Vehicle Number Plate Rules: नंबर प्लेट पर जाति, गोत्र या पद लिखना पड़ सकता है भारी
वाहन की प्लेट पर केवल निर्धारित रजिस्ट्रेशन मार्क होना चाहिए; नियम तोड़ने पर चालान हो सकता है, जुर्माने की राशि राज्य और उल्लंघन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है
नई दिल्ली। गाड़ी की नंबर प्लेट पर जाति, गोत्र, पद, राजनीतिक नारा या कोई अन्य शब्द लिखवाना वाहन चालक के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार, नंबर प्लेट पर वाहन का निर्धारित रजिस्ट्रेशन मार्क स्पष्ट और पढ़ने योग्य तरीके से प्रदर्शित होना चाहिए। प्लेट पर अतिरिक्त शब्द, डिजाइन या ऐसा बदलाव जिससे नंबर की पहचान प्रभावित हो, नियमों के अनुरूप नहीं है।
कई लोग निजी पहचान या दिखावे के लिए नंबर प्लेट पर अतिरिक्त शब्द लिखवा देते हैं। कुछ वाहनों पर निर्धारित अक्षरों और अंकों के साथ जाति या गोत्र का नाम जोड़ दिया जाता है, तो कहीं पद या राजनीतिक पहचान दर्शाने वाले शब्द लगाए जाते हैं। लेकिन नंबर प्लेट वाहन की आधिकारिक पहचान के लिए होती है। उसका प्रारूप, अक्षर और अंक निर्धारित नियमों के अनुसार होने चाहिए।
नियम में क्या कहा गया है?
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 50 में वाहनों पर रजिस्ट्रेशन मार्क प्रदर्शित करने का तरीका बताया गया है। नंबर आगे और पीछे स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। प्लेट तय स्वरूप में होनी चाहिए और रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़ने में बाधा नहीं आनी चाहिए। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर स्टिकर या चिपकने वाले लेबल लगाने की भी अनुमति नहीं है।
इसलिए नंबर प्लेट पर जाति, गोत्र, पद या नारा लिखवाना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। इसी तरह नंबर को बदलकर लिखना, अक्षरों और अंकों को अस्पष्ट करना, फैंसी फॉन्ट अपनाना या प्लेट को इस तरह ढकना कि नंबर ठीक से पढ़ा न जा सके—इनसे भी चालान हो सकता है।
कितना हो सकता है जुर्माना?
नंबर प्लेट से जुड़े चालान और जुर्माने की राशि हर जगह एक जैसी मानकर नहीं चलनी चाहिए। यह उल्लंघन की प्रकृति और संबंधित राज्य या शहर में लागू प्रवर्तन व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सूची में दोषपूर्ण, फैंसी या प्रदर्शित न की गई नंबर प्लेट के लिए पहली बार ₹5,000 और दोबारा उल्लंघन पर ₹10,000 का जुर्माना दर्ज है। यह दिल्ली की सूची में बताई गई राशि है; अन्य राज्यों में लागू दंड की पुष्टि स्थानीय ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग से करनी चाहिए
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे देश में हर ऐसी गलती पर एक ही निश्चित जुर्माना लगेगा। वाहन चालकों को अपने राज्य के लागू नियमों और चालान व्यवस्था की जानकारी रखनी चाहिए। यदि नंबर प्लेट में बदलाव किया गया है, तो उसे समय रहते निर्धारित स्वरूप में ठीक कराना बेहतर है।
नंबर प्लेट और गाड़ी की बॉडी में अंतर
नंबर प्लेट पर लिखे जाने वाले अतिरिक्त शब्दों और वाहन की बॉडी पर लगाए गए अलग स्टिकर में फर्क है। नियम 50 मुख्य रूप से रजिस्ट्रेशन मार्क के प्रदर्शन और प्लेट के स्वरूप से संबंधित है। इसलिए किसी वाहन की बॉडी पर लगे हर स्टिकर को अपने आप नंबर प्लेट का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता। हालांकि, ऐसा कोई स्टिकर या सजावट नंबर प्लेट को ढकती हो, नंबर पढ़ने में बाधा डालती हो या वाहन की पहचान प्रभावित करती हो, तो कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। नियम की सही व्याख्या और स्थानीय प्रवर्तन के लिए ट्रैफिक पुलिस की सलाह ली जा सकती है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी बातें
नंबर प्लेट पर वाहन का अधिकृत रजिस्ट्रेशन नंबर ही निर्धारित प्रारूप में रखें। प्लेट पर जाति, गोत्र, पद, स्लोगन या सजावटी अक्षर न जोड़ें। नंबर को साफ और पढ़ने योग्य रखें तथा उसके ऊपर कोई कवर, स्टिकर या ऐसा सामान न लगाएं जिससे अक्षर और अंक छिप जाएं। यदि नंबर प्लेट टूटी, बदली हुई या अस्पष्ट है, तो अधिकृत डीलर या संबंधित परिवहन विभाग से मानक प्लेट लगवाएं।
नियमों का पालन करने से चालान से बचने के साथ-साथ सड़क पर वाहन की पहचान भी स्पष्ट रहती है। वाहन चालकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नंबर प्लेट निजी संदेश या पहचान दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि वाहन का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन मार्क है।
