सिलवानी सहित रायसेन जिले के शिव मंदिरों में आखिरी सावन सोमवार पर हजारों श्रद्धालुओं और कावड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। बोरास घाट से नर्मदा जल लेकर भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने भी व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
आखिरी सावन सोमवार पर शिव मंदिरों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, हजारों भक्त करेंगे जलाभिषेक
सिलवानी संवाददाता — वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी/रायसेन। आखिरी सावन सोमवार पर सिलवानी नगर सहित संपूर्ण रायसेन जिले के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। हजारों कांवड़िए एवं आम श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पवित्र नर्मदा जल से जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। सिलवानी क्षेत्र और आसपास कई प्राचीन शिव मंदिर होने के कारण सावन के दौरान यहां शिवभक्तों की विशेष चहल-पहल देखने को मिलती है।
आखिरी सावन सोमवार पर शिव मंदिरों में उमड़ेगी भीड़
इस साल के आखिरी सावन सोमवार को शिव मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगा रहने की संभावना है। इससे पहले भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र मां नर्मदा का जल लेकर शिव मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक कर चुके हैं। इसके बावजूद आखिरी सोमवार को महिला और पुरुष शिवभक्तों में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है।
सिलवानी क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बोरास घाट से नर्मदा जल लेकर गुजर रहे हैं। कांवड़ लेकर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय बना हुआ है। भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था रखने वाले भक्त लंबी पैदल यात्रा करते हुए शिवालयों तक पहुंच रहे हैं।
बोरास घाट से नर्मदा जल लेकर पहुंच रहे कांवड़िए
सावन के पूरे महीने में कांवड़ यात्राओं का सिलसिला जारी रहा है। सिलवानी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बोरास घाट पहुंचकर मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर शिव मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं। रास्ते में शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
इस श्रृंखला में आखिरी सावन सोमवार को सिलवानी सहित आसपास के क्षेत्र के शिव मंदिरों में हजारों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे। प्राचीन शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगने की संभावना है।
जगह-जगह कांवड़ियों के लिए भोजन, चाय और दवाइयों की व्यवस्था
आस्था और श्रद्धा का यह पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शासन-प्रशासन ने भी व्यवस्थाएं संभाल रखी हैं। वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं की ओर से भगवान भोलेनाथ के भक्तों और कांवड़ यात्रियों के स्वागत एवं सेवा की व्यवस्था की गई है।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चाय, नाश्ता, पेयजल और आवश्यक दवाइयों सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। जगह-जगह शिवभक्तों का स्वागत और सम्मान भी किया जा रहा है।
पिछले वर्षों से अधिक दिखाई दे रहे शिवभक्त
स्थानीय स्तर पर इस बार कांवड़ यात्राओं को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रत्येक वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भगवान भोलेनाथ के भक्तों की कांवड़ यात्राओं में अधिक भागीदारी दिखाई दे रही है। युवाओं के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में धार्मिक यात्राओं में शामिल हो रहे हैं।
आखिरी सावन सोमवार को यह उत्साह अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है। सिलवानी नगर सहित रायसेन जिले के विभिन्न शिवालयों में सुबह से पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। कांवड़िए नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।
प्राचीन शिव मंदिरों में विशेष रहेगी श्रद्धालुओं की आस्था
सिलवानी क्षेत्र के आसपास कई प्राचीन शिव मंदिर हैं, जिनके प्रति क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था है। सावन के महीने में इन मंदिरों का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचेंगे।
बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच सिलवानी और आसपास का क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा नजर आएगा। कांवड़ियों की पैदल यात्राएं, नर्मदा जल से अभिषेक और सामाजिक संगठनों की सेवा भावना सावन के आखिरी सोमवार को आस्था का विशेष स्वरूप प्रदान करेगी।
