केल्हारी बस हादसे के बाद कार्रवाई, कोरिया आरटीओ अमित प्रकाश कश्यप अटैच
हादसे में छह लोगों की मौत और 37 यात्रियों के घायल होने के बाद परिवहन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में केल्हारी के पास हुए बस हादसे के बाद शासन ने परिवहन विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई की है। कोरिया के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) अमित प्रकाश कश्यप को अटैच कर दिया गया है। यह कदम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की परिवहन आयुक्त से चर्चा के बाद उठाया गया। हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी और 37 यात्रियों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
मनेंद्रगढ़ से केल्हारी जा रही बस पेड़ से टकराई
हादसा 22 अक्टूबर को मनेंद्रगढ़-केल्हारी मार्ग पर हुआ। मनेंद्रगढ़ से केल्हारी जा रही यात्री बस सेमरमथानी मोड़ के पास सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों को चोटें आईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत-बचाव कार्य में मदद की। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, बस में 46 यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई, जबकि हादसे के कारण की जांच जारी है।
हादसे के बाद घायलों को मनेंद्रगढ़ और चिरमिरी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भेजे जाने की खबर भी आई। दुर्घटना में छह लोगों की जान जाने के बाद मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने परिवहन आयुक्त से की चर्चा
हादसे के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त से चर्चा की। इसके बाद कोरिया आरटीओ अमित प्रकाश कश्यप को अटैच करने की कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम को हादसे के बाद विभागीय जिम्मेदारी तय करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरटीओ को अटैच करने के आदेश का विस्तृत आधार या विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। हादसे की जांच और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। अटैच किए जाने की कार्रवाई के बाद अब यह देखना होगा कि बस के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
बसों की फिटनेस और निगरानी पर उठे सवाल
दुर्घटना के बाद क्षेत्र में यात्री बसों की फिटनेस और सड़क पर उनके संचालन की निगरानी पर सवाल उठे हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहन की स्थिति, परमिट, क्षमता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच नियमित रूप से होना जरूरी है। हादसे के बाद इन पहलुओं की जांच की मांग तेज हुई है। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने की बात कही; हादसे के कारणों का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ब्रेक फेल होने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया गया।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
केल्हारी बस हादसे में छह लोगों की मौत और बड़ी संख्या में यात्रियों के घायल होने से स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने घायलों के उपचार की व्यवस्था की। अब हादसे की परिस्थितियों और बस संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच पर नजर रहेगी। आरटीओ को अटैच करने की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है।
हादसे की जांच पूरी होने और विभागीय स्तर पर तथ्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना में तकनीकी खराबी, चालक की लापरवाही या किसी अन्य कारण की भूमिका थी। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के अगले चरण की जानकारी का इंतजार है।
