दिल्ली में 26 लाख परिवारों के पानी के कनेक्शन का होगा e-KYC, घर-घर पहुंचेगी जल बोर्ड की टीम
Delhi Jal Board e-KYC Drive 2026: दिल्ली जल बोर्ड अगले छह महीनों में करीब 26 लाख परिवारों के पानी के कनेक्शन और उपभोक्ता रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन करेगा। इसके लिए अधिकृत टीमें घर-घर जाकर पते, मोबाइल नंबर और वाटर मीटर की जानकारी जांचेंगी। मीटर की तस्वीर और उसकी लोकेशन की GPS टैगिंग भी की जाएगी। जल बोर्ड के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसी भी तरह की सहायता या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या है e-KYC वेरिफिकेशन अभियान?
दिल्ली में पानी के कनेक्शन का इस्तेमाल करने वाले लाखों उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड e-KYC अभियान चलाएगा। अगले छह महीनों के दौरान बोर्ड की अधिकृत टीमें उपभोक्ताओं के घर जाकर पानी के कनेक्शन और उससे जुड़ी जानकारी का सत्यापन करेंगी।
समय के साथ कई उपभोक्ताओं के पते या मोबाइल नंबर बदल जाते हैं, जबकि जल बोर्ड के रिकॉर्ड में पुरानी जानकारी दर्ज रह सकती है। कुछ मामलों में मीटर की मौजूदा स्थिति और बिलिंग रिकॉर्ड के बीच भी अंतर हो सकता है। घर-घर जाकर जानकारी की जांच करने से ऐसे रिकॉर्ड को अपडेट करने में मदद मिलेगी।
घर आने वाली टीम क्या-क्या जांचेगी?
वेरिफिकेशन के दौरान टीम सबसे पहले पानी के कनेक्शन और उसके पते की जांच करेगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जल बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी संबंधित संपत्ति और कनेक्शन से मेल खाती है।
टीम उपभोक्ता का मोबाइल नंबर भी देखेगी और जरूरत पड़ने पर उसे अपडेट करेगी। मोबाइल नंबर सही होने से बिल या सेवा संबंधी सूचना उपभोक्ता तक पहुंचाना आसान हो सकता है। इसके अलावा, घर में लगे वाटर मीटर की मौजूदा स्थिति देखी जाएगी।
अभियान के तहत मीटर की लाइव तस्वीर ली जा सकती है और उसके स्थान की GPS टैगिंग की जाएगी। इससे जल बोर्ड के रिकॉर्ड में मीटर की तस्वीर और उसकी लोकेशन दर्ज होगी। यह जानकारी कनेक्शन और मीटर से जुड़े विवरण की पुष्टि में काम आ सकती है।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा हो सकता है?
जल बोर्ड के रिकॉर्ड में सही पता और मोबाइल नंबर होने से पानी के बिल और अन्य जरूरी सूचनाएं सही उपभोक्ता तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। मीटर की तस्वीर और लोकेशन उपलब्ध होने से बिलिंग से जुड़ी जानकारी का मिलान करना भी आसान हो सकता है।
अगर उपभोक्ता के रिकॉर्ड में पता, संपर्क नंबर या मीटर संबंधी जानकारी पुरानी है, तो वेरिफिकेशन के दौरान उसे अपडेट कराया जा सकेगा। इससे गलत या अधूरे रिकॉर्ड के कारण होने वाली कुछ दिक्कतें कम हो सकती हैं। अभियान का उद्देश्य उपभोक्ता डेटाबेस को दुरुस्त करना और बिलिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करना है।
हालांकि, e-KYC अभियान पानी की सप्लाई का समय या मात्रा बढ़ाने की घोषणा नहीं है। यह मुख्य रूप से पानी के कनेक्शन और उपभोक्ता रिकॉर्ड के सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया है।
e-KYC के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, यह वेरिफिकेशन प्रक्रिया निःशुल्क है। उपभोक्ताओं को e-KYC के नाम पर किसी कर्मचारी या सर्वेयर को पैसे देने की जरूरत नहीं है। घर आने वाले व्यक्ति से उसका आधिकारिक पहचान-पत्र दिखाने को कहें और यह सुनिश्चित करें कि वह अधिकृत टीम का सदस्य है।
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। अपने मूल दस्तावेज किसी को सौंपने से बचें। अगर कोई व्यक्ति वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगता है या उसकी पहचान को लेकर संदेह होता है, तो पहले जल बोर्ड से इसकी पुष्टि करें।
हेल्पलाइन नंबर 1916 पर करें संपर्क
वेरिफिकेशन अभियान से जुड़ी जानकारी, सहायता या शिकायत के लिए उपभोक्ता दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क कर सकते हैं। टीम के आने से पहले उपभोक्ता अपने पानी के बिल पर दर्ज पते और कनेक्शन की जानकारी देख लें। मोबाइल नंबर बदल गया हो या रिकॉर्ड में कोई गलती हो, तो अधिकृत टीम को सही जानकारी दें।
जल बोर्ड का यह अभियान करीब 26 लाख परिवारों के रिकॉर्ड को घर-घर जाकर सत्यापित करने के लिए चलाया जाएगा। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे टीम का पहचान-पत्र जांचने के बाद प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मांग की सूचना हेल्पलाइन पर दें।
