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AI+ Smartphones ने NXT Quantum OS 1.1 किया लॉन्च, यूजर्स को डेटा और प्राइवेसी पर मिलेगा ज्यादा कंट्रोल

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Published On: 4 September 2026
AI+ Smartphones

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AI+ यूजर्स को डेटा और प्राइवेसी पर मिलेगा ज्यादा कंट्रोल

NXT Quantum OS 1.1 में नया Privacy Dashboard, ऐप परमिशन और डेटा ट्रैफिक की मिलेगी जानकारी

नई दिल्ली, सितंबर 2026। स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा और प्राइवेसी यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बनते जा रहे हैं। फोन में मौजूद अलग-अलग ऐप्स कब, कितना और किस तरह का डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं, इसकी जानकारी कई बार यूजर्स के लिए स्पष्ट नहीं होती। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए AI+ Smartphones ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम NXT Quantum OS 1.1 का नया वर्जन पेश किया है।

कंपनी के मुताबिक इस नए अपडेट का उद्देश्य यूजर्स को उनके डेटा और प्राइवेसी पर अधिक जानकारी, पारदर्शिता और नियंत्रण उपलब्ध कराना है। अपडेट में ऐप परमिशन से लेकर बैकग्राउंड डेटा एक्सेस तक कई ऐसे फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनसे यूजर्स अपने स्मार्टफोन में डेटा के इस्तेमाल को बेहतर तरीके से समझ और नियंत्रित कर सकेंगे।

भारत में सुरक्षित रहेगा कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर

NXT Quantum OS 1.1 की प्रमुख विशेषताओं में भारत आधारित डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमुखता दी गई है। कंपनी के अनुसार कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड भारत में ही सुरक्षित रहेगा।

कंपनी का दावा है कि ऐप्स से जुड़ा 100 प्रतिशत डेटा ट्रैफिक भारत में मौजूद सर्वर्स के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा। इसका उद्देश्य डेटा प्रोसेसिंग को अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाना है।

हालांकि, कंपनी के अनुसार जरूरी Google Core Services के लिए कुछ डेटा ट्रैफिक कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जाएगा। इसके अलावा सामान्य ऐप डेटा ट्रैफिक और IP पिंग्स को भारत के नेटवर्क के भीतर रखने की व्यवस्था की गई है।

1,000 से अधिक कनेक्शन्स की ऑटोमैटिक जांच

NXT Quantum OS 1.1 में डेटा ट्रैफिक की निगरानी और सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम भी शामिल किया गया है। कंपनी के अनुसार यह सिस्टम 1,000 से अधिक कनेक्शन्स और 172 अलग-अलग destination IP addresses से जुड़े source rules की स्वतः जांच करेगा।

इसका उद्देश्य यह समझना है कि डिवाइस में मौजूद ऐप्स किन नेटवर्क डेस्टिनेशन से कनेक्ट हो रहे हैं और डेटा ट्रैफिक किस दिशा में जा रहा है।

यूजर्स के लिए इस तरह की व्यवस्था खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में किसी ऐप के बैकग्राउंड नेटवर्क कनेक्शन की जानकारी समझना आसान नहीं होता।

नया NXT Privacy Dashboard

इस अपडेट की प्रमुख विशेषताओं में NXT Privacy Dashboard भी शामिल है। कंपनी के अनुसार इसके माध्यम से यूजर्स एक ही जगह अपने स्मार्टफोन में मौजूद अलग-अलग ऐप्स की परमिशन देख सकेंगे।

यूजर जरूरत के अनुसार किसी ऐप की परमिशन को बदल या बंद भी कर सकेंगे। इससे उन ऐप्स पर नियंत्रण रखना आसान होगा, जिन्हें कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स या अन्य डिवाइस फीचर्स तक पहुंच की आवश्यकता होती है।

प्राइवेसी डैशबोर्ड का उद्देश्य यूजर्स को यह समझने में मदद करना है कि उनके फोन में मौजूद ऐप्स किस तरह की परमिशन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बैकग्राउंड एक्टिविटी की भी मिलेगी जानकारी

कई बार कोई ऐप स्क्रीन पर दिखाई नहीं दे रहा होता, लेकिन बैकग्राउंड में डेटा या किसी डिवाइस फीचर का इस्तेमाल कर सकता है। NXT Quantum OS 1.1 में इस तरह की गतिविधियों को लेकर यूजर्स को अधिक जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।

यूजर्स यह देख सकेंगे कि बैकग्राउंड में कोई ऐप कब सक्रिय हुआ और उसने फोन के किन फीचर्स को एक्सेस किया।

यदि कोई ऐप आवश्यकता से अधिक परमिशन का इस्तेमाल करता पाया जाता है, तो सिस्टम की ओर से प्राइवेसी अलर्ट दिए जाने की व्यवस्था भी की गई है।

यूजर्स को मिलेगी ज्यादा पारदर्शिता

कंपनी के अनुसार नए OS का फोकस केवल सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि यूजर्स को जानकारी उपलब्ध कराने पर भी है। अक्सर स्मार्टफोन यूजर्स ऐप इंस्टॉल करते समय कई तरह की परमिशन दे देते हैं, लेकिन बाद में यह भूल जाते हैं कि कौन-सा ऐप किस सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है।

