लखनऊ के आशियाना जैन मंदिर में 11 से 16 नवंबर 2026 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। उपाध्याय विहसंतसागरजी के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन होंगे।
लखनऊ में 11 से 16 नवंबर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन मंदिर की रजत जयंती पर होंगे विशेष आयोजन
उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज के सान्निध्य में होगा छह दिवसीय आयोजन, 13 नवंबर को जन्मकल्याणक पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा
मुरैना/लखनऊ (मनोज जैन नायक)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 से 16 नवंबर 2026 तक श्री आदिवीर चौबीसी मानस्तंभ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। अहिंसा मार्ग, एम-सेक्टर, आशियाना में आयोजित होने वाले इस छह दिवसीय धार्मिक महोत्सव को लेकर सकल दिगम्बर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है।
समाधिस्थ गणाचार्य श्री विरागसागरजी महाराज के परम प्रभावक आज्ञानुवर्ती शिष्य एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य और निर्देशन में यह धार्मिक आयोजन संपन्न होगा। महोत्सव में देशभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
छह दिनों तक होंगे पंचकल्याणक के धार्मिक अनुष्ठान
महोत्सव के अंतर्गत 11 नवंबर को गर्भकल्याणक की पूर्व बेला, 12 नवंबर को गर्भकल्याणक, 13 नवंबर को जन्मकल्याणक, 14 नवंबर को तपकल्याणक, 15 नवंबर को ज्ञानकल्याणक और 16 नवंबर को मोक्षकल्याणक के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन छह दिनों में जिनेंद्र भगवान की आराधना, पूजन, धार्मिक विधान और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं को जैन धर्म के अहिंसा, संयम, तप, त्याग और आत्मकल्याण के सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा।
13 नवंबर को जन्मकल्याणक पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण शुक्रवार, 13 नवंबर को आयोजित जन्मकल्याणक महोत्सव रहेगा। जैन परंपरा के अनुसार भगवान के जन्म के पश्चात सौधर्म इंद्र द्वारा तीर्थंकर बालक को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर जलाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
इसके बाद 14 नवंबर को तपकल्याणक, 15 नवंबर को ज्ञानकल्याणक तथा 16 नवंबर को मोक्षकल्याणक के धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का समापन होगा।
जैन धर्म में पंचकल्याणक का विशेष आध्यात्मिक महत्व
जैन दर्शन में पंचकल्याणक तीर्थंकर भगवान के जीवन की पांच महत्वपूर्ण अवस्थाओं का प्रतीक है। गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्षकल्याणक के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम, अहिंसा और मोक्षमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
सकल जैन समाज से सहभागिता की अपील
श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, लखनऊ ने सभी साधर्मी बंधुओं से सपरिवार एवं इष्ट मित्रों सहित आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
आयोजकों के अनुसार श्री दिगम्बर जैन मंदिर की 25वीं रजत जयंती पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
