Abhijeet Dipke NDA Offer: रामदास अठावले ने दिया NDA में आने का ऑफर, CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने तंज के साथ दिया जवाब
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के प्रमुख रामदास अठावले ने दीपके को अपनी पार्टी से जुड़ने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ आने का प्रस्ताव दिया है। अठावले के इस ऑफर के बाद अब अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस प्रस्ताव पर तंज कसा और अपने खिलाफ पहले की गई कथित टिप्पणियों का जिक्र किया।
अठावले ने अभिजीत दीपके को युवा और अंबेडकरवादी चेहरा बताते हुए कहा था कि उन्हें अपनी राजनीतिक दिशा पर विचार करना चाहिए और RPI(A) से जुड़कर काम करना चाहिए। उन्होंने दीपके के छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया और कहा कि युवाओं के बीच उनकी पहचान को देखते हुए उनके अनुभव और नेतृत्व का उपयोग किया जा सकता है।
वहीं, अभिजीत दीपके ने इस प्रस्ताव को लेकर सीधे तौर पर हामी भरने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ समय पहले तक आंदोलनकारियों को लेकर जिस तरह की टिप्पणियां की जा रही थीं, अब उसी के बाद उन्हें NDA में आने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।
रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके को क्या ऑफर दिया?
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके की सार्वजनिक और राजनीतिक सक्रियता की चर्चा करते हुए उन्हें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। अठावले ने दीपके को अंबेडकरवादी बताते हुए कहा कि उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और सपनों को आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
अठावले के मुताबिक, अभिजीत दीपके युवा हैं और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है। ऐसे में उन्हें अपनी राजनीतिक क्षमता का इस्तेमाल एक स्थापित राजनीतिक मंच पर करना चाहिए। उन्होंने दीपके से अपनी पार्टी RPI(A) में शामिल होने पर विचार करने को कहा।
अठावले ने यह भी कहा कि दीपके के अनुभव और उनके आंदोलन करने की क्षमता का NDA में बेहतर उपयोग हो सकता है। उन्होंने दीपके से दूसरे राजनीतिक विकल्पों के बजाय उनकी रिपब्लिकन पार्टी के साथ आने की अपील की।
CJP को लेकर अठावले ने कही बड़ी बात
रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके की मौजूदा राजनीतिक पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि CJP के साथ दीपके का राजनीतिक भविष्य नहीं है और उन्हें RPI(A) में शामिल होकर अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाना चाहिए।
अठावले ने दीपके के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलनों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अलग-अलग समय पर आंदोलनों का नेतृत्व किया है, लेकिन दीपके ने जिस मजबूती से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए, उसने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।
अठावले की इस पेशकश के बाद राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठने लगा कि क्या अभिजीत दीपके भविष्य में NDA का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि दीपके की प्रतिक्रिया से फिलहाल उनके NDA में शामिल होने की पुष्टि नहीं होती है।
अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पोस्ट से दिया जवाब
रामदास अठावले के प्रस्ताव के बाद अभिजीत दीपके ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट के साथ संबंधित खबर की एक क्लिप भी साझा की और राजनीतिक परिस्थितियों पर तंज कसा।
दीपके ने लिखा कि करीब एक महीने पहले तक उन्हें ‘एंटी-नेशनल’, ‘देशद्रोही’ और ‘देश विरोधी’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जा रहा था। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया।
उनका कहना था कि जिस आंदोलन और उसके नेतृत्व को पहले आलोचना का सामना करना पड़ा, अब उसी नेतृत्व को NDA में आने का प्रस्ताव मिल रहा है। दीपके की इस प्रतिक्रिया को अठावले के प्रस्ताव पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
छात्र आंदोलन से चर्चा में आए अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके छात्र और युवा मुद्दों को लेकर किए गए आंदोलनों के कारण चर्चा में आए। विशेष रूप से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET से जुड़े पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में उनकी भूमिका सुर्खियों में रही।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया था। अभिजीत दीपके ने इन आंदोलनों के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
इन आंदोलनों के बाद उनकी सोशल मीडिया और युवाओं के बीच पहचान बढ़ी। इसी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता का उल्लेख करते हुए रामदास अठावले ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है।
पुराने बयानों का जिक्र कर दीपके ने साधा निशाना
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अभिजीत दीपके ने आंदोलन के दौरान उनके और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। दीपके ने दावा किया कि प्रदर्शन के समय आंदोलनकारियों को लेकर बेहद कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने अपनी पोस्ट में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा नेतृत्व की कथित टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए सवाल खड़े किए। दीपके की प्रतिक्रिया का मुख्य संदेश यही रहा कि जिन लोगों या आंदोलनों की पहले आलोचना की गई, अब उन्हीं के नेतृत्व को राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।
हालांकि यह प्रतिक्रिया सीधे तौर पर यह स्पष्ट नहीं करती कि दीपके ने प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार या अस्वीकार कर दिया है। उनके बयान का स्वर फिलहाल राजनीतिक कटाक्ष वाला दिखाई देता है।
अठावले ने दीपके के नेतृत्व की तारीफ की
रामदास अठावले ने ऑफर देते समय अभिजीत दीपके के आंदोलनकारी नेतृत्व की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दीपके ने NEET से जुड़े छात्र आंदोलन का मजबूती से नेतृत्व किया और युवाओं की आवाज उठाई।
अठावले ने कहा कि दीपके जैसे युवा नेता को अपनी ऊर्जा और अनुभव का उपयोग बड़े राजनीतिक मंच पर करना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने दीपके को RPI(A) से जुड़ने और NDA के साथ काम करने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि दीपके को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के मंच का उपयोग करना चाहिए।
क्या NDA जॉइन करेंगे अभिजीत दीपके?
रामदास अठावले के प्रस्ताव के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभिजीत दीपके NDA के साथ जाएंगे। फिलहाल उनकी तरफ से ऐसी कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है कि वे RPI(A) या NDA में शामिल होने जा रहे हैं।
उनकी सोशल मीडिया प्रतिक्रिया से इतना जरूर स्पष्ट है कि उन्होंने इस ऑफर को मौजूदा और पिछली राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा है। उन्होंने पहले हुई आलोचनाओं का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव पर तंज कसा है।
ऐसे में फिलहाल अभिजीत दीपके के NDA में शामिल होने की चर्चा को किसी औपचारिक राजनीतिक फैसले के रूप में नहीं देखा जा सकता। अब नजर इस बात पर रहेगी कि रामदास अठावले के प्रस्ताव के बाद दीपके आगे कोई स्पष्ट राजनीतिक घोषणा करते हैं या अपनी मौजूदा राजनीतिक राह पर ही आगे बढ़ते हैं।