ऐसे में Privacy Dashboard यूजर्स को समय-समय पर इन परमिशन्स की समीक्षा करने का अवसर देगा। जरूरत नहीं होने पर परमिशन को बंद किया जा सकता है।

इससे यूजर्स को अपने स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग्स पर अधिक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

माधव शेठ ने भरोसे को बताया अहम

NXT Quantum OS 1.1 के लॉन्च के अवसर पर NXT Quantum Shift Technologies और AI+ Smartphones के CEO माधव शेठ ने टेक्नोलॉजी में भरोसे को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का भविष्य केवल इस बात से तय नहीं होता कि वह क्या कर सकती है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि लोग उस पर कितना भरोसा करते हैं।

कंपनी की ओर से नए प्राइवेसी फीचर्स को इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। उद्देश्य यह है कि यूजर्स को अपने डेटा के इस्तेमाल के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिले और वे जरूरत के अनुसार फैसले ले सकें।

Project Open Review 2.0 का भी हिस्सा

NXT Quantum OS 1.1 का अपडेट Project Open Review 2.0 का भी हिस्सा है। इसके तहत रिव्यूअर्स, क्रिएटर्स, पत्रकारों और ethical hackers को AI+ डिवाइसेस का परीक्षण करने और अपने अनुभव के आधार पर फीडबैक देने का अवसर दिया जाएगा।

इस तरह के ओपन रिव्यू सिस्टम का उद्देश्य डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम को बाहरी विशेषज्ञों की नजर से परखना है। इससे संभावित कमियों की पहचान करने और भविष्य के अपडेट को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

Ethical Hackers भी कर सकेंगे परीक्षण

प्रोजेक्ट में ethical hackers की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वे डिवाइस और सिस्टम की सुरक्षा से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच कर सकते हैं और अपनी रिपोर्ट या फीडबैक के माध्यम से कंपनी को सुधार के लिए सुझाव दे सकते हैं।

कंपनी के अनुसार क्रिएटर्स, जर्नलिस्ट्स और अन्य रिव्यूअर्स भी डिवाइस के फीचर्स और प्राइवेसी सिस्टम को वास्तविक उपयोग के दौरान परख सकेंगे।

डेटा और प्राइवेसी पर बढ़ता फोकस

आज स्मार्टफोन केवल कॉल और मैसेजिंग तक सीमित नहीं हैं। इनमें बैंकिंग, खरीदारी, सोशल मीडिया, लोकेशन, फोटो, कॉन्टैक्ट्स और व्यक्तिगत दस्तावेजों से जुड़ी बड़ी मात्रा में जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम में डेटा प्राइवेसी को लेकर पारदर्शिता और यूजर कंट्रोल की भूमिका लगातार बढ़ रही है। AI+ का नया अपडेट इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

NXT Quantum OS 1.1 के साथ यूजर्स को कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वे ऐप परमिशन्स की समीक्षा कर सकेंगे, जरूरत के अनुसार उन्हें बंद कर सकेंगे और बैकग्राउंड में ऐप्स की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

वहीं, प्राइवेसी अलर्ट यूजर्स को ऐसे मामलों में सतर्क करने में मदद करेगा, जहां किसी ऐप द्वारा आवश्यकता से अधिक परमिशन का इस्तेमाल किया जा रहा हो।

भारत केंद्रित डेटा प्रोसेसिंग पर जोर

AI+ के नए अपडेट में भारत आधारित डेटा प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। कंपनी के अनुसार ऐप्स से जुड़ा डेटा ट्रैफिक भारत स्थित सर्वर्स के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा।

यह कदम भारत में डेटा सुरक्षा और स्थानीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच महत्वपूर्ण है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरी Google Core Services से संबंधित कुछ ट्रैफिक भारत के बाहर कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जाएगा।

प्राइवेसी को लेकर यूजर की भूमिका भी महत्वपूर्ण

ऑपरेटिंग सिस्टम में प्राइवेसी फीचर्स उपलब्ध होने के साथ यूजर्स की जागरूकता भी जरूरी है। किसी ऐप को अनावश्यक परमिशन देने से बचना, समय-समय पर परमिशन की समीक्षा करना और संदिग्ध ऐप्स को हटाना स्मार्टफोन सुरक्षा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

NXT Quantum OS 1.1 का Privacy Dashboard यूजर्स को इन गतिविधियों के लिए एक केंद्रीकृत स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।

कुल मिलाकर AI+ Smartphones का NXT Quantum OS 1.1 अपडेट डेटा और प्राइवेसी को लेकर यूजर्स को अधिक जानकारी और नियंत्रण देने पर केंद्रित है। भारत आधारित डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऐप परमिशन की निगरानी, बैकग्राउंड एक्टिविटी की जानकारी, प्राइवेसी अलर्ट और Privacy Dashboard जैसे फीचर्स इसे प्राइवेसी-केंद्रित अपडेट बनाते हैं।

वहीं Project Open Review 2.0 के माध्यम से रिव्यूअर्स, क्रिएटर्स, पत्रकारों और ethical hackers को डिवाइसेस का परीक्षण करने का अवसर देना कंपनी के लिए बाहरी फीडबैक हासिल करने का माध्यम होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वास्तविक उपयोग के दौरान ये प्राइवेसी फीचर्स यूजर्स को कितनी पारदर्शिता और व्यावहारिक नियंत्रण प्रदान करते हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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