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सड़क निर्माण में नई तकनीक: लैंक्सेस और हिंदुस्तान कोलास के बीच समझौता, मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनाने पर जोर

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Published On: 27 October 2026
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लैंक्सेस और हिंदुस्तान कोलास ने आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों के परीक्षण के लिए समझौता किया। नई तकनीक से डामर की गुणवत्ता, टिकाऊपन और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर जोर रहेगा।

आधुनिक तकनीक से मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनाने लैंक्सेस और हिंदुस्तान कोलास में समझौता

नई तकनीकों का प्रयोगशाला और व्यावसायिक स्तर पर होगा परीक्षण, सड़क निर्माण में गुणवत्ता बढ़ाने तथा ऊर्जा खपत और उत्सर्जन घटाने पर जोर

दैनिक स्वराज वाणी | नागदा।

भारत में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, टिकाऊपन और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष रसायन निर्माता कंपनी लैंक्सेस और हिंदुस्तान कोलास प्राइवेट लिमिटेड ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत दोनों कंपनियां बिटुमेन और डामर की गुणवत्ता सुधारने वाली आधुनिक तकनीकों की तकनीकी एवं व्यावसायिक संभावनाओं का संयुक्त मूल्यांकन करेंगी।

इस साझेदारी का उद्देश्य सड़क निर्माण को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। इसके साथ ही ऊर्जा खपत कम करने तथा सड़क निर्माण से संबंधित पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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एडिपेव तकनीकों का होगा संयुक्त परीक्षण

समझौते के अंतर्गत लैंक्सेस की एडिपेव तकनीकों का प्रयोगशाला एवं व्यावसायिक स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। इसमें बहुलक संशोधित बिटुमेन की गुणवत्ता सुधारने और कम तापमान पर डामर तैयार करने तथा बिछाने की तकनीक शामिल है।

लैंक्सेस की एडिपेव सीआर 36 तकनीक का परीक्षण बिटुमेन उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने, उत्पाद की गुणवत्ता और एकरूपता बढ़ाने तथा परिचालन सुरक्षा में सुधार की संभावनाओं के लिए किया जाएगा।

इसमें लैंक्सेस तकनीकी विशेषज्ञता एवं उत्पाद उपलब्ध कराएगी, जबकि हिंदुस्तान कोलास परीक्षण सुविधाएं और परिचालन सहयोग प्रदान करेगी।

कम तापमान पर डामर बिछाने से ऊर्जा बचत की संभावना

दोनों कंपनियां एडिपेव डब्ल्यूएम 23 तकनीक का भी परीक्षण करेंगी। इस तकनीक का उद्देश्य डामर तैयार करने और सड़क पर बिछाने के दौरान आवश्यक तापमान कम करना है।

इससे ऊर्जा खपत और उत्सर्जन घटाने, कार्यस्थल की परिस्थितियों में सुधार करने तथा सड़क निर्माण प्रक्रिया को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायता मिलने की संभावना है।

हालांकि, भारतीय परिस्थितियों में इन तकनीकों की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन संयुक्त परीक्षणों के बाद किया जाएगा।

भारतीय सड़क निर्माण उद्योग को मिलेगा तकनीकी सहयोग

लैंक्सेस की स्नेहक योजक इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं वैश्विक प्रमुख नीलांजन बनर्जी ने कहा कि भारत में बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आधुनिक और टिकाऊ तकनीकी समाधानों की आवश्यकता है। हिंदुस्तान कोलास के साथ साझेदारी से इन तकनीकों के संभावित लाभों का मूल्यांकन किया जा सकेगा।

हिंदुस्तान कोलास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक देबाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता से ऐसी तकनीकों के परीक्षण का अवसर मिलेगा, जो सड़क निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

लैंक्सेस की स्नेहक योजक इकाई के विपणन प्रमुख विंस पैट्रम ने बताया कि भारतीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक डामर तकनीकों को बढ़ावा देना कंपनी का उद्देश्य है।

दोनों कंपनियों को उम्मीद है कि इस सहयोग से भारत में टिकाऊ सड़क निर्माण और आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

 

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