पत्रकार आवास योजना में रियायत बढ़ाए सरकार, पंजीयन शुल्क ₹25 हजार तक रखने की मांग
15 और 12 लाख रुपये की छूट को नाकाफी बताते हुए आय सीमा की समीक्षा की मांग
जयपुर। पत्रकारों के लिए प्रस्तावित आवास योजना में रियायत बढ़ाने और पंजीयन शुल्क अधिकतम 25 हजार रुपये रखने की मांग उठी है। राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ ने कहा कि 3 बीएचके फ्लैट पर 15 लाख और 2 बीएचके पर 12 लाख रुपये की छूट देने की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन पत्रकारों की आय और फ्लैटों की कीमत को देखते हुए यह राहत पर्याप्त नहीं है। संघ ने पात्रता की आय सीमा और भुगतान की शर्तों पर भी पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. अखिल बंसल ने कहा कि जिन पत्रकारों को 18 हजार रुपये मासिक सम्मान राशि मिलती है, उनके लिए रोजमर्रा के पारिवारिक खर्चों का प्रबंधन करना ही चुनौती है। ऐसे में 70 से 75 लाख रुपये तक कीमत वाले फ्लैट खरीदना और उनकी भारी मासिक किस्त चुकाना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे छूट मिलने के बाद भी मकानों की कीमत पत्रकारों की पहुंच में रहे।
पांच लाख रुपये की आय सीमा पर पुनर्विचार की मांग
संघ ने योजना में प्रस्तावित पांच लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा की समीक्षा करने की मांग की है। डॉ. बंसल के अनुसार, पात्रता तय करते समय पत्रकारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति और मकान खरीदने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। आय सीमा और अन्य नियम व्यावहारिक नहीं हुए, तो जरूरतमंद पत्रकार योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं।
संघ का कहना है कि आवास योजना का उद्देश्य पत्रकारों को किफायती घर उपलब्ध कराना होना चाहिए। पात्रता के नियम ऐसे हों कि सीमित आमदनी वाले अधिस्वीकृत पत्रकार भी आवेदन कर सकें और उन्हें केवल योजना में नाम दर्ज कराने के बजाय वास्तव में घर खरीदने का अवसर मिले।
पंजीयन शुल्क और किस्तों में राहत की मांग
फ्लैट की कीमत के साथ पंजीयन और अन्य शुल्क भी खरीददारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हैं। इसी को देखते हुए संघ ने पंजीयन शुल्क अधिकतम 25 हजार रुपये तक सीमित रखने की मांग की है। इसके साथ ही फ्लैटों की कीमत में अतिरिक्त छूट देने, भुगतान के लिए लंबी अवधि की आसान किस्तें उपलब्ध कराने और कम ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
डॉ. बंसल ने कहा कि आवास योजना में दी जाने वाली राहत का आकलन केवल घोषित छूट से नहीं होना चाहिए। यह देखना भी जरूरी है कि योजना की शर्तों के बाद कितने पत्रकार वास्तव में फ्लैट खरीदने की स्थिति में हैं। यदि कीमत और किस्तें उनकी आय से अधिक रहेंगी, तो घोषित रियायतों का लाभ सीमित रह जाएगा।
कीमत और निर्माण लागत का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ ने प्रस्तावित फ्लैटों की कीमत और निर्माण लागत का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। संघ के मुताबिक, आवास की कीमत तय करने से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि पत्रकार योजना की लागत, उपलब्ध छूट और भुगतान की शर्तों को समझकर निर्णय ले सकें।
संघ ने यह भी कहा कि पत्रकारों की आवासीय जरूरतों पर विचार जयपुर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रदेश के अन्य जिलों में रहने वाले अधिस्वीकृत पत्रकारों को भी योजना के दायरे में लाने और उनकी जरूरतों के अनुरूप आवास उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
संशोधित विज्ञप्ति जारी कराने का आग्रह
डॉ. अखिल बंसल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पत्रकारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त रियायतों पर निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने पंजीयन शुल्क 25 हजार रुपये तक सीमित करने, पांच लाख रुपये की आय सीमा की समीक्षा करने और भुगतान की शर्तों को आसान बनाने के लिए राजस्थान आवासन मंडल से संशोधित विज्ञप्ति जारी कराने की मांग की।
संघ का कहना है कि योजना की सफलता इस बात से तय होगी कि पत्रकार अपनी आय के अनुरूप घर खरीद पाते हैं या नहीं। उसने सरकार से ऐसी किफायती आवास व्यवस्था करने का आग्रह किया है, जिसका लाभ सीमित आय वाले पत्रकार भी उठा सकें।
