अमेरिका में पकड़ा गया भारत का वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
लास वेगास में अमेरिकी एजेंसियों ने लिया हिरासत में; भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया पर नजर
नई दिल्ली। भारत के वांछित गैंगस्टरों में शामिल हिमांशु भाऊ को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों ने उसे लास वेगास क्षेत्र में पकड़ा। कुछ रिपोर्टों में कार्रवाई के लिए FBI का उल्लेख है, जबकि अन्य में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की हिरासत की जानकारी दी गई है। भारत की एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। फिलहाल प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया और संभावित समयसीमा को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
30 से अधिक मामलों में वांछित होने का दावा
हिमांशु भाऊ पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक धमकी और अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले दर्ज होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। उपलब्ध खबरों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 18 मामलों का उल्लेख है, जबकि अन्य में 30 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित बताया गया है। इसलिए मामलों की अंतिम संख्या संबंधित पुलिस और जांच एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी। आरोपों का उल्लेख किसी मामले में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली और हरियाणा में दर्ज मामलों के चलते वह दोनों राज्यों की पुलिस की तलाश में था। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के साथ-साथ कारोबारियों से रंगदारी वसूलने तथा धमकाने के आरोप भी बताए गए हैं। पुलिस की ओर से उस पर इनाम घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हरियाणा पुलिस ने सूचना देने पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
2023 में जारी हुआ था इंटरपोल रेड नोटिस
हिमांशु भाऊ के खिलाफ इंटरपोल ने अगस्त 2023 में रेड नोटिस जारी किया था। रेड नोटिस का उद्देश्य सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत अस्थायी गिरफ्तारी में सहयोग करना है। यह अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। आगे की कार्रवाई संबंधित देश के कानून और प्रत्यर्पण या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार होती है।
रिपोर्टों के अनुसार, हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक क्षेत्र का रहने वाला है। उसका नाम दिल्ली, हरियाणा और आसपास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से जोड़ा गया है। कुछ समाचार रिपोर्टों ने उसके गिरोह को कई चर्चित गोलीबारी और रंगदारी के मामलों से भी जोड़ा है। इन घटनाओं में उसकी कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होनी है।
भारत वापसी के लिए कानूनी प्रक्रिया पर नजर
अमेरिका में हिरासत की खबर के बाद अगला अहम कदम यह होगा कि भारतीय एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज मामलों और गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेज अमेरिकी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। भारत उसे प्रत्यर्पण या लागू कानूनी प्रावधानों के तहत वापस लाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, ऐसी प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच और अमेरिकी कानून के तहत आवश्यक औपचारिकताएं शामिल होती हैं। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में वापसी की तारीख या प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं की गई है।
इस मामले में हिमांशु भाऊ के साथ नीरज फरीदपुरिया नाम के एक अन्य वांछित व्यक्ति को भी अमेरिकी एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबरें आई हैं। दोनों को भारत लाने के प्रयासों की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है।
हिमांशु भाऊ की हिरासत को दिल्ली और हरियाणा में दर्ज मामलों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की नजर अमेरिका में चलने वाली कानूनी प्रक्रिया और भारत के अनुरोध पर होने वाली अगली कार्रवाई पर रहेगी। आधिकारिक पुष्टि और संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही उसकी हिरासत की परिस्थितियों तथा भारत वापसी की प्रक्रिया की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
