नवागढ़ तीर्थ में राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन, कई विभूतियों का सम्मान; इंदौर में होगा आईजा का राष्ट्रीय सम्मेलन
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य को ‘समाज रत्न’, पूर्व विधायक सुनील जैन को ‘युवक रत्न’; पत्रकारिता, जैन समाज और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों का सम्मान
सिरोंज। ऐतिहासिक एवं अतिशय क्षेत्र नवागढ़ तीर्थ में आयोजित राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के दौरान पत्रकारिता, जैन समाज, धर्म और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न विभूतियों को सम्मानित किया गया। ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी द्वारा आयोजित समारोह में देश और समाज के लिए कार्य करने वाली हस्तियों को अलग-अलग सम्मान एवं उपाधियां प्रदान की गईं। सम्मेलन में पत्रकारिता की भूमिका, नवागढ़ के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व, जैन सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार और तीर्थ क्षेत्र के विकास जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार रखे गए।
कार्यक्रम में आईजा की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान बताया गया कि संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन इंदौर में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विभिन्न राज्यों से जैन पत्रकारों और संगठन के पदाधिकारियों की सहभागिता होने की संभावना है।
प्रदीप जैन आदित्य को ‘समाज रत्न’ से किया सम्मानित
सम्मान समारोह में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य को सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए ‘समाज रत्न’ की उपाधि प्रदान की गई। वहीं पूर्व विधायक सुनील जैन को ‘युवक रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा ब्रह्मचारी भैया जय निषांत जी को ‘तीर्थ क्षेत्र रत्न’ तथा भरत सेठ को ‘आईजा रत्न’ की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अन्य क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों का भी अभिनंदन किया गया।
सम्मान समारोह नवागढ़ तीर्थ क्षेत्र में विराजमान मुनि श्री 108 मंगलानंद सागर महाराज एवं मुनि श्री मंगल सागर महाराज के सान्निध्य तथा ब्रह्मचारी भैया जय निषांत जी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
पत्रकारों और समाजसेवियों की रही विशेष मौजूदगी
राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार, जैन समाज के प्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए। कार्यक्रम में भारत सरकार के नीति आयोग की सदस्य अर्चना जैन, पूर्व मंत्री एवं विधायक यादवेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप जैन रायपुर, कमल जैन झांसी और निधि जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सम्मेलन के माध्यम से पत्रकारों के बीच आपसी संवाद और संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने के साथ सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर पत्रकारिता की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल घटनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना, संस्कृति और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती है।
नवागढ़ में छिपे हैं जैन इतिहास के अनेक आयाम: मुनि श्री मंगल सागर

मुनि श्री मंगल सागर महाराज ने अपने आशीर्वचन में नवागढ़ तीर्थ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र ने जैन इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण और अनछुए आयामों को अपने भीतर संरक्षित कर रखा है।
उन्होंने कहा कि अभी इस गौरवशाली इतिहास का केवल एक छोटा हिस्सा ही समाज और दुनिया के सामने आ पाया है। क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्य, पुरातात्विक प्रमाण और ऐतिहासिक पहलू अभी सामने आना शेष हैं।
मुनि श्री ने नवागढ़ के इतिहास, पुरातात्विक महत्व और धार्मिक विरासत को गंभीरता से समझने तथा संरक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इस दिशा में समाज, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं और अन्य संस्थाओं को मिलकर कार्य करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां इस विरासत को जान और समझ सकें।
निर्भीक और निष्पक्ष होकर कार्य करें पत्रकार: प्रदीप जैन आदित्य
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए पत्रकारिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्ठा, सजगता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासन या प्रशासन के किसी दबाव अथवा भय से प्रभावित हुए बिना पत्रकारों को सत्य और जनहित के मुद्दों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने लाना चाहिए।
प्रदीप जैन आदित्य ने भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक परिवेश के संरक्षण एवं उन्नयन में पत्रकारिता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और सकारात्मक पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी मीडिया एक सशक्त माध्यम है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी केवल समसामयिक घटनाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज की महत्वपूर्ण विरासत को सामने लाना भी उसका दायित्व है।
नवागढ़ के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: यादवेंद्र सिंह
पूर्व मंत्री एवं विधायक यादवेंद्र सिंह ने नवागढ़ तीर्थ से अपने पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका इस क्षेत्र से संबंध वर्ष 1985 से रहा है। उन्होंने बताया कि नवागढ़ में आयोजित गजरथ महोत्सव के दौरान पंडित गुलाबचंद जी पुष्प के सान्निध्य में उन्हें इस तीर्थ क्षेत्र से जुड़ने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ब्रह्मचारी निषांत भैया जी द्वारा समय-समय पर उन्हें नवागढ़ के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलता है। भगवान के दर्शन और नवागढ़ की पवित्र भूमि पर पहुंचने से उन्हें विशेष शांति की अनुभूति होती है।
यादवेंद्र सिंह ने नवागढ़ के विकास के लिए मीडिया, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को मिलकर तीर्थ क्षेत्र के विकास की व्यापक योजना तैयार करनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर हो नवागढ़ का प्रचार-प्रसार
यादवेंद्र सिंह ने कहा कि नवागढ़ धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और इतिहास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में इस क्षेत्र की विशेषताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं के विकास, धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और बेहतर प्रचार-प्रसार के माध्यम से देशभर के लोगों को नवागढ़ के महत्व से परिचित कराया जा सकता है।
इसके लिए मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पत्रकारों के माध्यम से नवागढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी व्यापक स्तर तक पहुंचाई जा सकती है।
जैन सिद्धांतों से समाज को नई दिशा देने की जरूरत: अर्चना जैन
भारत सरकार के नीति आयोग की सदस्य अर्चना जैन ने अपने संबोधन में जैन धर्म के सिद्धांतों को सामाजिक जीवन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जैन धर्म की शिक्षाओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से शाकाहार, अहिंसा, जीव दया और मूक पशुओं की सेवा जैसे विषयों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन सिद्धांतों को केवल धार्मिक विचार के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने मूक पशुओं के उपचार और उनके भरण-पोषण के लिए समाज को संगठित रूप से काम करने की आवश्यकता भी बताई।
नवागढ़ गुरुकुलम के विद्यार्थियों के लिए पुरस्कार योजना का सुझाव
अर्चना जैन ने नवागढ़ गुरुकुलम में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार और सम्मान योजनाएं शुरू करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से विद्यार्थियों में शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ेगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने से अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
उन्होंने समाज और संस्थाओं से शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इंदौर में आयोजित होगा आईजा का राष्ट्रीय सम्मेलन
नवागढ़ तीर्थ में हुए राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के दौरान ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर आईजा का अगला राष्ट्रीय सम्मेलन इंदौर में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।
इंदौर में प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए देशभर के जैन पत्रकारों को एक मंच पर लाने और पत्रकारिता, संगठन, समाज तथा समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा।
नवागढ़ में आयोजित सम्मेलन का समापन पत्रकारिता की निष्पक्षता, सामाजिक जिम्मेदारी, जैन संस्कृति के संरक्षण और ऐतिहासिक तीर्थ क्षेत्र के विकास के संदेश के साथ हुआ। समारोह ने एक ओर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया, वहीं दूसरी ओर नवागढ़ की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता को भी प्रमुखता से सामने रखा।
