संभावित खतरों को पहचानने और उनसे बचने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकती हैं।

महिला सुरक्षा से जुड़े ऐसे प्रयासों में विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन की सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

आलीराजपुर के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में आयोजित 60 दिवसीय निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बालिकाओं के आत्मविश्वास और उत्साह के साथ हुआ। हरितिका संस्था के मास्टर ट्रेनर संजय पवार द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया और समापन कार्यक्रम में उनका प्रदर्शन भी किया।

प्रशिक्षण के बाद छात्राओं में आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। सभी प्रतिभागी छात्राओं को हरितिका संस्था की ओर से ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और हरितिका संस्था की ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ के तहत आयोजित यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, जागरूकता और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करते हैं।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp