ग्वालियर में आचार्य विमल सागर महाराज का 111वां जन्म जयंती महोत्सव 2 अक्टूबर से
आचार्य चैत्य सागर और मुनिश्री अनुमान सागर के सानिध्य में दो दिवसीय आयोजन; विमल विधान, मंगल आरती और पालकी शोभायात्रा होगी
ग्वालियर। वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री 108 विमल सागरजी महाराज का 111वां जन्म जयंती महोत्सव 2 और 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा। आत्म साधना वर्षायोग समिति तथा सकल जैन समाज ग्वालियर की ओर से आयोजित महोत्सव आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के मंगल सानिध्य में होगा। दाना ओली स्थित दिगम्बर बीस पंथी चंपाबाग जैन मंदिर और नई सड़क स्थित चंपाबाग बगीची में होने वाले कार्यक्रमों में विधान, पूजन, आरती, नृत्य नाटिका, शोभायात्रा, पंचामृत अभिषेक तथा विनयांजलि शामिल हैं।
दो दिनों में होंगे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार, 2 अक्टूबर को प्रातःकालीन विमल विधान से होगा। पहले दिन के कार्यक्रम चंपाबाग जैन मंदिर में आयोजित किए जाएंगे। शाम को मंगल आरती और नृत्य नाटिका होगी। दूसरे दिन शनिवार, 3 अक्टूबर को पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद चंपाबाग बगीची में अभिषेक और विनयांजलि का आयोजन होगा।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों दिनों के आयोजन अलग-अलग समय पर निर्धारित किए गए हैं। पहले दिन विधान और पूजन-अर्चना प्रमुख रहेंगे, जबकि दूसरे दिन आचार्य श्री विमल सागर महाराज की प्रतिमा के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव के सभी कार्यक्रम आचार्य चैत्य सागर महाराज और मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के सानिध्य में संपन्न होंगे।
2 अक्टूबर को सुबह सात बजे से विमल विधान
महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को प्रातः सात बजे से चंपाबाग जैन मंदिर में विमल विधान आयोजित किया जाएगा। सचिन जैन के अनुसार, विधान में जैन समाज के श्रद्धालु इंद्र-इंद्राणी बनकर पूजन-अर्चना करेंगे। इस कार्यक्रम के साथ दो दिवसीय जन्म जयंती महोत्सव की शुरुआत होगी।
विधान में समाज के लोगों की सहभागिता रहेगी। आचार्य श्री विमल सागर महाराज की जन्म जयंती के अवसर पर निर्धारित इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए आयोजन स्थल दाना ओली स्थित चंपाबाग जैन मंदिर रहेगा। सुबह के आयोजन में पूजन-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।
शाम को मंगल आरती और नृत्य नाटिका
शुक्रवार शाम सात बजे से मंगल आरती का कार्यक्रम होगा। इसी अवसर पर नृत्य नाटिका भी आयोजित की जाएगी। इस प्रकार पहले दिन सुबह धार्मिक विधान और शाम को आरती तथा नाटिका के कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।
आयोजन समिति एवं सकल जैन समाज की ओर से महोत्सव का यह कार्यक्रम मंदिर में रखा गया है। श्रद्धालु सुबह विमल विधान में और शाम को मंगल आरती में भाग ले सकेंगे। नृत्य नाटिका की विषयवस्तु और प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों का विवरण साझा कार्यक्रम में नहीं दिया गया है।
3 अक्टूबर को निकलेगी पालकी शोभायात्रा
महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे से गाजे-बाजे के साथ पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी। आचार्य श्री विमल सागर महाराज की प्रतिमा को पालकी में विराजित किया जाएगा। शोभायात्रा चंपाबाग जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नई सड़क स्थित चंपाबाग बगीची पहुंचेगी।
सचिन जैन ने बताया कि शोभायात्रा के बाद बगीची में आगे के धार्मिक कार्यक्रम होंगे। दूसरे दिन मंदिर से शुरू होने वाला आयोजन बगीची तक पहुंचेगा। घोषित मार्ग के अनुसार श्रद्धालु पालकी शोभायात्रा में शामिल होकर जन्म जयंती महोत्सव में अपनी सहभागिता देंगे।
पंचामृत अभिषेक और विनयांजलि का आयोजन
शनिवार सुबह साढ़े दस बजे से चंपाबाग बगीची में आचार्य श्री विमल सागर महाराज की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ जैन समाज की ओर से विनयांजलि आयोजित की जाएगी। शोभायात्रा के बगीची पहुंचने के बाद ये कार्यक्रम निर्धारित हैं।
दो दिवसीय महोत्सव के माध्यम से जैन समाज आचार्य श्री विमल सागर महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करेगा। आत्म साधना वर्षायोग समिति और सकल जैन समाज ग्वालियर द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में दोनों संतों का मंगल सानिध्य प्राप्त होगा।
