—Advertisement—

सावधान! Gwalior में 12वीं पास ने किया एलोपैथिक इलाज, स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई कर क्लीनिक सील किए

Author Picture
Published On: 28 January 2026
Fake Doctors Caught in Gwalior: 5 Illegal Clinics Sealed, Health Department Takes Strict Action
— Fake Doctors Caught in Gwalior: 5 Illegal Clinics Sealed, Health Department Takes Strict Action

—Advertisement—

Gwalior:
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित हो रहे फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जिले के मोतीझील और रायरू इलाकों में अचानक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे कई क्लीनिकों का भंडाफोड़ किया, जहां बिना किसी वैध पंजीकरण और योग्य चिकित्सक के मरीजों का इलाज हो रहा था। इस कार्रवाई से क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया और कुछ तो मौके से भागने की कोशिश भी करने लगे।

जांच के दौरान यह सामने आया कि इन क्लीनिकों में काम कर रहे कई लोग मेडिकल शिक्षा या प्रशिक्षण में पात्र नहीं थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ क्लीनिक संचालक केवल 12वीं पास थे, फिर भी एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से मरीजों का इलाज कर रहे थे। ये दवाएं गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती थीं।

12वीं पास लोगों द्वारा मरीजों का इलाज – गंभीर धोखाधड़ी

रायरू इलाके में बंगाली क्लीनिक संचालक प्रदीप राय, जो सिर्फ 12वीं पास हैं, एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसके अलावा मोतीझील और पुरानी छावनी क्षेत्र में कई एएनएम और जीएनएम कर्मी भी गैरकानूनी रूप से एलोपैथिक उपचार कर रहे थे। यह पूरी तरह से नियमों और कानून के खिलाफ था, क्योंकि एलोपैथिक दवा देने के लिए संबंधित चिकित्सा पद्धति में प्रमाणित प्रशिक्षण और योग्यताएँ आवश्यक हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर यह सुनिश्चित किया कि ऐसे क्लीनिकों के संचालकों के खिलाफ तुरंत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। विभाग ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, और इसके लिए किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।

क्लीनिकों की जांच और सीलिंग

जांच में यह भी पता चला कि इन क्लीनिकों के पास न तो सीएमएचओ कार्यालय का वैध पंजीकरण था और न ही उनके पास चिकित्सक की मान्यता या योग्यता का प्रमाणपत्र। ऐसे हालात में मरीजों को इलाज दिलाना गंभीर अपराध है। इसी वजह से विभाग ने अब तक पांच अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया है और संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन क्लीनिकों में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयाँ खतरनाक हो सकती थीं। यदि समय रहते कार्रवाई न होती, तो गंभीर स्वास्थ्य हादसों का खतरा बन सकता था। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में गैरकानूनी मेडिकल प्रैक्टिस को बख्शा नहीं जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का सख्त संदेश

स्वास्थ्य विभाग ने ग्वालियर जिले के सभी नागरिकों के लिए स्पष्ट संदेश जारी किया है कि कोई भी व्यक्ति बिना वैध पंजीकरण और बिना किसी चिकित्सा पद्धति में योग्यताएँ प्राप्त किए चिकित्सा प्रैक्टिस करेगा, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की चिकित्सा धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।

विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई न केवल अवैध क्लीनिकों के खिलाफ है, बल्कि यह नागरिकों को जागरूक करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक था।

Gwalior में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती

Gwalior में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बिना योग्यताओं के लोग चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे। इस कारण नागरिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसा कम हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना प्रशिक्षण के दवाइयाँ देना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार मरीजों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सभी अवैध क्लीनिक संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ मरीजों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि लोग केवल वैध और प्रमाणित क्लीनिकों में ही इलाज करवाएँ।

नागरिकों के लिए चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे क्लीनिक में इलाज न करवाएँ, जहां डॉक्टर की योग्यता प्रमाणित न हो और क्लीनिक का पंजीकरण वैध न हो। किसी भी शंका की स्थिति में विभाग की हेल्पलाइन या स्थानीय स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

भविष्य में रोकथाम

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए जिले में नियमित और औचक निरीक्षण किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक सुरक्षित, योग्य और प्रमाणित चिकित्सा सेवाएँ प्राप्त कर सकें।

इस कार्रवाई के बाद, ग्वालियर में नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम चिकित्सा क्षेत्र में गंभीर धोखाधड़ी को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

निष्कर्ष
Gwalior में स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अवैध मेडिकल प्रैक्टिस को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 12वीं पास व्यक्तियों द्वारा इलाज करने जैसी घटनाएँ गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं। विभाग ने न केवल क्लीनिकों को सील किया है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की भी घोषणा की है।

यह कदम ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर नकेल कसी जाएगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp