परवार समाज का स्नेह सम्मेलन एवं जनगणना निर्देशिका ‘परवार दर्पण’ का विमोचन
Indore : धर्म, समाज, संस्कृति, मानव सेवा और संतों के प्रति समर्पित इंदौर शहर में दिगंबर जैन परवार समाज का स्नेह सम्मेलन और जनगणना निर्देशिका ‘परवार दर्पण’ का विमोचन आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रविवार, 1 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे से दस्तूर गार्डन, फूटी कोठी चौराहा, इंदौर में होगा।
यह वार्षिक आयोजन केवल सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर नहीं है, बल्कि यह परवार समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और समाजसेवा की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।
कार्यक्रम का उद्देश्य
स्नेह सम्मेलन का उद्देश्य समुदाय के भीतर सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक बंधनों को मजबूत करना है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण परवार दर्पण निर्देशिका का विमोचन होगा, जिसमें परवार समाज के परिवारों और उनके योगदान का विवरण प्रस्तुत किया गया है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू के अनुसार, यह निर्देशिका समुदाय के सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगी। यह निर्देशिका सदस्यों को सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहलों में जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी और समुदाय में नेटवर्किंग को मजबूत करेगी।
कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियां
स्नेह सम्मेलन में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संयोजन रहेगा:
- समाजसेवी सदस्यों का सम्मान: समाज के उदार हृदय धर्म सहयोगियों और समुदाय सेवा में योगदान देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
- धार्मिक अनुष्ठान: कार्यक्रम में विशेष पूजा और प्रार्थनाएं की जाएंगी, जिसमें चंद्रप्रभु स्वामी और अन्य जैन संतों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: परंपरागत नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से परवार समाज की धरोहर को दर्शाया जाएगा।
- धार्मिक तंबोला और लकी ड्रा: समारोह में इंटरएक्टिव गेम्स और धार्मिक रूप से प्रेरित तंबोला एवं लकी ड्रा का आयोजन भी होगा।
इस प्रकार यह कार्यक्रम धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सभी के लिए आकर्षक होगा।

प्रमुख अतिथि
समारोह में कई राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहेंगी, जिनमें शामिल हैं:
- श्री कैलाश विजयवर्गीय – मंत्री
- रमेश मेंदोला – विधायक
- कृष्ण मुरारी मोघे – विधायक
- राजीव जैन – पार्षद
- नरेंद्र जैन पप्पा जी – वरिष्ठ समाजसेवी
इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम की महत्ता को बढ़ाएगी और परवार समाज तथा सरकारी निकायों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी।
ट्रस्ट की भूमिका
यह कार्यक्रम श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन परवार समाज धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
राजेश जैन लारेल, ट्रस्ट अध्यक्ष और राजू जैन अलबेला, महासचिव ने बताया कि स्नेह सम्मेलन समाज की एकता, सौहार्द और सांस्कृतिक व धार्मिक चेतना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था, शिक्षा और समाजसेवा को प्रोत्साहित करने का अवसर है।
परवार दर्पण निर्देशिका का महत्व
‘परवार दर्पण’ निर्देशिका एक पहली तरह की पहल है, जो परवार समाज के सदस्यों को एक मंच पर जोड़ती है। इसका महत्व इस प्रकार है:
- सदस्य प्रोफाइल: सभी परवार समाज परिवारों का विवरण, उनके योगदान और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी।
- सांस्कृतिक पहल: समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण।
- धार्मिक और सामाजिक सेवा: परवार समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय सेवा में योगदान को दर्शाया गया है।
- नेटवर्किंग: सदस्यों के बीच सामाजिक, धार्मिक और सेवा कार्यों के लिए संपर्क और सहयोग स्थापित करना।
इस निर्देशिका के माध्यम से समाज में सदस्य सहभागिता और पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक सौहार्द
स्नेह सम्मेलन का एक मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और सौहार्द बढ़ाना है। कार्यक्रम में बुजुर्ग, युवा, महिला और बालक सभी शामिल होंगे, जिससे पीढ़ियों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ेगा।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार, सामाजिक एकता से सदस्य शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक पहलों में सामूहिक रूप से भाग ले सकेंगे, जिससे समाज का विकास और मजबूती सुनिश्चित होगी।
युवा सहभागिता
इस सम्मेलन में विशेष रूप से युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया गया है। आयोजकों ने युवाओं के लिए सत्र आयोजित किए हैं, जिनमें उन्हें नेतृत्व विकास, सामाजिक सेवा और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी।
युवाओं को सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि परवार समाज की धरोहर और मूल्य आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहें।
समाजसेवी और धार्मिक पुरस्कार
समारोह में समाजसेवा और धर्म में योगदान देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के श्रेणीगत विवरण इस प्रकार हैं:
- शिक्षा और समाजसेवा में योगदान
- जैन संस्कृति और धार्मिक कार्यों में योगदान
- मानव सेवा और सामाजिक पहल
- युवा नेतृत्व और स्वयंसेवा
इससे समाज में और अधिक सदस्यों को सेवा और सहयोग की प्रेरणा मिलेगी।
धार्मिक महत्त्व
कार्यक्रम में चंद्रप्रभु स्वामी और जैन साधुओं के प्रति श्रद्धांजलि और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। धर्माचार्य और साधु अहिंसा, सत्य और करुणा के जैन सिद्धांतों पर प्रवचन देंगे।
आयोजकों के अनुसार, धार्मिक तत्व से सदस्यों में नैतिक और आध्यात्मिक चेतना बढ़ेगी, जो समाज सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्नेह सम्मेलन में परवार समाज की धरोहर और परंपरा को प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें स्थानीय कलाकार, युवा समूह और सांस्कृतिक संस्थान भाग लेंगे।
इससे लोककला, संगीत और नृत्य की परंपरा संरक्षित रहेगी और युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व और पहचान पैदा होगी।
समाज सेवा पहल
समारोह में समाजसेवा और परोपकार को भी महत्व दिया जाएगा। प्रमुख पहलों में शामिल हैं:
- गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए फंडिंग
- स्वास्थ्य शिविर और मेडिकल सहायता
- पर्यावरण जागरूकता और सफाई अभियान
- वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग सदस्यों के लिए सहायता
इस तरह यह सम्मेलन धर्म, संस्कृति और सेवा को जोड़ने का काम करता है।
निष्कर्ष
परवार समाज का स्नेह सम्मेलन और परवार दर्पण विमोचन एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान करेगा। यह कार्यक्रम न केवल समाज के सदस्यों को एक मंच पर जोड़ता है, बल्कि युवाओं को प्रेरित करने, समाज सेवा और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्नेह सम्मेलन और निर्देशिका विमोचन से परवार समाज का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण मजबूत होगा और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक पहल साबित होगी।
