भद्रा काल 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होकर 9 अगस्त की रात 1:52 बजे तक रहेगा। ऐसे में 9 अगस्त को रक्षाबंधन पूरे शुभ मुहूर्त में मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता, इसलिए 9 अगस्त को राखी बांधने का उत्तम समय है।
HIGHLIGHTS
🔸 9 अगस्त को 95 साल बाद बन रहा है दुर्लभ महासंयोग!
🔸 8 अगस्त दोपहर से भद्रा के साथ शुरू होगी रक्षाबंधन की पूर्णिमा।
🔸 इस बार नक्षत्र, पूर्णिमा तिथि और राखी बांधने का मुहूर्त – तीनों का अद्भुत संयोग।
रक्षाबंधन पर 95 वर्षों बाद बन रहा दुर्लभ महासंयोग, 1930 के बाद पहली बार दोहराएगा वही शुभ संयोग
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष 9 अगस्त, शनिवार को अत्यंत ही शुभ योग में संपन्न होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन 95 वर्षों बाद वह दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो पूर्व में वर्ष 1930 में बना था। इस अद्भुत संयोग में पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र, शुभ योग एवं करण, सब कुछ लगभग समान स्थिति में पुनः उपस्थित हो रहे हैं।
🌕 पूर्णिमा तिथि और भद्रा काल का समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से होगी और यह 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी।इसी दौरान भद्रा काल का प्रवेश भी 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से होकर 9 अगस्त की रात 1:52 बजे तक रहेगा।
शास्त्रों में भद्रा काल को अशुभ माना गया है, अतः कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य भद्रा के समय वर्जित रहता है। 9 अगस्त को भद्रा समाप्त हो चुकी होगी, अतः पूरे दिन शुभ समय में राखी का पर्व मनाया जा सकेगा।
🕉️ राखी बांधने का उत्तम मुहूर्त
रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर बिना किसी विघ्न के प्रातः 5:35 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक राखी बांध सकती हैं।
इस अवधि में विशेष शुभ मुहूर्त निम्न प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 बजे से 5:04 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से 12:53 बजे तक
- अपराह्न काल: सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक, यह समय अत्यंत शुभ माना गया है।
🌟 शुभ योगों की विशेषता
इस रक्षाबंधन पर अनेक शुभ योग एकसाथ बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी पुण्यमयी बना रहे हैं:
- सौभाग्य योग: 9 अगस्त को संपूर्ण दिन रहेगा, जिसका समापन 10 अगस्त को रात 2:15 बजे होगा।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 5:47 बजे से दोपहर 2:23 बजे तक
- श्रवण नक्षत्र: दोपहर 2:23 बजे तक
- करण: बव और बालव करण में यह पर्व मनाया जाएगा।
