इंदौर में जगतपूज्य मुनि सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ का ऐतिहासिक आयोजन, आलोक आकाश जैन परिवार के सहयोग से मिली उपलब
इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार शिविर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, जैन समाज में हर्ष
जगतपूज्य मुनि सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ का ऐतिहासिक आयोजन, धर्म और संस्कारों के प्रशिक्षण को मिली विश्वस्तरीय पहचान
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तीर्थ चक्रवर्ती जगतपूज्य संत शिरोमणि मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ द्वारा आयोजित 33वें श्रावक संस्कार शिविर को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस उपलब्धि से जैन समाज में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक शिविर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कारों और आध्यात्मिक जीवनशैली को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
श्रावक संस्कार शिविर को मिली विश्व रिकॉर्ड की मान्यता
आयोजकों के अनुसार, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने बड़ी संख्या में श्रावकों द्वारा एक ही स्थान पर सामूहिक रूप से जैन श्रावकाचार, व्रत, स्वाध्याय, सामायिक और धार्मिक संस्कारों का अनुशासित प्रशिक्षण प्राप्त करने की विशेषता को मान्यता दी।
शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को जैन धर्म के मूल सिद्धांतों के साथ संयमित जीवन, आत्मशुद्धि, अहिंसा, त्याग और सदाचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
गुरुदेव सुधासागरजी महाराज के चरणों में समर्पित किया प्रमाण-पत्र
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रमाण-पत्र जगतपूज्य मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के चरणों में विनयपूर्वक समर्पित किया गया। इस अवसर पर शिविर के पुण्यार्जक आलोक आकाश जैन परिवार की विशेष सहभागिता रही।
आयोजकों ने इस उपलब्धि को गुरुदेव के आशीर्वाद, श्रद्धालुओं की धार्मिक निष्ठा और आयोजन समिति के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
आलोक आकाश जैन परिवार का रहा विशेष योगदान
33वें श्रावक संस्कार शिविर के आयोजन में पुण्यार्जक श्रीमंत सेठ आलोक आकाश जैन (कोयला परिवार) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिवार के सहयोग से धार्मिक अनुष्ठानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शिविर की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
पुण्योदय विद्यापीठ धर्म प्रभावना समिति की पूरी टीम, मित्रा फिल्म्स इंदौर और सभी सेवादारों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंदौर और समस्त जैन समाज के लिए गौरव का क्षण
राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के राष्ट्रीय प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि श्रावक संस्कार शिविर को विश्व रिकॉर्ड की मान्यता मिलना इंदौर ही नहीं, बल्कि समस्त जैन समाज के लिए गर्व का विषय है। धर्म और संस्कारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जैन दर्शन की प्रासंगिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अहिंसा, संयम, आत्मानुशासन और सदाचार के सिद्धांत समाज को शांति एवं नैतिक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में इंदौर की बढ़ती पहचान
धर्मनगरी इंदौर में आयोजित 33वां श्रावक संस्कार शिविर धार्मिक प्रशिक्षण, सामूहिक साधना और आध्यात्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
आयोजकों का मानना है कि इस उपलब्धि से आने वाली पीढ़ियों को जैन धर्म के संस्कारों और आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही इंदौर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
