अभय राजपुरोहित हत्याकांड में निष्पक्ष जांच, सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता, पत्नी को सरकारी नौकरी और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग को लेकर विप्र फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अभय राजपुरोहित हत्याकांड की निष्पक्ष जांच व 50 लाख मुआवजे की मांग, विप्र फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | भीनमाल
भीनमाल। अभय राजपुरोहित हत्याकांड को लेकर राजस्थान के भीनमाल में सोमवार को विप्र फाउंडेशन एवं ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन के माध्यम से समाज के लोगों ने कहा कि अभय राजपुरोहित हत्याकांड की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए ताकि घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने की मांग
विप्र फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अभय राजपुरोहित हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति गठित की जाए। समाज का कहना है कि स्वतंत्र जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं और सरकार को पीड़ित परिवार के साथ न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
पत्नी को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये की सहायता देने की मांग
ज्ञापन में बताया गया कि मृतक अभय राजपुरोहित अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई कि—
- मृतक की पत्नी को राजकीय सेवा में स्थायी नियुक्ति दी जाए।
- पीड़ित परिवार को कम से कम 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
- नाबालिग पुत्री के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- परिवार को आवश्यक सरकारी संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
विप्र फाउंडेशन ने मांग की कि अभय राजपुरोहित हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि दोषियों को उनके अपराध के अनुरूप कठोरतम दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।
ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर दिनेश कुमार दवे, मानाराम पुरोहित (उपाध्यक्ष), रमेश शर्मा, वासुदेव अवस्थी, जगदीश रामावत, रमेश दवे, जवाहर पुरोहित भागल, करणाराम पुरोहित, प्रेमसिंह राजपुरोहित, माधव ठाकुर, गुमानमल पुरोहित, जयंतीलाल पुरोहित, सुरेश वैष्णव, कैलाश बोहरा, श्यामसुंदर शर्मा, मंजु वैष्णव, कंचन देवी, छाया वैष्णव, पूर्णा ओझा, मितेन्द्र बोहरा, दिलीप दवे, प्याराराम, प्रहलाद पुरोहित, राज पुरोहित, प्रवीण कुमार, धुकाराम, जगदीश सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि अभय राजपुरोहित हत्याकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
समाज ने दी न्याय दिलाने की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो समाज आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।

