Khargone में भारतीय आज़ाद आदिवासी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति
खरगोन | रिपोर्टर – अर्जुन सोलंकी
Khargone। भारतीय आज़ाद आदिवासी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन खरगोन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, विभिन्न पदों पर नियुक्तियों और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए नए विंग गठित करने को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि वास्कले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदू कनेश, राष्ट्रीय महासचिव लालू डुडवे और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय जाधव सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नए पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां
अधिवेशन के दौरान पार्टी के विभिन्न जिलों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी तय की गईं। बड़वानी जिले में गन्दास बर्डे को जिला अध्यक्ष और रविंद्र चौहान को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह खरगोन जिले में गणेश चौहान को जिला अध्यक्ष तथा सुनील सस्तिया को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
खंडवा जिले में नवल कनेश को जिला अध्यक्ष और राजेंद्र डुडवे को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इन नियुक्तियों के माध्यम से संगठन को जिलास्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देने का प्रयास किया जा रहा है।

विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए विंग बनाने का निर्णय
अधिवेशन में पार्टी के अलग-अलग विंग गठित करने की जानकारी भी दी गई। इनमें आदिवासी विंग, दलित विंग, मुस्लिम विंग और पिछड़ा वर्ग विंग शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन विंग के माध्यम से संबंधित वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर नेतृत्व तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
पार्टी पदाधिकारियों ने आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर तक ले जाने तथा विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने का संकल्प लिया। अधिवेशन में कार्यकर्ताओं से संगठन के विस्तार और सामाजिक मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया।
टंट्या मामा की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनाज मंडी से शहर के बिस्तान नाका स्थित टंट्या मामा की प्रतिमा तक पहुंचे। यहां टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अधिवेशन के माध्यम से पार्टी ने संगठन विस्तार और विभिन्न सामाजिक वर्गों में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
पार्टी के नाम और पदाधिकारियों से संबंधित उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में भी भारतीय आज़ाद आदिवासी पार्टी (BAAP) का उल्लेख मिलता है।
