Abhyuday Growth Summit : अमित शाह ने मध्य प्रदेश में 2 लाख करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान
देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित ‘Abhyuday Padhya Pradesh Growth Summit’ का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस समिट की थीम निवेश और रोजगार पर आधारित है। समिट के दौरान गृह मंत्री ने दो लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की, जो राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
ग्वालियर की ऐतिहासिक भूमिका और बाल अटल की उत्पत्ति
अपने संबोधन में अमित शाह ने ग्वालियर की ऐतिहासिक और रणनीतिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर ने सदियों से भारत को ऊर्जा और गति प्रदान की है। मुगलों के समय से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, इस क्षेत्र ने कई लड़ाइयों और आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की है। उन्होंने बताया कि किसानों और स्थानीय नागरिकों ने देश की प्रगति में हमेशा योगदान दिया है। स्वतंत्रता के बाद भी ग्वालियर और इसके आसपास के क्षेत्र ने पैरामिलिट्री फोर्सेज में जवानों की संख्या में उल्लेखनीय योगदान दिया।
अमित शाह ने कहा, “जिस मिट्टी ने बाल अटल को अटल बिहारी वाजपेयी बनाया, उस मिट्टी पर आज मैं खड़ा हूँ। अटलजी ने देश को स्वराज से सुशासन की ओर मार्गदर्शन किया। उन्होंने आदिवासी कल्याण के लिए विशेष विभाग की स्थापना कर नई दिशा दी, जो पहले मध्य प्रदेश में उपलब्ध नहीं था। अटलजी के योगदान को केवल उनकी पार्टी के संदर्भ में नहीं देखा जा सकता, बल्कि उनके व्यक्तिगत योगदान और दूरदर्शिता के लिए भी याद किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कारगिल युद्ध का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय दुनिया भर का दबाव था, लेकिन अटलजी ने देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए निर्णय लिया। कारगिल विजय ने भारत के सैन्य इतिहास में नया अध्याय लिखा और यह अटलजी की दूरदर्शिता और साहस का उदाहरण है।
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अटल बिहारी वाजपेयी का विजन और देश का विकास
अमित शाह ने अटलजी की दूरदर्शिता को उजागर करते हुए कहा कि उन्होंने देश को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया। उन्होंने स्वराज से सुशासन तक का मार्ग प्रशस्त किया और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए मानक स्थापित किए। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश ने अटलजी की नीतियों का अनुसरण करते हुए राज्य में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास पर भी जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि जब पीएम मोदी सत्ता में आए, तब केवल 7 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 101 करोड़ हो गई है। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में हुए प्रयासों और तेजी से बढ़ती प्रौद्योगिकी अपनाने की क्षमता को दर्शाता है।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारत की नई शुरुआत
अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश ने सेमीकंडक्टर उद्योग में महत्वपूर्ण निवेश और प्रवेश किया है। उन्होंने इसे “धमाकेदार एंट्री” करार दिया और कहा कि भारत जल्द ही इस उद्योग में आत्मनिर्भर बनेगा। न केवल यह उद्योग देश में उत्पादन को बढ़ाएगा, बल्कि निर्यात को भी बढ़ावा देगा। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए रणनीतिक महत्व रखता है, क्योंकि सेमीकंडक्टर तकनीक आज के डिजिटल और तकनीकी युग की रीढ़ मानी जाती है।
गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अटलजी के समय से लेकर आज तक देश ने तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में कई क्रांतिकारी परिवर्तन देखे हैं। मध्य प्रदेश इन परिवर्तनों को अपनाने और उन्हें और आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

Abhyuday Growth Summit की थीम और महत्व
Abhyuday Padhya Pradesh Growth Summit की मुख्य थीम निवेश से रोजगार है। इसका उद्देश्य राज्य में नए उद्योग, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। अमित शाह ने इस अवसर पर दो लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों का ऐलान किया, जो विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश और विकास को सुनिश्चित करेंगे।
समिट के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि निवेश केवल आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानव संसाधन विकास को भी गति देगा। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल इंडिया, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी।
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स्थानीय और राष्ट्रीय प्रभाव
अमित शाह ने ग्वालियर की मिट्टी और अटलजी के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि यह क्षेत्र केवल मध्य प्रदेश का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का विकास केंद्र रहा है। स्थानीय लोग और किसान देश के विकास में हमेशा सक्रिय रहे हैं। नई परियोजनाओं से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार और तकनीकी नवाचार भी बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आजादी और सुरक्षा में ग्वालियर और इसके आसपास के क्षेत्रों का योगदान विशेष रहा है। यह क्षेत्र न केवल वीरता और साहस की मिसाल प्रस्तुत करता है, बल्कि विकास और नवाचार में भी आगे बढ़ रहा है।

निष्कर्ष
अमित शाह द्वारा आयोजित Abhyuday Growth Summit और दो लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी। यह कदम न केवल राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी और आर्थिक शक्ति को मजबूत करेगा।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस समिट ने यह दिखाया कि उनका विजन आज भी भारत के विकास और सुशासन के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है। मध्य प्रदेश और देश दोनों ही इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की एंट्री, डिजिटल इंडिया की प्रगति और ग्रामीण विकास की पहल इस समिट की मुख्य विशेषताएं हैं।
इस प्रकार, अभ्युदय ग्रोथ समिट न केवल एक आर्थिक सम्मेलन है, बल्कि यह अटलजी के स्वराज और सुशासन के विजन को मूर्त रूप देने का प्रतीक भी है। आने वाले वर्षों में यह समिट मध्य प्रदेश और भारत के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
