—Advertisement—

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच एसीपी विवेक भगत का अतिरिक्त डीसीपी प्रभार रोका, जांच पूरी होने तक खुद किया अनुरोध

Author Picture
Published On: 6 October 2026

—Advertisement—

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच एसीपी विवेक भगत का अतिरिक्त डीसीपी प्रभार रोका, जांच पूरी होने तक खुद किया अनुरोध

नई दिल्ली। महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) का अस्थायी प्रभार देने का निर्णय रोक दिया गया है। दिल्ली सरकार ने सोमवार, 5 अक्टूबर की देर रात बताया कि संबंधित आदेश में संशोधन किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, भगत ने स्वयं अनुरोध किया था कि आरोपों की जांच पूरी होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक पहुंचने तक उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं दी जाए।

पहले 12 अधिकारियों को दिया गया था प्रभार

दिल्ली सरकार ने सोमवार को जारी प्रशासनिक आदेश में दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पुलिस सेवा यानी DANIPS के 12 अधिकारियों को अतिरिक्त डीसीपी पद का वर्तमान कार्यभार सौंपा था। इस सूची में विवेक भगत का नाम भी शामिल था। बाद में उनके संबंध में आदेश बदलने का निर्णय लिया गया।

सरकार के स्पष्टीकरण के अनुसार, अब बाकी 11 अधिकारियों के लिए संशोधित आदेश जारी किया जाएगा। भगत के मामले में अतिरिक्त जिम्मेदारी की व्यवस्था रोकने का फैसला उनके अनुरोध और महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की जांच के संदर्भ में लिया गया है।

नियमित पदोन्नति से अलग है अस्थायी कार्यभार

इस घटनाक्रम को कई खबरों में विवेक भगत का प्रमोशन रुकने के रूप में प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, सरकारी स्पष्टीकरण में इसे अतिरिक्त डीसीपी पद का ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ यानी अस्थायी वर्तमान कार्यभार बताया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से संबंधित अधिकारी को कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता। इसके तहत नियमित रूप से नियुक्त अधिकारी की वैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का अधिकार भी नहीं मिलता। इसलिए इस आदेश को नियमित पदोन्नति के समान समझना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भगत एसीपी पद पर बने हुए हैं और उनके अतिरिक्त कार्यभार को रोका गया है।

अगस्त में शुरू हुई थी प्रशासनिक प्रक्रिया

दिल्ली सरकार ने अतिरिक्त प्रभार देने की प्रक्रिया की समयावधि भी स्पष्ट की है। उसके अनुसार, अधिकारियों को यह कार्यभार सौंपने का प्रस्ताव 25 अगस्त को शुरू किया गया था। यह प्रक्रिया वर्तमान आरोपों और विवाद से पहले की थी। आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद संबंधित आदेश 5 अक्टूबर को जारी हुआ।

सरकार का कहना है कि आदेश पहले से चल रही प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर जारी किया गया था। इसके बाद विवेक भगत के अनुरोध को देखते हुए उनके संबंध में संशोधन किया जा रहा है। इस स्पष्टीकरण से प्रस्ताव शुरू होने, आदेश जारी होने और अतिरिक्त प्रभार रोके जाने के क्रम की जानकारी सामने आई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी है शिकायत

विवेक भगत के खिलाफ आरोप दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े हैं। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से संबंधित मुद्दों को लेकर आयोजित हुआ था।

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। इनमें विवेक भगत के खिलाफ एक महिला पत्रकार की शिकायत भी शामिल है। दिल्ली पुलिस ने शिकायतें प्राप्त होने के बाद उन्हें आगे की जांच के लिए अपराध शाखा को भेजा है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

प्राथमिकी की मांग को लेकर हुआ विरोध

महिला पत्रकार की शिकायत के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी उठी। रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायतकर्ता सहित कुछ पत्रकार और प्रदर्शनकारी संसद मार्ग थाने के बाहर बैठे थे। वे आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान विवेक भगत को अतिरिक्त डीसीपी का कार्यभार देने वाला आदेश सामने आने पर विरोध बढ़ा। बाद में सरकार ने संशोधित व्यवस्था की जानकारी दी और बताया कि भगत जांच पूरी होने तक अतिरिक्त प्रभार स्वीकार नहीं करना चाहते।

जांच के निष्कर्ष पर रहेंगी निगाहें

फिलहाल मामले में दो प्रक्रियाएं सामने हैं—महिला पत्रकारों की शिकायतों की जांच और अतिरिक्त कार्यभार संबंधी प्रशासनिक आदेश में संशोधन। प्रभार रोकने का निर्णय अपने आप में आरोपों की पुष्टि अथवा जांच का अंतिम परिणाम नहीं है।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp