गोलाकोट में अखिल भारतीय जैसवाल जैन उपरोचियां सेवा न्यास का दो दिवसीय पारिवारिक मिलन समारोह संपन्न। फरवरी 2027 में सामूहिक तीर्थयात्रा और 27 दिसंबर को प्रतिभा सम्मान समारोह की घोषणा।
सेवा न्यास परिवार ने गोलाकोट में लहराया अध्यात्म का परचम, फरवरी 2027 में होगी सामूहिक तीर्थयात्रा
दो दिवसीय पारिवारिक मिलन समारोह में अभिषेक, शांतिधारा और भक्ताम्बर विधान का आयोजन, 27 दिसंबर को अम्बाह में होगा प्रतिभा सम्मान समारोह
दैनिक स्वराज वाणी | मनोज जैन नायक, मुरैना
मुरैना। अखिल भारतीय जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था अखिल भारतीय जैसवाल जैन उपरोचियां सेवा न्यास का दो दिवसीय पारिवारिक मिलन समारोह गोलाकोट में धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक वातावरण और सामाजिक एकता के साथ संपन्न हुआ। समारोह में देशभर से पहुंचे न्यासी परिवारों ने सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, श्री भक्ताम्बर विधान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। इस अवसर पर फरवरी 2027 में सामूहिक तीर्थयात्रा आयोजित करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई।
भगवान आदिनाथ के अभिषेक और शांतिधारा से हुआ शुभारंभ
सेवा न्यास के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अम्बाह नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजली जिनेश जैन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
पहले दिन न्यासियों ने सामूहिक रूप से बड़े बाबा भगवान आदिनाथ का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। शाम को आयोजित पारिवारिक मिलन समारोह और साधारण सभा में संस्था की गतिविधियों, सामाजिक कार्यों एवं आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित परिवारों का मन मोह लिया। पर्युषण पर्व के दौरान उत्कृष्ट संयम-साधना करने वाले एवं व्रतों का पालन करने वाले श्रावक श्रेष्ठियों का सम्मान कर उनकी धर्मनिष्ठा की सराहना की गई।
समारोह के दूसरे दिन प्रातःकाल सभी न्यासियों ने सपरिवार सामूहिक श्री भक्ताम्बर विधान में भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज में संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और संगठनात्मक एकजुटता मजबूत करने का संदेश दिया गया।
फरवरी 2027 में सामूहिक तीर्थयात्रा की घोषणा
सेवा न्यास के तीर्थयात्रा संयोजक सुरेश जैन द्वारका ने फरवरी 2027 में न्यास के सदस्यों एवं उनके परिवारों के लिए सामूहिक तीर्थयात्रा आयोजित करने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि यात्रा की विस्तृत रूपरेखा, तीर्थस्थलों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी शीघ्र सभी न्यासियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ पारिवारिक मेल-मिलाप, आपसी सद्भाव और संगठनात्मक एकता को बढ़ावा देना है।
27 दिसंबर को अम्बाह में प्रतिभा सम्मान समारोह
समारोह के दौरान आगामी 27 दिसंबर को अम्बाह में आयोजित होने वाले प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
न्यास के शीर्ष नेतृत्व ने अम्बाह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जिनेश जैन को मुख्य संयोजक तथा विमल जैन राजू एवं संजीव जैन संजू को संयोजक मनोनीत किया।
इस आयोजन के माध्यम से समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उपलब्धियों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
नई टीम को सौंपा गया कार्यभार
संस्था के निवर्तमान महामंत्री एवं वर्तमान कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन, गुरुग्राम ने नव मनोनीत महामंत्री रविन्द्र जैन जमूसर, भोपाल एवं रूपेश जैन, दिल्ली को कार्यभार सौंपा।
समारोह के सफल आयोजन में अध्यक्ष प्रदीप जैन पीएनसी, आगरा एवं कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन, गुरुग्राम का विशेष मार्गदर्शन रहा। महामंत्री रविन्द्र जैन जमूसर, रूपेश जैन, दिल्ली, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र जैन, दिल्ली एवं उनकी टीम ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वात्सल्य समूह शिवपुरी की ओर से पवन जैन पीएस एवं अजय जैन ने आगंतुकों का माला और पटका पहनाकर सम्मान किया। सभा के समापन पर स्मृतिशेष अशोक जैन एडवोकेट, अम्बाह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
देशभर से बड़ी संख्या में शामिल हुए न्यासी परिवार
समारोह में मुरैना से पवन जैन इंडस्ट्रीज एवं डीके जैन, अम्बाह से जिनेश जैन, कोटा से मनोज जैन, प्रवीण जैन एवं शैलेश जैन, भोपाल से जेके जैन उपस्थित रहे।
दिल्ली से युवाजन के मंत्री अजय जैन बॉबी, सुदीप जैन ग्रीनपार्क, मनोज जैन करोलबाग, पवन जैन उत्तम नगर, मनोज जैन ग्रीन पार्क, सीए अजय जैन नोएडा, सुरेश जैन द्वारका, सुरेश जैन ग्रीन पार्क, राजीव जैन ग्रीन पार्क एवं सीए राजीव जैन शामिल हुए।
इसी प्रकार धौलपुर से अजय जैन एवं राजकुमार जैन, झांसी से प्रदीप जैन, शिवपुरी से पवन जैन पीएस, पवन जैन नरवर वाले, अजय जैन शिक्षक एवं मनीष जैन शिक्षक तथा इंदौर से अजय जैन, गौरव जैन एवं हेमंत जैन सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में न्यासी सपरिवार उपस्थित रहे।
दो दिवसीय आयोजन ने धार्मिक आस्था, पारिवारिक आत्मीयता और सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ आगामी सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।




