महिदपुर रोड में दादा गुरुदेव राजेंद्र सूरीश्वर जी का महाअभिषेक, 200 दीपकों से हुई आरती
महिदपुर रोड। दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराज साहब के 200वें जन्म महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को महिदपुर रोड नगर में महाअभिषेक का आयोजन हुआ। मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच हुए अभिषेक में सकल जैन श्री संघ के समाजजन शामिल हुए। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और गुरुदेव के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अष्टप्रकारी पूजन किया। आयोजन के समापन पर 200 दीपकों से गुरुदेव की आरती की गई।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि दादा गुरुदेव के द्विशताब्दी वर्ष के निमित्त देशभर के जैन मंदिरों में महाअभिषेक आयोजित किए जा रहे हैं। ये आयोजन मुनिराज ज्योतिष रत्न डॉ. लाभेश विजय जी महाराज साहब की सद्प्रेरणा से हो रहे हैं। इसी क्रम में महिदपुर रोड में भी समाजजनों ने एकत्र होकर अभिषेक और पूजन में भाग लिया।
साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी की निश्रा में हुआ आयोजन
सचिन भंडारी के अनुसार, महिदपुर रोड में चातुर्मास हेतु विराजित साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा की पावन निश्रा में बुधवार को यह धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। दोपहर 2 बजे महाअभिषेक प्रारंभ हुआ और करीब 4 बजे तक चला। इस दौरान समाजजन मंदिर परिसर में उपस्थित रहे तथा मंत्रोच्चार, पूजन और आरती में सम्मिलित हुए।
महाअभिषेक में विभिन्न प्रकार की औषधीय सामग्री का उपयोग किया गया। संगीतकार एवं विधिकारक जितेंद्र भाई ने संगीत और भक्ति गीतों के साथ विधि संपन्न कराई। भंडारी ने बताया कि अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। मंदिर परिसर में बार-बार दादा गुरुदेव के जयकारे गूंजे और उपस्थित समाजजनों ने भक्तिभाव से आयोजन में सहभागिता की।
अष्टप्रकारी पूजन में शामिल हुए श्रद्धालु
महाअभिषेक के दौरान अष्टप्रकारी पूजन भी किया गया। समाजजनों ने गुरुदेव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजन की विधियों में भाग लिया। भक्ति गीतों की प्रस्तुति के बीच कई श्रद्धालु नाचते-गाते दिखाई दिए। आयोजकों के अनुसार, दादा गुरुदेव के द्विशताब्दी वर्ष में आयोजित इस महाअभिषेक को लेकर समाज में उत्साह था।
पूजन के साथ श्रद्धालुओं को मंत्रोच्चार और अभिषेक की विधि में भी शामिल होने का अवसर मिला। दो घंटे तक चले कार्यक्रम में मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन को दादा गुरुदेव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर बताया। सचिन भंडारी ने कहा कि महाअभिषेक में सकल जैन श्री संघ की उपस्थिति रही और सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
200 दीपकों से की गई गुरुदेव की आरती
अभिषेक एवं पूजन की विधियां पूर्ण होने के बाद 200 दीपकों से गुरुदेव की आरती की गई। द्विशताब्दी वर्ष के अवसर पर हुई यह आरती आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। श्रद्धालु आरती में शामिल हुए और गुरुदेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्ति गीतों के साथ आरती संपन्न होने पर समाजजनों ने दादा गुरुदेव के प्रति श्रद्धा प्रकट की।
भंडारी ने बताया कि श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराज साहब के 200वें जन्म महोत्सव को देशभर में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से मनाया जा रहा है। महिदपुर रोड का महाअभिषेक भी इसी शृंखला का हिस्सा था। स्थानीय जैन समाज ने चातुर्मास के दौरान विराजित साध्वी जी की निश्रा में एक साथ पूजन करने का अवसर प्राप्त किया।
बुधवार को हुए आयोजन में दोपहर से ही समाजजन मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। महाअभिषेक के दौरान विधि, संगीत और भक्ति गीत साथ-साथ चलते रहे। आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। पूजन की समाप्ति पर 200 दीपकों की आरती के साथ महिदपुर रोड में दादा गुरुदेव के द्विशताब्दी वर्ष का यह आयोजन पूर्ण हुआ।
