बछोड़िया में गरबा और डांडिया रास की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में सजीं बालिकाएं और महिलाएं
माता जी मंदिर और श्री सिद्धेश्वर महादेव बालाजी मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर हो रहे आयोजन
संवाददाता: अर्जुन कुमावत
बछोड़िया। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर बछोड़िया गांव में भक्ति और उत्साह का माहौल है। गांव के माता जी मंदिर और श्री सिद्धेश्वर महादेव बालाजी मंदिर प्रांगण में गरबा और डांडिया रास का आयोजन किया जा रहा है। संध्या आरती के बाद ग्रामीणजन एकत्र होकर माता की आराधना करते हैं और पारंपरिक गरबा में हिस्सा लेते हैं। आयोजन में बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दे रही है।
मंदिर परिसर में सजावट और भक्ति गीतों की गूंज
दोनों मंदिरों के प्रांगण को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। पंडाल में माता रानी की आराधना के साथ भक्ति गीतों की गूंज रहती है। डांडिया की थाप और गरबा गीतों पर थिरकते प्रतिभागियों से आयोजन स्थल का वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठता है।
पारंपरिक चनिया-चोली और सुंदर साड़ियों में सजी बालिकाएं और महिलाएं समूह में गरबा करती हैं। हाथों में डांडिया लेकर ताल से ताल मिलाते प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता है। मंदिर परिसर में नवरात्रि के रंग और लोक संस्कृति की झलक एक साथ देखने को मिल रही है।
आरती के बाद गरबा रास में शामिल हो रहे ग्रामीण
गरबा और डांडिया रास का आयोजन प्रतिदिन संध्या आरती के बाद किया जाता है। आरती में शामिल होने के बाद ग्रामीणजन आयोजन स्थल पर रुकते हैं और भक्ति गीतों के साथ गरबा में हिस्सा लेते हैं। गांव और आसपास के क्षेत्र से श्रद्धालु तथा परिवारजन भी कार्यक्रम देखने और माता की आराधना करने पहुंच रहे हैं।
आयोजन में हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता दिखाई दे रही है। बालिकाएं और महिलाएं पारंपरिक नृत्य में उत्साह से शामिल होती हैं, वहीं ग्रामीणजन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर प्रांगण में प्रतिदिन जुटने वाले श्रद्धालुओं से गांव में पर्व का माहौल बना हुआ है।
संस्कृति और सामाजिक मेल-जोल का अवसर
मंदिरों में आयोजित गरबा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारंपरिक लोक संस्कृति को भी सामने ला रहा है। गरबा और डांडिया जैसे लोकनृत्य नवरात्रि उत्सव का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को पारंपरिक नृत्य और परिधानों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
ग्रामीणजन के लिए यह आयोजन साथ मिलकर पर्व मनाने और आपसी मेल-जोल बढ़ाने का अवसर भी है। मंदिर परिसर में परिवारों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से उत्सव का सामूहिक स्वरूप दिखाई देता है। भक्ति गीतों, आरती और गरबा रास के बीच बछोड़िया में शारदीय नवरात्रि का उल्लास छाया हुआ है।
माता जी मंदिर और श्री सिद्धेश्वर महादेव बालाजी मंदिर प्रांगण में चल रहे आयोजन में प्रतिदिन ग्रामीणजन शामिल हो रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में सजी बालिकाओं और महिलाओं की प्रस्तुतियां तथा डांडिया की थाप नवरात्रि उत्सव को जीवंत बना रही है।
