नागदा में महाष्टमी पर आयोजित तलवार रास में साहसिक प्रस्तुति देती बालिकाएं एवं महोत्सव में उपस्थित अतिथिगण।
नागदा में तलवार रास से बालिकाओं ने दिखाई अद्भुत वीरता, 40वें सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव में गूंजा नारी शक्ति और आत्मरक्षा का संदेश
महाष्टमी पर 30 मिनट तक हाथों में तलवारें लेकर बालिकाओं ने किया गरबा, भारतीय संस्कृति, साहस और संस्कारों का दिखा अनूठा संगम; पूर्व राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत और सांसद अनिल फिरोजिया सहित अनेक गणमान्यजन हुए शामिल
नागदा (उज्जैन)। दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता निलेश मेहता।
शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर नागदा नगर में भक्ति, शक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। जवाहर मार्ग स्थित किरण टॉकीज चौराहे पर आयोजित सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव में बालिकाओं ने हाथों में तलवारें थामकर करीब 30 मिनट तक आकर्षक गरबा प्रस्तुत किया। तलवार रास की इस साहसिक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के माध्यम से नारी शक्ति, आत्मविश्वास, आत्मरक्षा और भारतीय संस्कारों का प्रभावशाली संदेश दिया गया।
विश्व युवा मंडल एवं स्वर्गीय कोमल धाकड़ स्मृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव इस वर्ष अपने 40वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। चार दशकों से चली आ रही यह धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा नगर में शक्ति आराधना के साथ सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनी हुई है।
30 मिनट तक तलवारें थामकर किया गरबा, दर्शकों ने सराहा साहस
महाष्टमी के विशेष आयोजन में प्रशिक्षित बालिकाओं ने पारंपरिक गरबा के साथ तलवार रास की प्रस्तुति दी। हाथों में तलवारें लेकर तालबद्ध तरीके से गरबा करती बालिकाओं ने साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
आयोजकों के अनुसार, प्रस्तुति से पहले बालिकाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया था और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इस आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ उनमें निर्भीकता और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
तलवार रास ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल श्रद्धा और मातृत्व का प्रतीक ही नहीं, बल्कि शक्ति, साहस और आत्मसम्मान के स्वरूप में भी प्रतिष्ठित किया गया है।
बालिकाओं में आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य
आयोजन के सूत्रधार राजेश धाकड़ ने बताया कि सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों, सामाजिक जिम्मेदारियों और आत्मरक्षा के महत्व से परिचित कराना भी है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को तलवार रास जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
नौ दिवसीय महोत्सव में भजन गायिका खुशबू भोजक, कैलाश गांधी और राजू सोनी अपनी टीम के साथ भक्ति प्रस्तुतियां देते हैं। धार्मिक गीतों, भजनों और गरबा प्रस्तुतियों के माध्यम से आयोजन स्थल पर श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहता है।
पूर्व राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत और सांसद अनिल फिरोजिया की सहभागिता
महोत्सव में कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत, सांसद अनिल फिरोजिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
शनिवार को उज्जैन स्थित चारधाम मंदिर से रामस्वरूपजी संन्यासी भी महोत्सव में पहुंचे और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
इस अवसर पर सीएम अतुल, रोशन शुक्ला, देवेंद्र सेन, पत्रकार निलेश मेहता तथा राष्ट्रीय परशुराम सेना महिला मंडल अध्यक्ष वर्षा मेहता सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां दुर्गा का पूजन और आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
जैन सोशल ग्रुप नागदा ने किया राजेश धाकड़ का सम्मान
महोत्सव में जैन सोशल ग्रुप नागदा के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्रुप अध्यक्ष धर्मेंद्र बम और उपाध्यक्ष अमित बम ने बताया कि सदस्यों ने माताजी की आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
इस दौरान सदस्यों ने पूर्व राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत और सांसद अनिल फिरोजिया से सौजन्य भेंट कर जैन सोशल ग्रुप की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी दी।
ग्रुप की ओर से महोत्सव के सूत्रधार राजेश धाकड़ का सम्मान किया गया। साथ ही तलवार रास एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाली बालिकाओं को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में कमल जैन, श्रेणिक बम, सुरेंद्र कांकरिया, मुकेश धोका, रवि संघवी, मनोज वागरेचा, पंकज पावेचा, आशीष पोखरना, अंकुर जैन, सुरेश नाहटा, ऋषभ नागदा, दीपक गांग और राजेंद्र जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कन्या पूजन के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान और संस्कारों का संदेश
सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव के अंतर्गत कन्या पूजन का आयोजन भी किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि नवरात्रि में कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में बालिकाओं के प्रति सम्मान और शक्ति उपासना की महत्वपूर्ण परंपरा है।
एक ओर कन्या पूजन के माध्यम से श्रद्धा और संस्कारों का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तलवार रास जैसी प्रस्तुतियां बालिकाओं को आत्मविश्वास, साहस और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन रही हैं।
आयोजन समिति ने नगर के समाजजनों, धर्मप्रेमियों, पत्रकारों और नागरिकों से सपरिवार महोत्सव में सहभागिता करने का आह्वान किया है।
चार दशकों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव नागदा में धार्मिक आस्था के साथ नारी सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी के आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।




