नियमों को ठेंगा: रिहायशी इलाके में दोबारा खुली शराब दुकान, वार्डवासियों में आक्रोश; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सेंट्रल बैंक मुख्य मार्ग पर शराब दुकान खुलने से बढ़ी परेशानी, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता
संवाददाता: संदीप तायड़े, घोड़ाडोंगरी
सारणी। जिले में एक ओर प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सारणी नगर के वार्ड क्रमांक-1 में रिहायशी इलाके के बीच शराब दुकान दोबारा शुरू होने से इन अभियानों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सरकारी नियमों और आम जनता की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए सेंट्रल बैंक मुख्य मार्ग जैसे व्यस्त और आवासीय क्षेत्र में शराब दुकान को फिर से संचालित कर दिया गया है।
शराब दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर असुरक्षा और असहज माहौल बनने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान को पहले जनहित को ध्यान में रखते हुए हटाया गया था, उसी जगह पर दुकान की पुनः स्थापना से वार्डवासियों में भारी नाराजगी है।
नशा मुक्ति अभियान और जमीनी स्थिति में अंतर
जिले के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं। “नशे से दूरी है जरूरी” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे नशे से बचें और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करें।
लेकिन सारणी के वार्ड क्रमांक-1 में शराब दुकान दोबारा खुलने के बाद स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रशासन नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है, तो रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान खोलने की अनुमति कैसे दी गई।
नागरिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले से ही कच्ची और अवैध शराब की समस्या को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग पर सरकारी शराब दुकान खुलने से स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है।
रिहायशी क्षेत्र में दुकान संचालन से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब दुकान खोलने के लिए स्थान चयन करते समय आसपास के माहौल और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। खासतौर पर ऐसे स्थानों से बचने की मांग की जाती है जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आम नागरिकों की आवाजाही रहती है।
वार्डवासियों का कहना है कि सेंट्रल बैंक मुख्य मार्ग एक व्यस्त क्षेत्र है। यहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। शराब दुकान शुरू होने के बाद सुबह से लेकर देर रात तक शराब खरीदने वालों और शराब सेवन करने वालों की भीड़ नजर आने लगी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शराबियों के जमावड़े के कारण महिलाओं और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोई गंभीर घटना भी हो सकती है।
एक साल पहले आंदोलन के बाद हटाई गई थी दुकान
वार्ड क्रमांक-1 में शराब दुकान को लेकर विरोध कोई नया नहीं है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पहले भी इसी स्थान पर शराब दुकान संचालित थी, जिसके खिलाफ वार्डवासियों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
उस समय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए मांग की थी कि रिहायशी क्षेत्र से शराब दुकान हटाई जाए। नागरिकों के लगातार विरोध और दबाव के बाद प्रशासन ने दुकान को शहर से बाहर दमुआ मुख्य मार्ग की ओर स्थानांतरित कर दिया था।
दुकान हटने के बाद वार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र में काफी हद तक शांति का माहौल बन गया था और लोगों को राहत मिली थी। लेकिन नए ठेके की प्रक्रिया के बाद दुकान को फिर से पुराने स्थान पर लाए जाने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है।
ठेका बदलते ही फिर शुरू हुआ विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि नया ठेका होने के बाद एक बार फिर शराब दुकान उसी स्थान पर स्थापित कर दी गई, जहां पहले भी विरोध हो चुका था।
वार्डवासियों का आरोप है कि दुकान स्थान चयन में स्थानीय लोगों की भावनाओं और पूर्व विरोध को महत्व नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने पहले किसी कारण से दुकान को हटाया था, तो दोबारा उसी जगह दुकान खोलने से पहले जनता की राय और सुरक्षा पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए था।
सेंट्रल बैंक के बगल में दुकान, सुरक्षा पर चिंता
शराब दुकान के ठीक बगल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया संचालित है। बैंक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग भी शामिल होते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब दुकान खुलने के कुछ ही दिनों बाद बैंक आने वाली एक महिला के साथ दो अज्ञात युवकों द्वारा 20 हजार रुपये की ठगी की घटना सामने आई थी। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की जांच पुलिस स्तर पर की जाती है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि शराब दुकान के आसपास बढ़ती भीड़ और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि बैंक जैसे संवेदनशील स्थान के पास शराब दुकान होने से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
वार्डवासियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब पहले जनहित को ध्यान में रखते हुए दुकान को हटाया गया था, तो उसे दोबारा इसी क्षेत्र में खोलने की अनुमति किस आधार पर दी गई।
नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के बाद ही कार्रवाई करेगा? लोगों का कहना है कि सुरक्षा और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
वार्डवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को रिहायशी क्षेत्र और मुख्य मार्ग से हटाकर शहर के बाहर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि क्षेत्र की शांति और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वे एक बार फिर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या नागरिकों की मांग को देखते हुए शराब दुकान के स्थान को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है।
